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30 की उम्र के बाद नहीं छूट रही मीठा खाने की आदत, इन सुपरफूड्स से करें मधुमेह को कंट्रोल

नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। 30 की उम्र के बाद खाने से लेकर सोने के समय में अगर परिवर्तन कर लिया जाए तो शरीर के आधे से ज्यादा रोग खुद-ब-खुद कम हो जाते हैं।

अच्छे स्वास्थ्य के लिए कहा जाता है कि 30 के बाद आहार में मीठा और नमक दोनों की मात्रा आधी कर देनी चाहिए, लेकिन सभी के लिए ये करना बहुत मुश्किल है। बात चाहे सामान्य लोगों की हो या फिर मधुमेह से पीड़ित लोगों की, आज हम ऐसे सुपरफूड्स की जानकारी लेकर आए हैं जिनसे रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित किया जा सकता है।

आयुर्वेद में आहार को भी औषधि माना है। अगर आहार संतुलित है तो जीवन भी संतुलित है। भविष्य में होने वाली मधुमेह की परेशानी से बचने के लिए या मधुमेह को नियंत्रित करने के सारे गुण आहार में मौजूद हैं। सबसे पहले आता है मैथी दाना और ओट्स। मैथी दाना और ओट्स दोनों ही मधुमेह को नियंत्रित करने और इंसुलिन रेजिस्टेंस को संतुलित करने में मदद करते हैं। दोनों में ग्लूकोमैनन और बीटा-ग्लूकान होता है जो घुलनशील फाइबर होते हैं और रक्त में शर्करा की मात्रा को बढ़ने नहीं देते।

दूसरा है दालचीनी और करेला। दालचीनी और करेला दोनों ही भारतीय रसोई का हिस्सा हैं। मधुमेह से बचाव के लिए हफ्ते में तीन बार करेले का सेवन करना चाहिए और दालचीनी का इस्तेमाल खाने में और सुबह खाली पेट पानी पीने में कर सकते हैं। करेला और दालचीनी सेल्स को एक्टिव करते हैं, जिससे सेल्स ग्लूकोज का अच्छे से इस्तेमाल कर पाते हैं।

तीसरा है दालें, अलसी, सत्तू, और इसबगोल। यह सारी चीजें आसानी से किचन में मिल जाती हैं, बस उन्हें अपने आहार का हिस्सा बनाना जरूरी है। इन सभी में मैग्नीशियम, ओमेगा-3, और फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं, और ये इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाते हैं। चौथा है फलों का सेवन। आहार तभी पूर्ण होता है जब दिन में एक फल का सेवन जरूर किया जाए। मधुमेह से पीड़ित मरीजों को अमरूद, सेब और नाशपाती का सेवन करना चाहिए क्योंकि ये फल लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल होते हैं जो शुगर तेजी से नहीं बढ़ने देते। इसके अलावा दिनचर्या में कई तरह के बदलाव करने की जरूरत होती है, जैसे रोजाना 30 मिनट पैदल चलना, हल्की एक्सरसाइज, प्रोसेस्ड फूड और मीठे पेय से दूरी और आखिर में पूरी नींद।

--आईएएनएस

पीएस/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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तन ही नहीं, मन के लिए भी आराम है जरूरी! जानें यूनानी चिकित्सा का सिद्धांत

नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। यूनानी सिद्धांतों में हरकत-ओ-सुकून नफसानी यानी मानसिक गतिविधि और मानसिक विश्राम को स्वस्थ जीवन का अहम आधार माना गया है। जिस तरह हमारा शरीर लगातार काम करता रहे और उसे आराम न मिले तो वह थककर बीमार पड़ जाता है, ठीक उसी तरह हमारा मन भी अगर लगातार तनाव, चिंता, डर या गुस्से में उलझा रहे तो उसका संतुलन बिगड़ जाता है।

यूनानी चिकित्सा सिद्धांतों के अनुसार, हमारे भीतर एक जीवन शक्ति होती है जिसे रूह कहा जाता है। यही रूह हमारे मानसिक और शारीरिक संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। जब हमारी भावनाएं संतुलित रहती हैं, सोच सकारात्मक होती है और हम जरूरत के मुताबिक मानसिक आराम लेते हैं, तो रूह भी संतुलन में रहती है और सेहत बेहतर बनी रहती है।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर शरीर की थकान को तो समझ लेते हैं, लेकिन मन की थकान को नजरअंदाज कर देते हैं। देर रात तक काम करना, मोबाइल और स्क्रीन पर लगातार समय बिताना, हर समय किसी न किसी चिंता में डूबे रहना या भविष्य की फिक्र में घुले रहना, ये सब मानसिक बोझ को बढ़ाते हैं।

यूनानी चिकित्सा कहती है कि मानसिक गतिविधि जरूरी है, क्योंकि सोच-विचार, सीखना और काम करना, ये सब जीवन का हिस्सा हैं। लेकिन हर चीज की तरह इसमें भी संतुलन होना चाहिए। अगर हरकत ज्यादा होगी और सुकून कम, तो बेचैनी, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा और मानसिक थकान जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। वहीं, अगर व्यक्ति बिल्कुल निष्क्रिय हो जाए और कोई मानसिक गतिविधि न करे, तो भी उदासी और सुस्ती बढ़ सकती है। इसलिए संतुलन ही असली कुंजी है।

मानसिक सुकून पाने के लिए बहुत बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। दिन में थोड़ा समय खुद के लिए निकालना, गहरी सांस लेना, प्रकृति के बीच कुछ पल बिताना, नमाज, ध्यान या प्रार्थना करना और सकारात्मक लोगों के साथ समय बिताना, ये छोटे-छोटे कदम मन को राहत देते हैं। साथ ही, अपनी सीमाओं को समझना भी जरूरी है। हर काम अपने ऊपर ले लेना और हर समय परफेक्ट बनने की कोशिश करना भी मानसिक दबाव बढ़ाता है।

यूनानी सिद्धांत हमें सिखाता है कि संयम अपनाएं, सकारात्मक सोच रखें और जरूरत पड़ने पर मन को विश्राम दें। जब मन शांत और संतुलित रहता है, तो उसका असर पूरे शरीर पर दिखाई देता है।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस

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  Sports

U19 World Cup 2026: आयुष म्हात्रे की ऐतिहासिक कप्तानी, सचिन तेंदुलकर से मिला खास तोहफा

जिम्बाब्वे में इतिहास रचकर लौटे भारत अंडर-19 टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे अब मुंबई में हैं और उनकी यह वापसी यादगार पलों से भरी रही। बता दें कि उनकी अगुवाई में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को फाइनल में सात विकेट से हराकर आईसीसी अंडर-19 विश्व कप का खिताब रिकॉर्ड छठी बार जीता है।

स्वदेश लौटने के बाद आयुष ने भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े नाम सचिन तेंदुलकर से मुलाकात की। यह मुलाकात युवा कप्तान के लिए खास बन गई, जब मास्टर ब्लास्टर ने उन्हें अपनी टेस्ट जर्सी भेंट की। जर्सी पर सचिन तेंदुलकर ने हाथ से लिखा संदेश भी दिया, जिसमें उन्होंने आयुष के उज्ज्वल करियर की कामना की।

आयुष म्हात्रे ने इस पल को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए भावुक शब्दों में लिखा कि वह बचपन में सचिन को स्क्रीन पर देखा करते थे और आज उनके घर पर खड़े होकर उनके सफर का एक हिस्सा हाथ में पकड़े हैं। उन्होंने इस सम्मान को जीवन भर संजोकर रखने की बात कही।

गौरतलब है कि विश्व कप जीत के बाद आयुष और उनके साथी खिलाड़ी उधव मोहन का अपने-अपने घरों में जोरदार स्वागत किया गया। मुंबई के विरार में आयुष को स्थानीय नायक की तरह सम्मान मिला, जहां परिवार, दोस्त और पड़ोसी बड़ी संख्या में जुटे। वहीं, उधव मोहन को नई दिल्ली में गर्मजोशी से स्वागत मिला।

मौजूद जानकारी के अनुसार आयुष म्हात्रे ने नॉकआउट मुकाबलों में टीम को आगे से लीड किया। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 51 गेंदों पर 53 रन बनाए, जबकि अफगानिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में 59 गेंदों पर 62 रन की अहम पारी खेली। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने सात पारियों में 214 रन बनाए और भारत के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।

हालांकि, टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन की रही। उन्होंने 439 रन बनाकर प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार जीता। फाइनल में उनकी 175 रन की विस्फोटक पारी ने कई अंडर-19 विश्व कप रिकॉर्ड तोड़े, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे।

कुल मिलाकर यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की मजबूत झलक मानी जा रही है, जिसमें आयुष म्हात्रे जैसे युवा नेतृत्वकर्ता अहम भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। 
Wed, 11 Feb 2026 23:34:06 +0530

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