पाक के स्टेबलकॉइन प्रयोग से और कमजोर हो सकता है पाकिस्तानी रुपया : रिपोर्ट
नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी क्रिप्टो फर्म वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल के साथ साझेदारी के माध्यम से डॉलर से जुड़े स्टेबलकॉइन को अपनाने की पाकिस्तान की योजना से देश की डॉलर पर निर्भरता बढ़ सकती है और इससे पाकिस्तान की व्यापक आर्थिक स्थिरता पर भी असर हो सकता है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।
डेली मिरर की रिपोर्ट में कहा गया है कि डॉलर से जुड़ा स्टेबलकॉइन मूल्य के भंडार और विनिमय के माध्यम के रूप में डॉलर को बढ़ावा देता है, जिससे पाकिस्तान की आम जनता पाकिस्तानी रुपए से दूर जाने के लिए प्रोत्साहित होगी और डॉलर की स्वीकार्यता बढ़ेगी।
रिपोर्ट में कहा गया कि स्टेबलकॉइन के जरिए मुद्रा प्रतिस्थापन से विनिमय दर पर दबाव बढ़ सकता है और पाकिस्तानी रुपए की कमजोरी को और तेज करने वाला एक चक्र सक्रिय हो सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया, एक ऐसे देश के लिए जिसकी मुद्रा कमजोर है, भुगतान संतुलन में बार-बार तनाव रहता है और मौद्रिक नीति के लिए सीमित गुंजाइश है, आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त डॉलर से जुड़े स्टेबलकॉइन की शुरुआत अस्थिरता को कम करने के बजाय बढ़ा सकती है।
इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टेबलकॉइन बैंकों को दरकिनार करते हुए, घरेलू और व्यावसायिक तरलता को विनियमित प्रणाली से बाहर के डिजिटल वॉलेट में स्थानांतरित कर देते हैं। पाकिस्तान में, जहां मौद्रिक नीति का संचरण बैंकों की बैलेंस शीट पर बहुत अधिक निर्भर करता है, इससे ब्याज दरों में बदलाव का प्रभाव कम हो सकता है और तरलता प्रबंधन जटिल हो सकता है।
रिपोर्ट में बताया गया कि बार-बार होने वाली मुद्रास्फीति में वृद्धि, तीव्र अवमूल्यन और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा संचालित स्थिरीकरण चक्रों के कारण पाकिस्तानी मुद्रा पर भरोसा पहले से ही डगमगा रहा है।
आईएमएफ ने बार-बार चेतावनी दी है कि स्टेबलकॉइन को व्यापक रूप से अपनाने से स्थानीय बैंकों से जमा राशि निकल सकती है और कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में मौद्रिक ढांचे कमजोर हो सकते हैं।
बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स ने भी तर्क दिया कि ऐसे उपकरण ठोस मुद्रा के बुनियादी मानदंडों पर खरे नहीं उतरते और मौद्रिक संप्रभुता के लिए जोखिम पैदा करते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने ऐतिहासिक रूप से क्रिप्टो को लेकर सतर्क रुख अपनाया है, इसके बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के परिवार से जुड़ी क्रिप्टो कंपनी, वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल के साथ हुए नए समझौते ने विदेशी नियंत्रण वाले स्टेबलकॉइन इकोसिस्टम को अर्ध-आधिकारिक वैधता प्रदान कर दी है, जो पाकिस्तान के भीतर की शक्तियों के दबाव में हुआ है।
रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि क्रिप्टो कॉइन निजी देनदारियां हैं, और इनकी स्थिरता भंडार की गुणवत्ता, साधन की कानूनी वैधता और संकट की स्थिति में जारीकर्ता की भुगतान क्षमता पर निर्भर करती है।
रिपोर्ट में बताया गया, विकसित अर्थव्यवस्थाओं में, ऐसे जोखिम मजबूत निगरानी और व्यापक बाजारों द्वारा कम किए जाते हैं। पाकिस्तान का न तो जारीकर्ता पर नियंत्रण है और न ही विदेशी नियंत्रण वाले स्टेबलकॉइन से जुड़े संकट को संभालने की क्षमता है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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SA vs AFG: T20 वर्ल्डकप के इतिहास का पहला डबल सुपर ओवर, अफगानिस्तान का टूटा दिल, जानिए मैच के टर्निंग पॉइंट्स
T20 World Cup 2026: अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी20 वर्ल्डकप के इतिहास का सबसे यादगार मुकाबला खेला गया. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में एक नहीं बल्कि 2 सुपर ओवर देखने को मिले. दूसरे सुपर ओवर की आखिरी गेंद पर अफगान टीम को हार का सामना करना पड़ा. जीत के लिए 6 रन की दरकार थी, लेकिन बैक टू बैक 3 सिक्स के बाद रहमानुल्लाह गुरबाज कैच आउट हो गए आइए जानते हैं इस धमाकेदार मुकाबले में कितने मोड़ आए.
गुरबाज का आउट होना
दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 187 रन बनाए थे लक्ष्य का जवाब देते हुए रहमानुल्लाह गुरबाज ने तूफानी शुरुआत दिलाई, सिर्फ 4 ओवर के भीतर उनकी टीम ने 50 रन का आंकड़ा पार कर लिया था. वहीं गुरबाज के आउट होने के बाद सब कुछ बदल गया. 13वें ओवर में केशव महाराज के सामने बड़ा शॉट खेलनी की फिराक में उन्होंने अपना विकेट गंवाया. जब विकेटकीपर आउट हुआ तो अफगानिस्तान ने 120 रन का आंकड़ा हासिल कर लिया था. गुरबाज ने 42 गेंदों में 4 चौके और 7 छक्कों की मदद से 84 रन बनाए.
रबाडा की ढीली गेंदबाजी
मैच का टर्निंग पॉइंट अफगानिस्तान की पारी के 20वें ओवर में आया. राशिद खान की टीम को जीत के लिए 13 रन की दरकार थी. कगीसो रबाडा ने इस ओवर में एक नहीं बल्कि 2 नो बॉल और एक वाइड गेंद डाली. दूसरी लीगल गेंद पर नूर अहमद ने सिक्स जड़ा , जिसके चलते 4 गेंदों में 5 रन रह गए. फिर चौथी गेंद नो-बॉल हुई और इस पर कुल 3 रन आ गए. आखिरी गेंद पर 2 रन की दरकार थी, नूर अहमद ने लॉंग ऑफ की दिशा में शॉट खेला और 2 रन बटोरने की कोशिश की लेकिन उनके साथी फजलहक फारुकी लाइन क्रॉस कर पाते उससे पहले ही रबाडा ने विकेट उड़ा दी.
ट्रिस्टन स्टब्स का सिक्स
अफगानिस्तान ने पहले सुपर ओवर में 17 रन बनाए थे, दक्षिण अफ्रीका ने इसका जवाब देते हुए पहली 2 गेंदों में 7 रन जड़ डाले. लेकिन तीसरी गेंद पर डेवॉल्ड ब्रेविस आउट हो गए. इसके बाद ट्रिस्टन स्टब्स क्रीज पर आए, चौथी गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर चौके की ओर चली गई. 5वीं गेंद खाली गई, ऐसे में प्रोटियाज टीम को जीत के लिए 7 रन की दरकार थी. आखिरी गेंद पर स्टब्स ने छक्का लगाकर स्कोर बराबर कर दिया और मैच दूसरे सुपर ओवर में गया.
बैक टू बैक 3 सिक्स
दूसरे सुपरे ओवर में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 24 रन जड़ डाले. जवाब में मोहम्मद नबी ने पहली गेंद खाली छोड़ी और दूसरी पर कैच आउट हो गए. जीत के लिए 4 गेंदों में 4 छक्कों की जरूरत थी. केशव महाराज गेंदबाजी कर रहे थे, रहमानुल्लाह गुरबाज ने उनके खिलाफ लगातार 3 छक्के जड़े, लेकिन आखिरी गेंद पर कैच आउट हो गए.
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