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DHFL Scam: एक करोड़ रुपये की घूस मांगने पर SFIO उपनिदेशक और वकील गिरफ्तार

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने डीएचएफएल ऋण घोटाले से जुड़े मामले में एक नेता-सह-व्यवसायी से एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में ‘गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय’ (एसएफआईओ) में पदस्थ भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के एक अधिकारी और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने 2017 बैच के आईआरएस अधिकारी हरीश कुमार तंवर, चेन्नई स्थित एसएफआईओ में उपनिदेशक के पद पर तैनात अधिकारी, दिल्ली के अधिवक्ता भरत शर्मा और उनके रिश्तेदार आर्यन शर्मा को गिरफ्तार किया है।

इन पर रिश्वत की पेशगी के तौर पर 20 लाख रुपये लेने का आरोप है। जांच एजेंसी के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, तंवर और शर्मा ने शिकायतकर्ता को 34,000 करोड़ रुपये के डीएचएफएल ऋण धोखाधड़ी से जुड़े मामले में एसएफआईओ की जांच में कथित तौर पर फायदा पहुंचाने के बदले एक करोड़ रुपये की अनुचित मांग की थी। सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, ‘‘शिकायत का सत्यापन करने और प्राथमिकी दर्ज करने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और एसएफआईओ के उपनिदेशक स्तर के एक अधिकारी, दिल्ली के एक अधिवक्ता और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया।

अधिवक्ता ने एसएफआईओ अधिकारी की ओर से शिकायतकर्ता से मांगी गई एक करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशगी के रूप में 20 लाख रुपये की अनुचित रकम ली थी।’’ बयान के अनुसार, जांच एजेंसी ने तंवर और शर्मा के परिसरों पर छापे मारे तथा मामले से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री जब्त की।

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Punjab में Sachin Pilot का दावा, बिना CM चेहरे के मिलकर चुनाव लड़ेगी Congress

कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने कहा है कि उनकी पार्टी पंजाब विधानसभा चुनाव में एक ‘मजबूत टीम’ के रूप में उतरेगी और राज्य में ‘‘100 प्रतिशत’’ अगली सरकार बनाएगी क्योंकि लोग बदलाव चाहते हैं। पिछले महीने कांग्रेस के पंजाब प्रभारी का पदभार संभालने वाले पायलट ने राज्य में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा पेश किए जाने की संभावना से भी इनकार किया और कहा कि चुनाव जीतने के बाद यह तय होगा कि किसको क्या जिम्मेदारी दी जानी है। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव संभावित हैं।

पायलट ने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि जनता से जनादेश मिलने के बाद कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं, नेताओं और विधायकों की राय सुनेगी और उसके बाद इस बारे में अंतिम फैसला करेगी कि पंजाब का नेतृत्व कौन करेगा। यह पूछे जाने पर कि क्रिकेट की शब्दावली के हिसाब से क्या उन्हें ऐसे समय पंजाब में बल्लेबाजी के लिए भेजा गया है जब जरूरी रन गति बहुत अधिक है, पायलट ने कहा कि भले ही प्रति ओवर 13 या 14 रन बनाने हों, ‘‘अगर आप जीतना चाहते हैं तो हर मुकाबला जीता जा सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पंजाब कांग्रेस और हमारे सभी कार्यकर्ता यह मुकाबला जीतना चाहते हैं। अपने लिए नहीं, बल्कि पंजाब को उस दिशा में जाने से बचाने के लिए, जिस ओर वह बढ़ रहा है।’’ पायलट ने कहा, ‘‘पंजाब ने पिछले वर्षों में अकाली दल-भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) की सरकारें देखी हैं, लेकिन कांग्रेस ही वह पार्टी थी जिसने वास्तव में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी, विकास कार्य कराए और राज्य में निवेश लाया।’’ पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह को ‘‘सबको साथ लेकर चलने वाला कप्तान’’ बताते हुए पायलट ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान ने राज्य के लगभग सभी नेताओं से संपर्क किया है और सभी ने सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया है।

उनका कहना था, ‘‘हम एक टीम के रूप में मिलकर काम कर रहे हैं। मैंने कुछ दिन पहले परगट सिंह जी से कहा था कि ‘आप ऐसे कप्तान हैं, जिनके पास शानदार टीम है और कप्तान उतना ही मजबूत होता है, जितनी उसकी टीम।’ इसलिए टीम के अंतिम एकादश के खिलाड़ी काफी मजबूत हैं।’’ पायलट ने कहा, ‘‘हमारे पास (प्रताप सिंह) बाजवा, (सुखजिंदर) रंधावा, (चरणजीत) चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग जैसे नेता हैं, जो अनुभवी हैं और जमीनी स्तर पर उनकी गहरी पकड़ है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी केवल मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निर्भर है, जबकि उसके बाकी नेताओं पर लगभग कोई चर्चा ही नहीं है।’’ पायलट ने एकजुटता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी टीम केवल कप्तान या उपकप्तान के भरोसे नहीं जीत सकती, बल्कि उसके लिए पूरी टीम के साथ खिलाड़ी, कोच और मैनेजर भी जरूरी होते हैं। पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर पायलट ने जोर देकर कहा, ‘‘100 प्रतिशत।’’ उनसे जब इस विश्वास की वजह पूछी गई तो उन्होंने कहा, ‘‘क्यों नहीं होगा?

मुझे अपनी पार्टी और अपने नेताओं पर पूरा भरोसा है। और मैं जानता हूं कि पंजाब के लोग तंग आ चुके हैं।’’ कांग्रेस को कितनी सीटें मिलने की उम्मीद है, इस सवाल पर पायलट ने कोई आंकड़ा बताने से इनकार किया और कहा, ‘‘मैं पंजाब के लोगों को जानता हूं, वे देने में पीछे नहीं रहते, जब देते हैं तो छप्पर फाड़ के देते हैं।’’ पंजाब में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद का कोई चेहरा नहीं होने के सवाल पर पायलट ने कहा कि उनकी पार्टी आम तौर पर मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं करती, सिवाय उन राज्यों के जहां वह सत्ता में होती है और मौजूदा मुख्यमंत्री स्वाभाविक रूप से चेहरा बनकर चुनाव अभियान का नेतृत्व करता है। उन्होंने कहा, ‘‘जब हम विपक्ष में होते हैं तो नेता प्रतिपक्ष, पार्टी अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता मिलकर काम करते हैं।

इसलिए बराबरी के लोगों में कोई एक प्रमुख हो सकता है, लेकिन मुख्यमंत्री पद का कोई चेहरा नहीं है।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम एक टीम के रूप में मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। पहले टीम को जीतने दीजिए। उसके बाद हम तय करेंगे कि किसे कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी।’’ यह पूछे जाने पर कि यदि कांग्रेस चुनाव जीतती है तो क्या वह भाजपा की तर्ज पर किसी चौंकाने वाले नाम को मुख्यमंत्री बना सकती है, जैसा कि भाजपा ने राजस्थान में भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाकर किया था, पायलट ने कहा, ‘‘भाजपा क्या करती है, मैं उस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता।

लेकिन अगर किसी नाम से चौंकाना ही है तो कम से कम कोई उपयुक्त नाम तो सामने लाना चाहिए। मेरा मतलब है कि भाजपा ऐसे नाम सामने ले आती है जिन्हें उसके कार्यकर्ता तक नहीं जानते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हम ऐसा नहीं करेंगे। हम अपने पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं और विधायकों की बात सुनेंगे और उसके बाद अंतिम फैसला करेंगे कि पंजाब का नेतृत्व कौन करेगा।’’

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  Sports

Jasprit Bumrah पर निर्भरता और दिशाहीन बॉलिंग, क्या T20 World Cup जीत पाएगी Team India?

भारतीय क्रिकेट टीम ने इस साल T20 विश्व कप का किताब एक बार फिर से अपने नाम किया है। यह लगातार दूसरा मौका है जब टीम इंडिया ने यह किताब जीता था। हालांकि, उसके बाद टीम इंडिया में कई परिवर्तन हुए। सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया। हालांकि वर्तमान स्थिति में देखें तो टीम इंडिया कई मौके पर लड़खड़ाती हुई नजर आ रही है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया ने आयरलैंड और इंग्लैंड में बेहद खराब प्रदर्शन किया। वर्तमान में देखें तो अपनी ही जमीन पर वेस्टइंडीज के खिलाफ भी लड़खड़ाती हुई नजर आ रही है। वर्तमान में देखें तो टीम इंडिया में ऐसी कई कमजोरी नजर आती है जो उसके 2028 T20 वर्ल्ड कप अभियान को कमजोर कर सकती है। T20 वर्ल्ड कप 2018 का आयोजन ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होना है।

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बल्लेबाजी में ये है कमजोरी

अगर टीम इंडिया को क्रिकेट में अपना दबदबा कायम रखना है तो समय रहते अपनी गलतियों और कमजोरियों को दूर करनी होगी। वर्तमान में देखें तो टीम इंडिया अपने ओपनिंग बल्लेबाजों पर ज्यादा डिपेंडेंट है। अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी ऐसे खिलाड़ी हैं जो मौका मिलने पर टीम को एक अच्छी शुरुआत दिलाने में कामयाब हो जा रहे हैं। इसके अलावा ईशान किशन भी तीसरे नंबर पर अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। लेकिन उसके बाद के खिलाड़ियों में निरंतरता की कमी देखी जा रही है जिसकी वजह से मिडिल ऑर्डर कमजोर सा दिखाई दे रहा है। ऐसे में टीम इंडिया वर्तमान में कई प्रयोग कर रही है। लेकिन विश्व कप जीतने के लिए मिडिल ओवर में स्थिरता बेहद जरूरी है।

ऑलराउंडर पर भी ज्यादा जोर

टीम इंडिया में वर्तमान में देखें तो ऑलराउंडर पर भी ज्यादा जोर दिया जा रहा है। यही कारण है कई प्रयोग हो रहा है। शिवम दुबे के अलावा वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, नीतीश कुमार रेड्डी, नमम धीर जैसे खिलाड़ियों को T20 में कई मौके दिए जा रहे हैं। कई बार यह खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन कई बार यह फ्लॉप होते हैं जिसका असर सीधे-सीधे टीम के प्रदर्शन पर पड़ता है। पहले हार्दिक पांड्या की उपस्थिति में कम से कम ऑलराउंडर का स्टॉल भरा रहता था। वर्तमान में हार्दिक पांड्या टीम में नहीं है। लेकिन अगर वह अपनी फिटनेस को साबित करने में कामयाब हो जाते हैं तो टीम की बड़ी समस्या सॉल्व हो सकती है।
 


गेंदबाजी बड़ी कमजोरी

टीम के लिए सबसे बड़ी कमजोरी वर्तमान में देखें तो गेंदबाजी है। जसप्रीत बुमराह अगर नहीं खेल रहे होते हैं तो गेंदबाजी बेहद ही कमजोर और दिशाहीन नजर आती है। अर्शदीप सिंह अनुभवी और सीनियर खिलाड़ी जरूर है। लेकिन बड़े मौके पर वह कुछ खास कमाल दिखाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। हाल के दिनों में का फॉर्म भी ऊपर-नीचे हो रहा है। इसके अलावा अर्शदीप के साथ टीम में किस गेंदबाज को मौका दिया जाए, यह बड़ा सवाल रह रहा है। मयंक यादव, प्रिंस यादव जैसे खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया। लेकिन अब तक इन्होंने कुछ खास कमाल नहीं किया है। यही कारण है कि न्यूजीलैंड दौरे के लिए अनुभवी भुवनेश्वर कुमार की 4 साल बाद टीम इंडिया में वापसी कराई गई है।

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स्पिनर्स कौन होंगे?

स्पिनर्स की बात करें तो अक्षर पटेल नियमित खेलते नजर आते हैं। लेकिन उनके साथ दूसरा स्पिनर कौन होगा यह बड़ा सवाल रहता है? कभी टीम में वॉशिंगटन सुंदर होते हैं तो कभी कुलदीप यादव को मौका मिल जाता है। इसके अलावा वरुण चक्रवर्ती ने बीच में अच्छा खेल दिखाया था। अगला विश्व कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होना है जहां तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी। ऐसे में टीम इंडिया को तेज गेंदबाजी पर खास ध्यान देना होगा। इसके अलावा फील्डिंग में भी टीम इंडिया लगातार कई बड़े मौके पर कैच छोड़ रही है जिसका नुकसान टीम को होता है। इसमें भी सुधार की जरूरत है।

Thu, 15 Oct 2026 18:37:00 +0530

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