Insurance Sector FDI | बीमा क्षेत्र में बड़ा सुधार! सरकार ने 100 प्रतिशत FDI को दी मंजूरी, 'सबका बीमा सबकी रक्षा' की ओर बढ़ते कदम
भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने और बीमा कवरेज के दायरे को बढ़ाने के उद्देश्य से, केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए बीमा कंपनियों में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को अधिसूचित कर दिया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी की है। यह कदम इस संबंध में कानून के पारित होने के बाद उठाया गया है। डीपीआईआईटी ने एक अधिसूचना में कहा कि भारत सरकार ने बीमा क्षेत्र पर मौजूदा एफडीओ नीति की समीक्षा की है और समय-समय पर संशोधित समेकित एफडीआई नीति 2020 के तहत संशोधन किए हैं।
इसे भी पढ़ें: Iran Protest : विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ कार्रवाई में अब तक 7,000 से अधिक की मौत, मानवाधिकार समूह का दावा
बीमा कंपनियों में स्वचालित मार्ग के तहत 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति है। वहीं, भारतीय जीवन बीमा निगम के मामले में, स्वचालित मार्ग के माध्यम से केवल 20 प्रतिशत की अनुमति है। संसद ने दिसंबर में सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानूनों में संशोधन) विधेयक, 2025 पारित किया। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह विधेयक कानून बन गया।
इसे भी पढ़ें: शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं बल्कि राष्ट्र की मजबूत आधारशिला: Arif Mohammad Khan
महत्वपूर्ण जानकारी इस खबर से जुड़ी-
'सबका बीमा सबकी रक्षा' का लक्ष्य
दिसंबर 2025 में संसद द्वारा पारित इस कानून का मुख्य उद्देश्य देश के अंतिम व्यक्ति तक बीमा सुरक्षा पहुँचाना है। 100% FDI की अनुमति से निम्नलिखित लाभ होने की उम्मीद है:
पूंजी का प्रवाह: विदेशी कंपनियों के आने से बीमा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में पूंजी का निवेश होगा।
तकनीकी विकास: वैश्विक बीमा दिग्गजों के प्रवेश से नई तकनीकों और उन्नत डिजिटल सेवाओं का लाभ भारतीय ग्राहकों को मिलेगा।
प्रतिस्पर्धा और कम प्रीमियम: बाजार में अधिक खिलाड़ियों के होने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे पॉलिसी की कीमतें (प्रीमियम) कम हो सकती हैं और बेहतर उत्पाद उपलब्ध होंगे।
रोजगार के अवसर: बीमा क्षेत्र के विस्तार से हजारों नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।
LIC के लिए अलग नियम क्यों?
हालांकि निजी क्षेत्र के लिए सीमा 100% कर दी गई है, लेकिन भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मामले में सरकार ने सतर्क रुख अपनाया है। LIC एक विशेष वैधानिक निगम है, इसलिए इसमें स्वचालित मार्ग के माध्यम से केवल 20 प्रतिशत विदेशी निवेश की ही अनुमति दी गई है। यह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के लिए उपलब्ध मौजूदा सीमा के अनुरूप है।
स्वचालित मार्ग (Automatic Route) का क्या अर्थ है?
स्वचालित मार्ग का अर्थ है कि विदेशी निवेशकों या भारतीय कंपनियों को बीमा क्षेत्र में निवेश करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या सरकार से पूर्व अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें केवल निवेश प्राप्त करने के बाद संबंधित अधिकारियों को सूचित करना होगा।
बीमा क्षेत्र में 100% FDI को हरी झंडी देना भारत के 'वित्तीय समावेशन' (Financial Inclusion) के सपने को पूरा करने की दिशा में एक साहसिक कदम है। इससे न केवल विदेशी निवेशकों का भारत पर भरोसा बढ़ेगा, बल्कि देश के आम नागरिकों को भी अधिक सुरक्षित और किफायती बीमा विकल्प मिल सकेंगे।
World Bank की बड़ी मदद, Himachal Pradesh में आपदा के बाद Reconstruction के लिए 24.5 करोड़ डॉलर का लोन मंजूर
विश्व बैंक ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश में अधिक मजबूत बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और सामुदायिक स्वामित्व वाली कंपनियों को अधिक भरोसेमंद रोजगार में निवेश करने में सक्षम बनाने के लिए 24.5 करोड़ डॉलर के ऋण की मंजूरी दी। विश्व बैंक ने बयान में कहा कि हिमाचल प्रदेश पिछले तीन साल में प्रतिकूल मौसम की घटनाओं से प्रभावित रहा है। इसके परिणामस्वरूप अनुमानित एक अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।
बयान में कहा गया है कि 2023 और 2025 के मानसून के मौसम में भारी बारिश के कारण जानमाल का नुकसान हुआ, घरों और बुनियादी ढांचे को व्यापक क्षति पहुंची और स्कूलों, बाजारों और रोजगार तक पहुंच सीमित हो गई। जल आपूर्ति और स्वच्छता सेवाओं में व्यवधान ने कृषि और बागवानी उत्पादन को भी प्रभावित किया है। बयान में कहा गया है कि ‘विकास और आपदा पुनरुद्धार हिमाचल प्रदेश परियोजना (24.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर) के लिए मजबूत कार्ययोजना’ राज्य के आपदा बाद पुनरुद्धार प्रयासों का समर्थन करेगी और मजबूत बुनियादी ढांचे की बेहतर योजना और डिजाइन के माध्यम से भविष्य में आपदा के प्रभावों को कम करने में मदद करेगी।
कृषि, स्थानीय हस्तशिल्प और ग्रामीण पर्यटन क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं तक बेहतर पहुंच और आजीविका के बेहतर अवसरों से दस लाख से अधिक महिलाओं को लाभ होगा। बयान के अनुसार, सामुदायिक स्वामित्व वाले व्यवसायों में निवेश से 12,000 लोगों को नए या बेहतर रोजगार मिलेंगे और कारीगरों, उत्पादकों तथा किसानों के लिए नए बाजार संबंध बनेंगे।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
















/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)




