बांग्लादेश समझौते का भारत और अमेरिका के बीच व्यापार अधिशेष पर कोई असर नहीं पड़ेगा और यह 90 अरब डॉलर पार कर सकता है: एसबीआई
नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के बाद भारत का व्यापार अधिशेष (ट्रेड सरप्लस) सालाना 90 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है। गुरुवार को जारी एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे भारत को हर साल कम से कम 45 अरब डॉलर का अतिरिक्त फायदा हो सकता है, जो देश की जीडीपी का लगभग 1.1 प्रतिशत है। साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 3 अरब डॉलर की बचत भी हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप और ब्रिटेन के साथ हुए समझौतों के बाद अमेरिका के साथ हुआ यह समझौता भारत को एक खास रणनीतिक स्थिति में पहुंचाता है। इससे भारत और उसके निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलेगा, जबकि देश अपने संवेदनशील क्षेत्रों में कोई बड़ा समझौता नहीं कर रहा है।
एसबीआई के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्य कांति घोष ने कहा कि शुरुआती अनुमान के अनुसार भारतीय निर्यातक एक वर्ष में शीर्ष 15 उत्पादों का निर्यात अमेरिका को 97 अरब डॉलर तक बढ़ा सकते हैं। अन्य उत्पादों को मिलाकर यह आंकड़ा 100 अरब डॉलर से भी अधिक हो सकता है। वहीं अमेरिका से भारत में हर साल 50 अरब डॉलर से अधिक का आयात होने की संभावना है (सेवाओं को छोड़कर)।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में अमेरिका के साथ भारत का व्यापार अधिशेष 40.9 अरब डॉलर था। वित्त वर्ष 2026 (अप्रैल-दिसंबर) में यह 26 अरब डॉलर रहा और आने वाले समय में यह सालाना 90 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है।
अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौते पर भी रिपोर्ट में चर्चा की गई है। अमेरिका भारत से लगभग 7.5 अरब डॉलर का कपड़ा आयात करता है और लगभग इतनी ही मात्रा में बांग्लादेश से भी आयात करता है। हालांकि दोनों देशों से आयात किए जाने वाले उत्पाद अलग-अलग प्रकार के होते हैं। उदाहरण के लिए, अमेरिका बांग्लादेश से अधिक मात्रा में परिधान (बुने हुए नहीं) आयात करता है, जबकि अन्य तैयार वस्त्रों का आयात भारत से अधिक मात्रा में होता है।
हाल ही में अमेरिका और बांग्लादेश के बीच हुए समझौते में बांग्लादेशी सामान पर टैरिफ घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही एक शर्त भी रखी गई है कि अगर बांग्लादेश अमेरिका से कपास और मानव निर्मित फाइबर आयात करेगा, तो कुछ मात्रा में उसके कपड़ा उत्पादों पर शून्य टैरिफ लागू होगा। इससे यह आशंका जताई गई कि भारतीय कपड़ा निर्यातकों पर असर पड़ सकता है।
हालांकि एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका से कच्चा माल आयात करना भारत की तुलना में महंगा पड़ेगा, इसलिए भारत की प्रतिस्पर्धा क्षमता कमजोर नहीं होगी। अगर अमेरिका की कपास बांग्लादेश को निर्यात की जाने वाली भारत की 10 प्रतिशत कपास और 2 प्रतिशत मानव निर्मित फाइबर की जगह ले भी ले, तो भारत को केवल लगभग 1 अरब डॉलर का छोटा नुकसान हो सकता है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यूरोप के साथ हुए हालिया समझौते से भारत के लिए 260 अरब डॉलर के कपड़ा बाजार में बिना शुल्क (जीरो ड्यूटी) प्रवेश का रास्ता खुल गया है। इससे भारतीय कपड़ा उद्योग को बड़ा फायदा मिल सकता है।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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पानी में खेलने से मछली पकड़ने तक, खराब सड़कों से तंग ब्रिटेन की महिला ने यूं सिखाया सबक, वीडियो बनाकर उड़ाया मजाक
सड़क पर गड्ढे कई बार बड़ी परेशानी का कारण बन जाते हैं. दुर्घटनाओं की संभावना भी अधिक हो जाती है. शिकायतें मिलने के बाद भी स्थानीय काउंसिल इस पर ध्यान नहीं देते तो आम लोगों की दिक्कतें और बढ़ जाती हैं. ऐसे ही एक महिला को जब सड़क पर बने गड्ढों से परेशानी हुई तो उसने स्थानीय काउंसिल को सबक सिखाने के लिए ऐसा तरीका अपनाया जिसकी लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं. मामला ब्रिटेन का है, यहां एक महिला सड़क के गड्ढों से परेशान हो गई उसने कई बार स्थानीय काउंसिल को इसकी जानकारी दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.
महिला ने बनाया मजेदार वीडियो
महिला ने स्थानीय काउंसिल को सबक सिखाने के लिए मजेदार स्पूफ वीडियो बनाए.इन वीडियो में उन्होंने ‘Baywatch’ का मशहूर स्लो-मो रन दोहराया. लेकिन समुद्र किनारे नहीं, बल्कि गड्ढों से भरी सड़क पर. वीडियो में वह लाल स्विमसूट जैसी ड्रेस में सड़क पर दौड़ती दिखती हैं. चारों ओर पानी से भरे गड्ढे नजर आते हैं. कहीं कच्ची मरम्मत की गई है, तो कहीं बजरी बिखरी पड़ी है.
गड्ढों में मछली पकड़ते दिखीं महिला
सिर्फ एक वीडियो ही नहीं, उन्होंने कई और क्लिप्स भी शेयर किए. एक वीडियो में वह गड्ढे में जमा पानी के पास बैठकर मछली पकड़ने का अभिनय करती दिखीं.उन्होंने मजाक में कहा कि यह जगह अब “स्थानीय फिशिंग स्पॉट” बन चुकी है. दूसरे वीडियो में सड़क पर भरे पानी को स्विमिंग पूल जैसा दिखाया गया. वह सीढ़ी लगाकर ऐसे खड़ी होती है जैसे किसी पूल की लाइफगार्ड हो. मानो कोई तैराक मुसीबत में हो और उन्हें बचाना हो. उनका अंदाज भले ही हास्य से भरा हो, लेकिन संदेश गंभीर है.
सड़क सुरक्षा पर उठाए सवाल
महिला का कहना है कि खराब सड़कें सिर्फ असुविधा नहीं हैं. यह सुरक्षा का बड़ा मुद्दा है. कार चालकों के लिए यह नुकसानदेह है. मोटरसाइकिल सवारों के लिए और भी खतरनाक. बारिश के बाद हालात और खराब हो जाते हैं. गहरे गड्ढे पानी में छिप जाते हैं. इससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है. उनका दावा है कि कई बार मरम्मत कामचलाऊ होती है. कुछ हफ्तों बाद वही जगह फिर टूट जाती है.
सोशल मीडिया पर लोगों ने किया महिला का किया सपोर्ट
महिला के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. लाखों लोग उन्हें देख चुके हैं. कई लोगों ने कमेंट कर उनका सपोर्ट किया. लोगों का कहना है कि उन्होंने सही मुद्दा उठाया है. कुछ ने अपने शहरों की खराब सड़कों की तस्वीरें भी साझा कीं. यह अभियान अब सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं रहा. यह सड़क सुरक्षा पर बड़ी बहस बन चुका है.
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