Responsive Scrollable Menu

भदोही में सपा-भाजपा की साख दांव पर, ज्ञानपुर और औराई में भी कड़ा मुकाबला; जानें तीनों सीटों का इतिहास

यूपी में अगले साल चुनाव होने वाले हैं, जिसको लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी है. भदोही यूपी के प्रमुख जिलों में  भी शामिल है. यहां विधानसभा की भदोही, ज्ञानपुर और औराई तीन सीटें आती है.  भदोही जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर किसी एक पार्टी का पूर्ण दबदबा नहीं है. आइए जानते हैं भदोही विधानसभा के बारे में.

भदोही विधानसभा सीट का इतिहास

भदोही विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में स्थित एक सामान्य (GEN) श्रेणी की सीट है. भदोही विधानसभा सीट 1962 के विधानसभा चुनाव से अस्तित्व में आई. शुरुआती दिनों में यह सामान्य सीट थी, बाद में कुछ समय के लिए अनुसूचित जाति (SC) आरक्षित रही, और 2008 के परिसीमन के बाद फिर सामान्य सीट बन गई. भदोही जिला 1994 में बना (कालीन नगरी के नाम से प्रसिद्ध). जिले का नाम कई बार बदला गया है; हाल ही में (अक्टूबर 2026) इसे फिर संत रविदास नगर भदोही नाम दिया गया.
जिले में कुल तीन विधानसभा सीटें हैं: भदोही, ज्ञानपुर और औराई।

पार्टियों का दबदबा

इस सीट पर कांग्रेस और भाजपा 3, सपा 4 बार (उपचुनाव सहित), बसपा 2 बार और अन्य (BKD, JNP, LKD, JD) एक-एक बार इस सीट पर जीत दर्ज की. भदोही की इस सीट पर 1960-80 के दशक में कांग्रेस का प्रभाव ज्यादा रहा, जिसके चलते कांग्रेस ने 1960-80 के दशक के बीच में तीन बार सरकार बनाई. वहीं, 1990 के बाद इस सीट पर किसी पार्टी का स्थायी दबदबा नहीं रहा. हाल ही के चुनाव की बात करे तो 2012 में सपा (जाहिद बेग) ने बसपा को हराया. 2017 में भाजपा (रवींद्र नाथ त्रिपाठी) ने सपा के प्रत्याशी जाहिद बेग को मात्र 1,105 वोट से हराया (बहुत कड़ी टक्कर) वहीं, 2022 में सपा (जाहिद बेग) ने भाजपा प्रत्याशी को 4,885 वोट से मात दी. जाहिद बेग को 1,00,738 वोट (लगभग 40%), रवींद्र नाथ त्रिपाठी को 95,853 वोट (लगभग 38%), बसपा को ~16% वोट मिले.

आपको बता दें कि इस सीट से समाजवादी पार्टी के जाहिद बेग विधायक हैं. सीट पर सपा और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला रहता है. बसपा भी तीसरी ताकत के रूप में मौजूद रहती है. जातिगत समीकरण (मुस्लिम, यादव, अन्य पिछड़ी जातियां, दलित और सवर्ण) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. कुल मिलाकर, भदोही विधानसभा सीट कोई एक पार्टी का गढ़ नहीं है. यह बदलती हुई राजनीतिक हवाओं के अनुसार सपा, भाजपा और कभी-कभी बसपा के बीच बंटती रही है. हाल के दो दशकों में सपा और भाजपा का मुकाबला सबसे कड़ा रहा है.

भदोही में जानें किस साल किस पार्टी और किस विधायक का रहा दबदबा

वर्ष विजेता पार्टी
1962 बंशीधर पांडेय कांग्रेस (INC)
1967 एच. राम कांग्रेस
1969 राम निहोर भारतीय क्रांति दल (BKD)
1974 राम निहोर BKD
1977 मिठाई लाल जनता पार्टी (JNP)
1980 बनवारी राम कांग्रेस (I)
1985 मूल चंद लोकदल (LKD)
1989 मूल चंद जनता दल (JD)
1991 पूर्णमासी पंकज भाजपा (BJP)
1993 मेवालाल बागी बसपा (BSP)
1996 पूर्णमासी पंकज भाजपा
2002 दीनानाथ भास्कर समाजवादी पार्टी (SP)
2007 अर्चना सरोज बसपा
2009 (उपचुनाव) मधुबाला पासी सपा
2012 जाहिद बेग सपा
2017 रवींद्र नाथ त्रिपाठी भाजपा
2022 जाहिद बेग सपा

ज्ञानपुर विधानसभा सीट का इतिहास

ज्ञानपुर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के भदोही (संत रविदास नगर) जिले में स्थित एक सामान्य (GEN) श्रेणी की सीट है. यह भदोही लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. ज्ञानपुर विधानसभा सीट 1950-60 के दशक से अस्तित्व में है. शुरुआती चुनावों में कभी-कभी SC आरक्षित रही, लेकिन बाद में सामान्य सीट बनी. यह भदोही जिले की तीन विधानसभा सीटों (भदोही, ज्ञानपुर और औराई) में से एक है. इस सीट पर विजय मिश्रा (विजय कुमार) का दबदबा रहा है, जिन्होंने 2002 से 2017 तक लगातार चार बार जीत दर्ज की. 2017 में सपा से टिकट न मिलने पर उन्होंने निषाद पार्टी से चुनाव लड़ा और जीते. 

ये भी पढ़ें: बदायूं की 6 विधानसभा सीटों का क्या है चुनावी इतिहास? जानें किसका रहा दबदबा

पार्टियों का दबदबा

ज्ञानपुर की इस सीट पर 1950-80 के दशक में कांग्रेस का दबदबा रहा. वहीं, 2002 से 2012 तक समाजवादी और 2017 से 2022 निषाद पार्टी (NISHAD / Nirbal Indian Shoshit Hamara Aam Dal) का दबदबा रहा. यह पार्टी भाजपा गठबंधन (NDA) की सहयोगी है. इस सीट पर विजय मिश्रा काफी 2002 से 2022 तक विधायक रहे हैं. 2017 में विजय मिश्रा (निषाद) ने भाजपा के महेंद्र कुमार बिंद को 20,230 वोट से हराया. वहीं, 2022 में विपुल दुबे (निषाद) ने सपा के राम किशोर बिंद को 6,231 वोट से हराया. विपुल दुबे को 73,446 वोट (लगभग 34%), राम किशोर बिंद को 67,215 वोट (लगभग 31%), विजय मिश्रा (अपनी नई पार्टी PMSP से) को ~16% और बसपा को ~14% वोट मिले. 2022 के चुनाव में विजय मिश्रा को काफी लंबे समय बाद चुनाव में हार का सामना करना पड़ा.  कुल मिलाकर इस सीट पर कोई एक पार्टी का स्थायी गढ़ नहीं रहा. शुरुआती दौर में कांग्रेस, फिर सपा (2002-12), और हाल के वर्षों में निषाद पार्टी का प्रभाव बढ़ा है. निषाद समुदाय का वोट यहां निर्णायक भूमिका निभाता है. ज्ञानपुर सीट पर हाल के दो चुनावों में निषाद पार्टी का कब्जा है, लेकिन सपा अभी भी मजबूत चुनौती देती है. जातिगत समीकरण (निषाद, बिंद, अन्य पिछड़ी जातियां और दलित) चुनाव परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं.

ज्ञानपुर में जानें किस साल किस पार्टी और किस विधायक का रहा दबदबा

वर्ष विजेता पार्टी
1957 बेचन राम गुप्ता / वेचन राम कांग्रेस (INC)
1962 हरिगैन राम कांग्रेस
1967 मुरलीधर भारतीय जनसंघ (BJS)
1969 बंशीधर पांडेय कांग्रेस
1974 रामरती बिंद भारतीय क्रांति दल (BKD)
1977 श्यामधर मिश्रा कांग्रेस
1980 बृद्धि नारायण कांग्रेस (I)
1985 शारदा प्रसाद बिंद कांग्रेस
1989 रामरती बिंद जनता दल (JD)
1991 लालचंद पांडेय भाजपा (BJP)
1993 रामकिशोर बिंद बसपा (BSP)
1996 गोरखनाथ पांडेय भाजपा
2002 विजय कुमार मिश्रा समाजवादी पार्टी (SP)
2007 विजय कुमार सपा
2012 विजय कुमार सपा
2017 विजय मिश्रा निषाद पार्टी (NISHAD)
2022 विपुल दुबे निषाद पार्टी (NISHAD)

औराई विधानसभा सीट का इतिहास

औराई विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के भदोही (संत रविदास नगर) जिले में स्थित अनुसूचित जाति (SC) आरक्षित सीट है. यह भदोही लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. औराई विधानसभा सीट 1960 के दशक से अस्तित्व में है. 2008 के परिसीमन के बाद यह SC आरक्षित सीट बनी (पहले कुछ समय सामान्य रही). भदोही जिले की तीन विधानसभा सीटों (भदोही, ज्ञानपुर और औराई) में से यह SC आरक्षित है. इस क्षेत्र में दलित (पासी, अन्य), बिंद, यादव, मुस्लिम और सवर्ण समुदायों का प्रभाव है.

 पार्टियों का दबदबा

औराई की इस सीट पर 1960 से 80 के दशक में कांग्रेस और जनता दल का दबदबा रहा. 1990 के दशक में भाजपा के रंगनाथ मिश्रा इस सीट से दो बार जीते. वहीं, 2002 से 2007 तक बसपा का दबदबा रहा. वहीं, 2012 में समाजवादी पार्टी और 2017 से 2022: भाजपा का कब्जा रहा. भाजपा के दीनानाथ भास्कर ने  2017 और 2022 के चुनाव में जीत हासिल की.  2017: दीनानाथ भास्कर (भाजपा) ने सपा की मधुबाला पासी को 19,779 वोट से हराया. 2022: दीनानाथ भास्कर (भाजपा) ने सपा की अंजनी को मात्र 1,647 वोट के बेहद कड़े मुकाबले में हराया. भाजपा को 93,691 वोट (लगभग 41.7%), सपा को 92,044 वोट (लगभग 41%), बसपा को लगभग 12.6% वोट मिले.

कुल मिलाकर औराई विधानसभा सीट किसी एक पार्टी का स्थायी गढ़ नहीं रहा. हाल के दो चुनावों (2017 और 2022) में भाजपा का दबदबा है, लेकिन सपा कड़ी चुनौती देती रही है. बसपा भी तीसरी ताकत के रूप में मौजूद रहती है. भदोही जिले का हिस्सा, कालीन उद्योग और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था. यहां दलित वोट (खासकर पासी समुदाय) निर्णायक भूमिका निभाते हैं. औराई सीट पर 2017 से भाजपा का कब्जा है, लेकिन 2022 का मुकाबला बेहद कड़ा रहा. जातिगत समीकरण (दलित, बिंद, यादव आदि) और स्थानीय मुद्दे चुनाव परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं.  
 

औराई में जानें किस साल किस पार्टी और किस विधायक का रहा दबदबा

वर्ष विजेता पार्टी
1967 निहाला सिंह कांग्रेस (INC)
1969 निहाला सिंह कांग्रेस
1974 गिरिजा शंकर पाठक भारतीय क्रांति दल (BKD)
1977 बेचूराम जनता पार्टी (JNP)
1980 योगेश चंद्र कांग्रेस (I)
1985 निहाला सिंह जनता पार्टी
1989 निहाला सिंह जनता दल (JD)
1991 योगेश चंद्र जनता दल
1993 रंगनाथ मिश्रा भाजपा (BJP)
1996 रंगनाथ मिश्रा भाजपा
2002 उदय भान सिंह बसपा (BSP)
2005 (उपचुनाव) रंगनाथ मिश्रा बसपा
2007 रंगनाथ मिश्रा बसपा
2012 मधुबाला पासी समाजवादी पार्टी (SP)
2017 दीनानाथ भास्कर भाजपा
2022 दीनानाथ भास्कर भाजपा

 

Continue reading on the app

क्यों न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के लिए चुने जाएंगे टीम इंडिया के दो अलग-अलग स्क्वाड, जानिए इसके पीछे की असली वजह

IND vs NZ ODI : भारतीय क्रिकेट में टेलैंट की कोई भी कमी नहीं है. आज के समय में इंडियन क्रिकेट टीम का नाम दुनिया भर में गुंजता है. एक समय था, तब टीम इंडिया को हर कोई हल्के में लेता था लेकिन आज के समय में भारतीय क्रिकेट टीम का हर कोई लोहा मानता है. इंडियन क्रिकेट टीम ने 1983 से अपना स्वर्णिम काल देखा, जब कपिल देव की कप्तानी में भारत ने पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जीता था. तब से भारत ने 2 वनडे वर्ल्ड कप जीते हैं. वहीं 3 टी20 वनडे वर्ल्ड कप इंडियन क्रिकेट टीम के नाम मौजूद हैं. अब इंडियन क्रिकेट टीम साल 2011 के बाद फिर से वनडे वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने का सपना देख रही है. 

इसके लिए इंडियन क्रिकेट टीम ने अपनी कमर कंस ली है. टीम इंडिया 2023 वनडे वर्ल्ड कप के अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखना 2027 वनडे वर्ल्ड कप में भी चाहेगी, जिसके लिए उसने तैयारियां शुरू करना चालू कर दिया है. वनडे वर्ल्ड कप 2027 साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में 2 अक्टूबर से लेकर 21 नवंबर तक खेला जाएगा. इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) तैयारियों में जुट गया है.

टीम इंडिया के लिए वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारी के लिए सबसे अहम दौरा न्यूजीलैंड का होने वाला है, जहां पर इंडियन क्रिकेट टीम 5 मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी. ये सीरीज आगामी वर्ल्ड कप की तैयारियों के मद्देनजर टीम इंडिया के लिए अहम होने वाली है. लेकिन अब कुछ ऐसा सामने आ रहा है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है. इस खबर के सामने आने के बाद इंडियन क्रिकेट टीम के फैंस अब सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि, ऐसा क्यों हो रहा है. 

ये वनडे वर्ल्ड कप 2027 को ध्यान में रखते हुए बहुत जरूरी समय है. ऐसे में इंडियन क्रिकेट टीम के स्क्वाड में उन्हीं खिलाड़ियों को शामिल करना चाहिए, जिनको आप वनडे वर्ल्ड कप 2027 में खिलाना चाहते हैं. लेकिन भारतीय चयनकर्ताओं ने एक नया प्लान बनाया है. इसके मुताबकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ 4 नवंबर से खेली जाने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज में टीम इंडिया दो अलग-अलग स्क्वाड के साथ खेलेगी. ऐसा क्यों होगा. टीम इंडिया दो अलग-अलग स्क्वाड के साथ क्यों खेलेगी. इसके पीछे की असली वजह क्या है और टीम इंडिया के स्क्वाड का ऐलान होने में देरी क्यों हो रही है. आइए इसके बारे में जानते हैं. 

टीम इंडिया के स्क्वाड में देरी क्यों?

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 4 नवंबर से लेकर 15 नवंबर तक खेले जाएंगे. इस सीरीज के लिए टीम इंडिया 28 अक्टूबर को न्यूजीलैंड के लिए उड़ान भरने वाली है. अब तक इस सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के दल का ऐलान नहीं हुआ है. प्रज्ञान ओझा के नेतृत्व वाली चयनसमिति ने इस सीरीज के लिए अब तक टीम इंडिया के स्क्वाड का ऐलान नहीं किया है.

इसकी वजह कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की फिटनेस पर अपडेट को माना जा रहा है. क्योंकि इन दिनों भारत के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या, तेज गेंदबाज हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा चोटिल हैं. ये सभी खिलाड़ी इस चोट से उभरने के लिए बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपना रिहैब पूरा कर रहे हैं. अब तक इन खिलाड़ियों की मैच फिटनेस पर चयनकर्ताओं को कोई भी रिपोर्ट नहीं मिली है, जिसके चलते चयन में देरी हो रही है. 

सिलेक्टर क्यों चुनेंगे 2 अलग-अलग स्क्वाड?

भारतीय क्रिकेट टीम का चयन सिलेक्टर उन सभी खिलाड़ियों की फिटनेस रिपोर्ट मिलने के बाद करना चाहते हैं, जो वनडे वर्ल्ड कप के लिए अहम है. लेकिन न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया के दो अलग-अलग स्क्वाड का चयन करने के पीछे की वजह कुछ और है. दरअसल, इंडियन क्रिकेट टीम को 15 नवंबर तक न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलनी है. इसके तुरंत बाद यानी सिर्फ 3 दिन बाद टेस्ट सीरीज खेलनी है. टेस्ट सीरीज का आगाज 19 नवंबर से होगा और अंत 1 दिसंबर को होगा.

ऐसे में भारतीय क्रिकेट टीम के सिलेक्टर वनडे सीरीज के लिए दो अलग-अलग स्क्वाड चुनना चाह रहे हैं. इस सीरीज के लिए पहले तीन वनडे मैचों में टीम इंडिया का अलग स्क्वाड होगा. जिसके कप्तान शुभमन गिल होंगे. उनसे बाद सीरीज के अंतिम दो वनडे मैचों के लिए श्रेयस अय्यर टीम की कप्तानी कर सकते हैं. सिलेक्टर ने ये फैसला टेस्ट सीरीज के लिए खिलाड़ियों को अच्छी तैयारी के लिए प्रोपर समय देने के लिए किया है.

क्योंकि वनडे और टेस्ट टीम के खिलाड़ी ज्यादातर अलग है. कुछ खिलाड़ी सिर्फ वनडे खेलते हैं और कुछ खिलाड़ी सिर्फ टेस्ट खेलते हैं. ऐसे में शुभमन गिल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, यशस्वी जायसवाल, मानव सुथार, आकिब नबी और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ियों के पास टेस्ट क्रिकेट के लिए खुद को न्यूजीलैंड की मुश्किल परिस्थितियों में तैयार करने का मौका होगा. क्योंकि इसमें से ज्यादातर खिलाड़ियों के वनडे स्क्वाड का हिस्सा होने की उम्मीद नहीं है. 

भारतीय वनडे क्रिकेट टीम के उपकप्तान श्रेयस अय्यर वनडे टीम में खेलते हैं और वो भारत की टी20 टीम के कप्तान हैं लेकिन रेड बॉल फॉर्मेट से उनका पत्ता साफ है. ऐसे में उनको अंतिम दो वनडे में कप्तानी मिल सकती है, वो उन खिलाड़ियों के साथ बाकी के दो मैच सीरीज खेलेंगे, जो प्लेयर टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं होंगे. न्यूजीलैंड की पिचें तेज गेंदबाज के लिए मददगार होती है.

WTC फाइनल में पहुंचना होगा इसकी मुख्य वजह

न्यूजीलैंड में रेड बॉल काफी ज्यादा स्विंग और सीम होती है. ऐसे में भारतीय टीम को तैयारी को पुख्ता करने के लिए समय चाहिए होगा. क्योंकि भारत को अगर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी (WTC) का फाइनल मुकाबले खेलना है तो उसे अपने टेस्ट मैच जीतने होंगे. अगर जीत भी नहीं पाए तो न्यूजीलैंड में मिली हार उसका डब्ल्यूटीसी का फाइनल खेलने का सपना तोड़ सकती हैं.

ये भी पढ़ें : 'ये हमारे लिए यादगार है...' PM नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स के चैंपियन खिलाड़ियों से की मुलाकात, जानें पदक विजेताओं को क्या कहा?

Continue reading on the app

  Sports

IND W vs ZIM W: जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम इंडिया को क्या मिलेगा? शेफाली वर्मा ने बताया प्लान

India vs Zimbabwe Women 1st T20I: भारत और जिम्बाब्वे के बीच पहला टी20 मैच 16 अक्टूबर को खेला जाएगा. रायपुर में खेला जाएगा मैच. Thu, 15 Oct 2026 19:20:41 +0530

  Videos
See all

Jio IPO 2026: Jio के IPO को लेकर निवेशकों में गजब का उत्साह | Investments | Jio Platforms #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-15T14:10:31+00:00

AAJTAK 2 LIVE | DELHI RAIN | WEATHER UPDATE | झमाझम बारिश का बड़ा अलर्ट जारी | AT2 LIVE #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-15T14:08:00+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers