तन ही नहीं, मन के लिए भी आराम है जरूरी! जानें यूनानी चिकित्सा का सिद्धांत
नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। यूनानी सिद्धांतों में हरकत-ओ-सुकून नफसानी यानी मानसिक गतिविधि और मानसिक विश्राम को स्वस्थ जीवन का अहम आधार माना गया है। जिस तरह हमारा शरीर लगातार काम करता रहे और उसे आराम न मिले तो वह थककर बीमार पड़ जाता है, ठीक उसी तरह हमारा मन भी अगर लगातार तनाव, चिंता, डर या गुस्से में उलझा रहे तो उसका संतुलन बिगड़ जाता है।
यूनानी चिकित्सा सिद्धांतों के अनुसार, हमारे भीतर एक जीवन शक्ति होती है जिसे रूह कहा जाता है। यही रूह हमारे मानसिक और शारीरिक संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। जब हमारी भावनाएं संतुलित रहती हैं, सोच सकारात्मक होती है और हम जरूरत के मुताबिक मानसिक आराम लेते हैं, तो रूह भी संतुलन में रहती है और सेहत बेहतर बनी रहती है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर शरीर की थकान को तो समझ लेते हैं, लेकिन मन की थकान को नजरअंदाज कर देते हैं। देर रात तक काम करना, मोबाइल और स्क्रीन पर लगातार समय बिताना, हर समय किसी न किसी चिंता में डूबे रहना या भविष्य की फिक्र में घुले रहना, ये सब मानसिक बोझ को बढ़ाते हैं।
यूनानी चिकित्सा कहती है कि मानसिक गतिविधि जरूरी है, क्योंकि सोच-विचार, सीखना और काम करना, ये सब जीवन का हिस्सा हैं। लेकिन हर चीज की तरह इसमें भी संतुलन होना चाहिए। अगर हरकत ज्यादा होगी और सुकून कम, तो बेचैनी, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा और मानसिक थकान जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। वहीं, अगर व्यक्ति बिल्कुल निष्क्रिय हो जाए और कोई मानसिक गतिविधि न करे, तो भी उदासी और सुस्ती बढ़ सकती है। इसलिए संतुलन ही असली कुंजी है।
मानसिक सुकून पाने के लिए बहुत बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। दिन में थोड़ा समय खुद के लिए निकालना, गहरी सांस लेना, प्रकृति के बीच कुछ पल बिताना, नमाज, ध्यान या प्रार्थना करना और सकारात्मक लोगों के साथ समय बिताना, ये छोटे-छोटे कदम मन को राहत देते हैं। साथ ही, अपनी सीमाओं को समझना भी जरूरी है। हर काम अपने ऊपर ले लेना और हर समय परफेक्ट बनने की कोशिश करना भी मानसिक दबाव बढ़ाता है।
यूनानी सिद्धांत हमें सिखाता है कि संयम अपनाएं, सकारात्मक सोच रखें और जरूरत पड़ने पर मन को विश्राम दें। जब मन शांत और संतुलित रहता है, तो उसका असर पूरे शरीर पर दिखाई देता है।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
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UP Budget 2026: यूपी के इन शहरों में बनाई जाएंगी नई टाउनशिप, बजट में किया गया 3500 करोड़ का प्रावधान
UP Budget 2026: योगी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का बुधवार को आखिरी बजट पेश किया. यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने पहली बार राज्य का 9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट पेश किया. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 11 फरवरी को 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. इस बार योगी सरकार ने बजट में राज्य के कई शहरों में नई टाउनशिप बनाने का एलान किया है.
इन शहरों में बनाई जाएंगी नई टाउनशिप
योगी सरकार ने इस बार के बजट में राजधानी लखनऊ, आगरा, मेरठ में नई टाउनशिप बनाने का एलान किया. इसके साथ ही बुलंदशहर में औद्योगिक योजना लांच की गई. योगी सरकार ने नई टाउनशिप के लिए बजट में 3500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. राज्य सरकार ने आवास एवं शहरी नियोजन हेतु 7,705 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है.
बुलंदशहर में पहली बार औद्योगिक योजना लांच
योगी सरकार के इस बजट में मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण और नये शहर प्रोत्साहन योजना हेतु 3,500 करोड़ रूपये की व्यवस्था की है. इस योजना के तहत मेरठ में 35 साल, आगरा में 33 साल, लखनऊ में 22 साल बाद नई आवासीय योजना और बुन्दलशहर में पहली बार औद्योगिक योजना लांच करने का एलान किया. इसके साथ ही काशी-विन्ध्य क्षेत्र क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन का एलान किया.
जिसके तहत समाहित जनपदों जौनपुर, चन्दौली, गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र का समेकित नियोजित विकास संभव हो सकेगा. वित्त मंत्री ने कहा कि प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्र क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन भी प्रक्रियाधीन है. वित्त मंत्री ने कहा कि, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत दिल्ली-गाजियाबाद- मेरठ नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है. वहीं लखनऊ विकास क्षेत्र तथा प्रदेश के अन्य सभी विकास प्राधिकरणों के विकास योजना के अन्तर्गत विभिन्न अवसंरचना कार्यों हेतु 800 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है.
मथुरा-वृंदावन और कानपुर के लिए 750 का बजट
वहीं मेरठ, मथुरा-वृन्दावन एवं कानपुर विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत अवस्थापना सुविधाओं के विकास की नई योजनाओं के लिए 750 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है. नई योजना-सिटी इकोनॉमिक रीजन के लिए 100 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है. जबकि अयोध्या के सर्वांगीण विकास के लिए 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है. वित्त मंत्री ने कहा कि, लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निर्माण किया गया है, जिसका लोकार्पण पीएम मोदी ने दिसंबर में किया. राष्ट्र प्रेरणा स्थल के प्रबन्धन, संचालन, सुरक्षा एवं अनुरक्षण कोष हेतु कॉर्पस फण्ड के लिए 50 करोड़ रूपये की इंतजाम किया गया है.
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