वनवेब को स्टारलिंक से पहले मिलनी चाहिए मंजूरी, हमने 5 साल पहले किया था आवेदन : सुनील मित्तल
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने बुधवार को कहा कि यूटेलसैट वनवेब को भारत में स्टारलिंक से पहले नियामकीय मंजूरी मिलनी चाहिए, क्योंकि कंपनी ने लगभग पांच साल पहले आवेदन किया था और मंजूरी की प्रक्रिया में वह काफी आगे है।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम 2026 में एक पैनल चर्चा के दौरान मित्तल ने कहा कि यूटेलसैट वनवेब ने भारत में सेवाएं शुरू करने के लिए जरूरी तैयारियां काफी पहले पूरी कर ली थीं, लेकिन इसके बावजूद कंपनी अभी तक मंजूरियों का इंतजार कर रही है।
उन्होंने कहा कि कंपनी का ग्राउंड नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर पिछले तीन वर्षों से तैयार है, जबकि उसके सैटेलाइट लगभग पांच वर्षों से भारत के ऊपर अपनी स्थिति में मौजूद हैं।
मित्तल ने कहा, जैसा कि मैं पहले भी कह चुका हूं, हम अपनी मंजूरियों का इंतजार कर रहे हैं। मेरा मानना है कि मंजूरी की कतार में हम उनसे काफी आगे हैं, क्योंकि हमने पांच साल पहले आवेदन किया था।
उन्होंने कहा कि चूंकि यूटेलसैट वनवेब ने मंजूरी प्रक्रिया में काफी पहले प्रवेश किया था, इसलिए यदि उसे स्टारलिंक से कुछ दिन पहले भी आवश्यक स्वीकृतियां मिल जाती हैं तो कंपनी को खुशी होगी।
मित्तल ने कहा, हमारे ग्राउंड नेटवर्क पिछले तीन वर्षों से तैयार हैं और हमारे सैटेलाइट पिछले पांच वर्षों से भारत के ऊपर मौजूद हैं। इसके बावजूद हमें अभी तक जरूरी अनुमति नहीं मिली है। इसलिए यदि हमें उनसे कुछ दिन पहले भी मंजूरी मिल जाए तो हम बहुत खुश होंगे।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब एलन मस्क की अगुवाई वाली स्टारलिंक के भारत में प्रवेश को लेकर सार्वजनिक बहस तेज हो गई है। पिछले सप्ताह मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया था कि कुछ भारतीय कारोबारी देश में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवाएं शुरू करने की स्टारलिंक की योजना में बाधा डाल रहे हैं।
हालांकि, भारत सरकार ने मंजूरी प्रक्रिया में किसी तरह के पक्षपात या भेदभाव के आरोपों को खारिज कर दिया है। मस्क के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए संचार मंत्रालय ने कहा था कि सभी सैटेलाइट संचार ऑपरेटरों का मूल्यांकन निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण ढांचे के तहत किया जा रहा है।
मंत्रालय ने कहा था, फिलहाल तीनों संस्थाएं व्यापक रूप से नियामकीय प्रक्रिया के एक समान चरण में हैं। ऐसे में यह कहना कि मौजूदा ढांचा या उसका अनुपालन अनुचित अथवा भेदभावपूर्ण है, पूरी तरह निराधार और गलत है।
--आईएएनएस
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'ऊपर से नीचे तक... सबको देंगे सजा, अपने पास सबूत रखिए', राहुल गांधी ने पुलिस को खुली चेतावनी
Rahul Gandhi Press Conference: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और देशभर में एसआईआर को रोकने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शन को लेकर सियासी घमासान जारी है. इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बुधवार को मीडिया से रूबरू हुए. इस दौरान उन्होंने वहां उपस्थित छात्रों को एक दूसरे के कंधों पर हाथ रखकर कहा कि ये हिंदुस्तान है, इसे अच्छी तरह से देख लीजिए. यहां कोई हिंदू नहीं है कोई मुस्लिम नहीं है, कोई किसी जाति का नहीं है, कोई स्त्री नहीं है कोई पुरुष नहीं है. एक आवाज है एक प्रोटेस्ट है हिंदुस्तान की आवाज और आप इस आवाज के सामने खड़े हो.
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी इस आवाज के सामने खड़े हैं. मैं आपको सुझाव देता हूं इस आवाज के सामने खड़े मत होइए, इस आवाज के सामने कोई खड़ा नहीं हो सकता. उन्होंने दिल्ली पुलिस को लेकर कहा कि मैं आपको प्यार से कहना चाहता हूं, मैंने सारे छात्रों को कहा है कि वीडियो के साथ अपने पास रिकॉर्ड रखिए. इन सबको कहा है और हर स्टूडेंट से मैं कह रहा हूं आप वीडियो बनाइए और एविडेंस रखिए और एविडेंस हमारे पास भेजिए. जब ये पूरा का पूरा मामला खत्म होगा. तो फिर हम उस एविडेंस का हम प्रयोग करेंगे. जिनको सजा देनी होगी उनको हम सजा देंगे ज्ञानेश कुमार से लेकर ऊपर से नीचे तक.
राहुल गांधी ने कहा कि जो भी कांस्टेबल हमारे बच्चों पर हाथ उठा रहा है सभी का सबूत अपने पास रखिए और घबराइए मत. राहुल गांधी ने कहा कि एक प्रोटेस्ट है, एक आवाज है देश की आवाज और उस आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है. मैंने
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