व्यापारिक समझौतों से भारतीय निर्यातकों को दुनिया के 70 प्रतिशत बाजार तक मिली पहुंच : पीयूष गोयल
नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। भारत के पास अब दुनिया की ग्लोबल जीडीपी के 70 प्रतिशत हिस्से तक सीधी पहुंच है और ज्यादातर वैश्विक बाजारों में भारतीय निर्यात पर जीरो ड्यूटी है। यह बयान वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को दिया।
राष्ट्रीय राजधानी में एक इवेंट में गोयल ने कहा कि भारत ने पिछले तीन वर्षों में 38 देशों के साथ नौ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) किए हैं। इसमें उच्च आय वर्ग वाले देश भी शामिल हैं और दुनिया के ज्यादातर विकसित बाजारों तक अब भारतीय निर्यातकों की पहुंच है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 27-राष्ट्रों के ब्लॉक यूरोपीय संध, चार-राष्ट्र के ब्लॉक ईएफटीए, यूके, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ भारत ट्रेड डील कर चुका है, जबकि जापान और कोरिया आसियान देशों के साथ व्यापार समझौते पहले संपन्न हुए थे।
गोयल ने भारत के मेडटेक सेक्टर के आग्रह किया कि वह घरेलू बाजार से आगे बढ़कर देखें और भारत के व्यापार समझौतों का लाभ उठाएं, जो कि दुनिया की 70 प्रतिशत जीडीपी तक पहुंच प्रदान करते हैं।
मंत्री ने कहा कि सस्ती और स्केलेबल मेडिकल टेक्नोलॉजी भारत के दूरदराज के हिस्सों तक पहुंचने में मदद कर सकती है और अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, मध्य एशिया, दक्षिण पूर्व एशिया और विकसित अर्थव्यवस्थाओं के वैश्विक बाजारों तक भी पहुंच बना सकती है।
मंत्री के अनुसार, स्टार्टअप को खुद को घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रखना चाहिए और वैश्विक मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेना चाहिए।
उन्होंने आश्वासन दिया कि वाणिज्य मंत्रालय प्रतिनिधिमंडलों का समर्थन करेगा और 190 से अधिक देशों में भारत के मिशन नवप्रवर्तकों की सहायता के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने विकसित बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए 100 से अधिक देशों में मौजूद वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग को भी प्रोत्साहित किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किफायती और स्केलेबल मेडटेक उत्पाद लागत को कम कर सकते हैं। इनोवेशन को भारत की रोजमर्रा की जरूरतों और जमीनी स्तर की अनिवार्यताओं को पूरा करना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित स्टार्टअप्स का जिक्र करते हुए, गोयल ने कहा कि कई ने सीडीएससीओ अनुमोदन प्राप्त कर लिया है और कुछ एफडीए अनुमोदन प्राप्त करने के कगार पर हैं, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने में मदद मिलेगी।
--आईएएनएस
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बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से आप लोगों को क्या पड़ेगा फर्क, जानें कौन-कौन सी सेवाएं होंगी प्रभावित
देश भर में 12 फरवरी को सभी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे. देश के बड़े बैंक संगठनों ने हड़ताल का ऐलान किया है. हड़ताल की वजह से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ग्राहकों को जानकारी दी है कि 12 फरवरी को हड़ताल की वजह से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती है. हड़ताल के वजह से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों को जानकारी दी है कि 12 फरवरी को बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. आईडीबीआई को भी यूनियन ने हड़ताल का नोटिस दिया है.
वैसे तो RBI या फिर अन्य बैंकों ने इस दिन छुट्टी की घोषणा नहीं की है लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल में शामिल होने की वजह से शाखाओं में कामकाज पर प्रभाव पड़ेगा.
नए लेबर कोड का विरोध कर रहे कर्मचारी
हड़ताल की मुख्य वजह केंद्र सरकार के नए चार लेबर कोड्स हैं. यूनियनों का कहना है कि कोड 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह आएंगे. इस वजह से कर्मचारियों के अधिकारों में कटौती होगी और ट्रेड यूनियनों का रजिस्ट्रेशन करवाना मुश्किल हो जाएगा.
बैंकिंग सेक्टर में फाइव-डे वर्किंग लागू करने की तैयारी
बैंक कर्मचारी लंबे वक्त से बैंकिंग सेक्टर में 5-डे वर्किग लागू करने की मांग कर रहे हैं. यूनियनों ने तर्क दिया है कि काम के बढ़ते दबाव के वजह से कर्मचारियों का वर्क-लाइफ बैलेंस बिगड़ रहा है. वर्तमान में बैंकों में दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है, जिस वजह से कर्मचारियों का कहना है कि हर शनिवार को छुट्टी दी जाए.
हड़ताल से आम आदमी को क्या फर्क पड़ेगा
- ब्रांच के काम ठप हो सकते हैं
- चेक क्लियरेंस में देरी
- ATM में कैश की किल्लत
- लोन और सरकारी काम
कौन-कौन सी सर्विसेज चालू रहेंगी?
- UPI और डिजिटल पेमेंट
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