10 ट्रेड यूनियनों के भारत बंद का मिला-जुला असर:US से ट्रेड डील के खिलाफ पंजाब में हड़ताल, देश में बैंकिंग सेवाओं पर असर नहीं
गुरुवार यानी कि 12 फरवरी 2026 को देशभर में ‘भारत बंद’ का आह्वान किया गया है, जिससे कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित है। किसान संगठनों और 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने इस हड़ताल का ऐलान किया है। पंजाब में भारत-अमेरिका की ट्रेड डील के खिलाफ हड़ताल पंजाब में भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के खिलाफ ट्रेड यूनियन, किसान संगठन और कर्मचारी संगठन आज हड़ताल पर हैं। कई जिलों में इसका मिलाजुला असर देखने मिल रहा है। कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी हड़ताल पर हैं, लेकिन रेगुलर कर्मचारी सेवाएं मुहैया करवा रहे हैं। सरकारी विभागों में कामकाज जरूर प्रभावित हो रहा है, लेकिन बिल्कुल बंद नहीं है। बैंक बंद नहीं हैं हड़ताल के चलते आम लोगों के मन में सवाल है कि क्या आज बैंक बंद रहेंगे? इसका जवाब है- नहीं। बैंक बंद नहीं हैं और सामान्य दिनों की तरह काम करेंगे। लेकिन हड़ताक के कारण कामकाज पर असर पड़ सकता है। तस्वीरों में देखें अन्य राज्यों के हाल... ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा कि देशभर के करीब 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर 12 फरवरी को एक दिन की हड़ताल करेंगे। यह हड़ताल निजीकरण, बिजली (संशोधन) विधेयक 2025, प्रस्तावित राष्ट्रीय बिजली नीति 2026 और पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि पहली बार संयुक्त किसान मोर्चा और दस केंद्रीय ट्रेड यूनियन बिजली कर्मचारियों के समर्थन में हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। उनका कहना है कि यह स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी औद्योगिक कार्रवाइयों में से एक हो सकती है। हड़ताल की प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग पर रोक, नियमित पदों पर सीधी भर्ती और आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण शामिल है। संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्रेड यूनियनों की मांगों का समर्थन किया है और कृषि मजदूर संगठनों का संयुक्त मोर्चा भी हड़ताल में शामिल हो रहा है। उनकी मांगों में मनरेगा की बहाली, ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ को वापस लेने, चार श्रम संहिताओं को रद्द करने, ड्राफ्ट सीड बिल और बिजली संशोधन विधेयक को वापस लेने जैसी मांगें शामिल हैं। संयुक्त मंच में INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, SEWA, AICCTU, LPF और UTUC शामिल हैं। इस बीच ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर (TUCC) ने हड़ताल के आह्वान को खारिज करते हुए इसे निराधार, गलत तरीके से तैयार और राष्ट्रीय हित के खिलाफ बताया है। संगठन ने कहा कि वह ऐसे आंदोलनों में भाग नहीं लेगा, जो श्रमिक कल्याण की बजाय राजनीतिक मांगों से प्रेरित हों।
UN का दावा- दिल्ली ब्लास्ट की जिम्मेदारी जैश ने ली:हमले के लिए महिला आतंकियों की भर्ती की; रिपोर्ट में पहलगाम हमले का भी जिक्र
यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने ली है। 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले पर एक कार में ब्लास्ट हुआ था जिसमें 15 लोगों की जान गई थी। इसकी जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी(NIA) कर रही है। एजेंसियों ने इसे व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल बताया था। रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र है। जिसमें कहा गया है कि पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकी भी मारे जा चुके हैं। यह रिपोर्ट UNSC की 1267 सैंक्शंस कमेटी को सौंपी गई है। कमेटी ISIS, अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों पर नजर रखती है। JeM ने बनाया महिला आतंकियों का संगठन रिपोर्ट के मुताबिक जैश प्रमुख मसूद अजहर ने अक्टूबर 2025 को महिला आतंकियों की एक अलग विंग बनाई थी। इसका नाम जमात-उल-मुमिनात है। यह विंग आतंकी गतिविधियों को सपोर्ट करने के लिए बनाई गई है। हालांकि ये विंग UN की लिस्ट में यह शामिल नहीं है। रिपोर्ट में सदस्य देशों के अलग-अलग आकलन का भी जिक्र है। कुछ देशों ने माना कि JeM आतंकी संगठन अभी भी टेररिस्ट एक्टिविटी को बढ़ावा दे रहा है। वहीं कुछ देशों ने इसे निष्क्रिय बताया है। NIA को भी जैश से जुड़े होने के लिंक मिले थे दिल्ली ब्लास्ट के बाद NIA ने जांच शुरू की थी। एजेंसी को भी जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद से जुड़े होने के लिंक मिले थे। इस मामले में अब तक 9 लोग गिरफ्तार हुए हैं। इनमें तीन डॉक्टर भी शामिल हैं। ये नेटवर्क को मदद करते थे। ---------------------------------------- ये खबर भी पढे़ं… जैश-ए-मोहम्मद ने पहली बार महिला आतंकियों की यूनिट बनाई:मसूद अजहर की बहन सादिया कमान संभालेगी; पति ऑपरेशन सिंदूर में मारा गया था पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने पहली बार महिला आतंकियों की एक अलग यूनिट बनाई है। इसका नाम 'जमात-उल-मोमिनात' रखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी जानकारी ग्लोबल आतंकी मौलाना मसूद अजहर के नाम से जारी एक लेटर के जरिए सामने आई। पूरी खबर पढ़ें…
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