Responsive Scrollable Menu

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निकाय दोहरे मापदंड और राजनीतिकरण से बचें: UNGA में भारत

(योषिता सिंह) संयुक्त राष्ट्र, 14 अक्टूबर भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार निकायों से ‘‘राजनीतिकरण’’ से बचने तथा सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संदर्भों का सम्मान करने का आग्रह करते हुए कहा है कि देश कोई भेदभाव किए बिना और दोहरा मापदंड अपनाए बिना सभी के मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव अनुज स्वरूप ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति के 81वें सत्र में ‘मानवाधिकार परिषद की रिपोर्ट’ विषय पर भारत का पक्ष रखा। स्वरूप ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त और उनके कार्यालय के साथ विश्वास एवं साझेदारी की भावना से काम करना जारी रखेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हम बिना किसी भेदभाव और दोहरे मापदंड के सभी के मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’ स्वरूप ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार निकाय राजनीतिकरण और पक्षपात से ऊपर उठकर सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संदर्भों का सम्मान करेंगे ताकि वे दुनिया को निष्पक्ष रूप से नैतिक मार्गदर्शन देते रहें।’’ भारत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब कुछ दिन पहले उसने राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शनों को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय की टिप्पणियों को ‘‘अनावश्यक’’ और देश के आंतरिक मामलों में ‘‘अस्वीकार्य हस्तक्षेप’’ करार दिया था। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने पिछले सप्ताह ‘‘दिल्ली में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों से पहले और उनके दौरान प्रदर्शनकारियों, प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले नेताओं, नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को बड़ी संख्या में हिरासत में लिए जाने की खबरों पर चिंता जताई थी।’’ स्वरूप ने कहा कि मानवाधिकारों के प्रति भारत का दृष्टिकोण बहुलवाद और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की उसकी सभ्यतागत परंपराओं पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘‘मानवाधिकार परिषद के सदस्य के रूप में भारत ने संवाद और सहयोग की भावना से रचनात्मक भूमिका निभाई है।’’ स्वरूप ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत हर नागरिक की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में भारत में 25 करोड़ से अधिक लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं और देश की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ 100 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि देश में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न और 60 करोड़ लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य बीमा सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा महिलाओं के 32 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं और ये उपलब्धियां भारत के जन-केंद्रित विकास मॉडल को दर्शाती हैं।

स्वरूप ने कहा, ‘‘भारत सभी के मानवाधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। वह सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर मानवाधिकार परिषद को एक प्रभावी, निष्पक्ष और विश्वसनीय निकाय बनाने के लिए काम कर रहा है।’’ संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मंगलवार को ब्राजील, बुरुंडी, डोमिनिकन गणराज्य, जर्मनी, घाना, आयरलैंड, जापान, जॉर्डन, कुवैत, नेपाल, नाइजीरिया, मोल्दोवा गणराज्य, यूक्रेन, उरुग्वे और जाम्बिया को 2027 से 2029 के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (एचआरसी) का सदस्य चुना। भारत ने मूल निवासियों के अधिकारों से संबंधित संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में उसके बारे में किए गए उल्लेख पर भी कड़ी आपत्ति जताई।

यह रिपोर्ट मूल निवासियों की भूमि, क्षेत्रों और संसाधनों के सीमांकन, पंजीकरण और मालिकाना हक देने से संबंधित है। मूल निवासियों के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक अल्बर्ट बारूमे की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘भारत में वन अधिकार अधिनियम के तहत लाखों दावे दाखिल किए गए हैं, लेकिन इनमें से बड़ी संख्या में दावे अब भी लंबित हैं, विशेष रूप से सामुदायिक अधिकारों से संबंधित दावे लंबित हैं।’’ स्वरूप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति के 81वें सत्र में ‘मूल निवासियों के अधिकार’ विषय पर भारत का पक्ष रखते हुए विशेष प्रतिवेदक की रिपोर्ट में किए गए इस उल्लेख को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘रिपोर्ट में यह स्वीकार किया गया है कि वन अधिकार अधिनियम व्यक्तिगत और सामूहिक अधिकारों को मान्यता देता है, लेकिन हमारा प्रतिनिधिमंडल रिपोर्ट के अनुच्छेद 42 में भारत के बारे में बिना किसी ठोस आधार के किए गए उल्लेख पर कड़ी आपत्ति जताता है।’’ स्वरूप ने कहा, ‘‘वन अधिकार अधिनियम के तहत बड़ी संख्या में दावों के अब भी लंबित होने की बात केवल एक व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है।

इसके समर्थन में कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। बिना सत्यापन के मिली ऐसी जानकारी पर चुनिंदा रूप से भरोसा किए जाने से रिपोर्ट में तथ्यों की गहन जांच और निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।’’ स्वरूप ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वन अधिकार अधिनियम के तहत 54 लाख से अधिक दावे दाखिल किए गए हैं, जिनमें से 80 प्रतिशत से अधिक का निपटारा किया जा चुका है और 25 लाख से अधिक पट्टे वितरित किए गए हैं। भारत ने विशेष प्रतिवेदक को अद्यतन आंकड़े उपलब्ध कराने की पेशकश की, ताकि ‘‘बिना सत्यापन के दी गई जानकारी के आधार पर रिपोर्ट में आई ऐसी गलतियों को सुधारा जा सके।’’ स्वरूप ने कहा कि भारत ऐसे सतत और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें कोई भी समुदाय पीछे न छूटे।

उन्होंने कहा कि भारत ने मूल निवासियों के अधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा करने का लगातार समर्थन किया है।

Continue reading on the app

जेल में रहेंगे कॉकरोच जनता पार्टी के ये नेता, पुलिस ने भेजा इतने दिन की हिरासत में, क्यों हुए गिरफ्तार

CJP Leaders Judicial Custody: जेल में रहेंगे कॉकरोच जनता पार्टी के ये नेता, पुलिस ने भेजा इतने दिन की हिरासत में, क्यों हुए गिरफ्तार

Continue reading on the app

  Sports

IND vs WI: चौथे टी20 से पहले इतना बड़ा ‘घोटाला’, हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन का अधिकारी और बेटा गिरफ्तार

हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारी और उसके बेटे को भारत-वेस्टइंडीज टी20 से पहले गिरफ्तार कर लिया गया है. कुल 4 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. Wed, 14 Oct 2026 16:31:10 +0530

  Videos
See all

इस्लामिक मुल्क में हिजाब बैन से गायब कईयों के चैन ! | Azerbaijan | #hijab #burqa #viralnews #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-14T11:16:24+00:00

Aaj Ki Taaza Khabar LIVE: 14 Oct 2026 | PM Modi | Rahul Gandhi | Gyanesh Kumar | Delhi Protest #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-14T11:12:14+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers