चीन का लॉन्ग मार्च-10 रॉकेट का निम्न-ऊंचाई उड़ान परीक्षण सफल
बीजिंग, 11 फरवरी (आईएएनएस)। चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष इंजीनियरिंग कार्यालय (सीएमएसईओ) के अनुसार, चीन ने बुधवार को दक्षिण चीन के हाईनान प्रांत के वनछांग अंतरिक्ष प्रक्षेपण स्थल पर लॉन्ग मार्च -10 वाहक रॉकेट प्रणाली के कम ऊंचाई वाले प्रदर्शन सत्यापन उड़ान परीक्षण और मेंगचोउ मानवयुक्त अंतरिक्ष यान प्रणाली के अधिकतम गतिशील एबॉर्ट फ्लाइट परीक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया।
यह परीक्षण लॉन्ग मार्च-10 रॉकेट के टेथर्ड इग्निशन टेस्ट, मेंगचोउ यान के जीरो-एल्टीट्यूड एबॉर्ट टेस्ट और लानय्वे चंद्र लैंडर के एकीकृत लैंडिंग-टेकऑफ सत्यापन सहित पिछले महत्वपूर्ण पड़ावों के बाद आयोजित किया गया था। यह चीन के मानवयुक्त चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम की एक और प्रमुख विकासात्मक उड़ान परीक्षण उपलब्धि है।
इस मिशन में एक नए रॉकेट मॉडल, एक नए मानवयुक्त अंतरिक्ष यान, नवनिर्मित प्रक्षेपण पैड और रॉकेट व यान दोनों के लिए समुद्री रिकवरी मिशन सहित कई प्रथम तथा विशेषताएं शामिल थीं।
अधिकारियों के अनुसार, परीक्षण में शामिल मेंगचोउ मानवयुक्त अंतरिक्ष यान मुख्य रूप से चीन के मानवयुक्त चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम के लिए है, साथ ही यह अंतरिक्ष स्टेशन सहित निचली पृथ्वी कक्षा के संचालन का भी समर्थन करेगा। इसका रिटर्न कैप्सूल कई बार पुन: उपयोग के लिए डिजाइन किया गया है।
यह परीक्षण लॉन्ग मार्च-10 रॉकेट का अपने प्रारंभिक प्रोटोटाइप विन्यास में पहला इग्निशन उड़ान मिशन, चीन का मानवयुक्त अंतरिक्ष यान का पहला अधिकतम गतिशील दबाव एबॉर्ट परीक्षण, देश के मानवयुक्त अंतरिक्ष यान रिटर्न कैप्सूल की पहली समुद्री स्प्लैशडाउन रिकवरी, और वनछांग के नवनिर्मित प्रक्षेपण पैड से पहला इग्निशन उड़ान मिशन था।
सफल परीक्षण ने रॉकेट के आरोहण और रिकवरी प्रदर्शन, साथ ही यान की अधिकतम गतिशील दबाव एबॉर्ट और रिकवरी कार्यक्षमताओं को सत्यापित किया। इसने कई इंजीनियरिंग प्रणालियों के बीच इंटरफेस संगतता को भी मान्य किया, जो भविष्य के मानवयुक्त चंद्र अन्वेषण मिशनों के लिए मूल्यवान उड़ान डेटा और इंजीनियरिंग अनुभव प्रदान करता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
केरल : हाई कोर्ट ने डिपोर्ट किए गए भारतीय नागरिक की मौत की जांच जारी रखने का आदेश दिया
कोच्चि, 11 फरवरी (आईएएनएस)। केरल हाई कोर्ट ने बुधवार को कुवैत से डिपोर्ट किए गए भारतीय नागरिक सूरज लामा के लापता होने और मौत के संबंध में दायर हेबियस कॉर्पस याचिका को बंद करने से इनकार कर दिया।
जस्टिस देवन रामचन्द्रन और जस्टिस एम.बी. स्नेहलता की डिवीजन बेंच ने विशेष जांच दल (एसआईटी) को अपनी जांच जारी रखने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने कहा कि लामा के भारत आने से लेकर उनकी बॉडी मिलने तक, पूरे घटनाक्रम की जांच की जानी चाहिए और उसे ठीक से डॉक्यूमेंट किया जाना चाहिए।
लामा को कुवैत से डिपोर्ट करके ऑफिशियल ऑर्डर पर कोच्चि भेजा गया।
कोर्ट ने कहा कि वह कमजोर लग रहा था और उसे सोचने-समझने या दूसरी दिक्कतें हो सकती थीं। इसके बावजूद, इमिग्रेशन और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने उसे क्लियरेंस दे दिया और बिना किसी मदद के एयरपोर्ट से जाने दिया।
गुमशुदगी की शिकायत दर्ज होने के बाद, पुलिस ने उसे प्रोटेक्टिव कस्टडी में ले लिया और कलामस्सेरी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
बाद में उसे छुट्टी दे दी गई क्योंकि डॉक्टरों को कथित तौर पर कोई मेडिकल दिक्कत नहीं मिली। इसके बाद, कलामस्सेरी से एक बॉडी मिली। एक फोरेंसिक रिपोर्ट ने कन्फर्म किया कि वह लामा ही था।
सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि 1 दिसंबर, 2025 की अंतरिम पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि लाश के बहुत ज्यादा सड़ने की वजह से मौत का कारण पता नहीं चल सका।
कोर्ट ने कहा कि मामला अभी भी पूरी तरह खुला है क्योंकि मौत का कारण अभी भी पता नहीं है। सिर्फ इसलिए याचिका बंद नहीं की जा सकती क्योंकि लाश की पहचान हो गई है। बेंच ने जांच अधिकारी को गुम केस फाइल और पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने सिटी पुलिस कमिश्नर या उसके बराबर रैंक के अधिकारी की अगुवाई वाली एसआईटी से भी जांच जारी रखने को कहा।
कोर्ट ने इमिग्रेशन क्लियरेंस, पुलिस हैंडलिंग और मेडिकल केयर सहित कई स्टेज पर चूक के आरोपों पर ध्यान दिया।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता के इस दावे को भी दर्ज किया कि हत्या की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने साफ किया, हम हत्या की जांच नहीं कर रहे हैं। हम लाश मिलने तक सीक्वेंस की जांच कर रहे हैं।
मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की गई है।
--आईएएनएस
एससीएच
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation



















