Responsive Scrollable Menu

US-India Trade Deal | भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत! व्हाइट हाउस ने व्यापार समझौते की फैक्ट शीट में किए बदलाव

नई दिल्ली के लिए एक बड़ी डिप्लोमैटिक जीत में, व्हाइट हाउस ने भारत और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच ट्रेड डील के बाद जारी अपनी फैक्ट शीट में बदलाव किया है। पहले, दालों का ज़िक्र अमेरिकी प्रोडक्ट्स की उस लिस्ट में था जिस पर उसने कहा था कि भारत टैरिफ खत्म कर देगा या कम कर देगा। हालांकि, अब इस प्रोडक्ट को हटा दिया गया है।
 

इसे भी पढ़ें: Katra Ropeway Project पर विवाद और बढ़ा, CM Omar Abdullah ने LG पर लगाया मंजूरी देने का आरोप, BJP भड़की


क्या हुए मुख्य बदलाव?

संशोधित फैक्ट शीट में दो सबसे प्रमुख बदलाव किए गए हैं जो भारत की संप्रभुता और आर्थिक हितों की सुरक्षा को दर्शाते हैं:

दालों (Pulses) को सूची से हटाया गया: शुरुआती फैक्ट शीट में उन अमेरिकी उत्पादों की सूची में 'दालों' (Certain Pulses) का उल्लेख था, जिन पर भारत आयात शुल्क (Tariff) कम या खत्म करने वाला था। अब संशोधित दस्तावेज़ से दालों को पूरी तरह हटा दिया गया है। यह भारत के करोड़ों दलहन उत्पादक किसानों के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि विदेशी दालों पर शुल्क कम होने से स्थानीय बाजार प्रभावित हो सकता था।

'प्रतिबद्धता' से 'इरादे' तक का बदलाव (Commitment to Intent): पहले दस्तावेज़ में लिखा था कि भारत $500 बिलियन से अधिक के अमेरिकी उत्पाद खरीदने के लिए "प्रतिबद्ध" (Committed) है। भारत की आपत्ति के बाद, अब इस शब्द को बदलकर "इरादा रखता है" (Intends) कर दिया गया है। यह कानूनी रूप से भारत को अधिक लचीलापन देता है और यह दर्शाता है कि ये खरीद बाजार की स्थितियों पर निर्भर करेगी।
 

इसे भी पढ़ें: Jan Gan Man: मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक के प्रस्ताव को लेकर देश में छिड़ी बहस, VHP और Arshad Madani आमने सामने


व्हाइट हाउस ने पहले कहा था कि भारत कई तरह के US इंडस्ट्रियल सामान और खेती के प्रोडक्ट्स पर टैरिफ हटाएगा या कम करेगा, जिसमें सूखे डिस्टिलर के दाने, लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताज़े और प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन, स्पिरिट्स और दूसरी चीज़ें शामिल हैं। फैक्ट शीट में यह भी बताया गया था कि भारत ने और ज़्यादा अमेरिकी प्रोडक्ट्स खरीदने का वादा किया है, जिसमें USD 500 बिलियन से ज़्यादा की US एनर्जी, इन्फॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी, खेती के सामान, कोयला और दूसरे प्रोडक्ट्स खरीदने का प्लान है।

हालांकि, मंगलवार को जारी फैक्ट शीट के बदले हुए वर्शन में कुछ खास बदलाव किए गए। “कुछ दालों” का ज़िक्र हटा दिया गया, और भारत की खरीद के बारे में भाषा को “कमिटेड” से नरम करके “इरादा” कर दिया गया।
 
'भारत सभी US इंडस्ट्रियल सामान और US के कई तरह के खाने और खेती के प्रोडक्ट पर टैरिफ खत्म कर देगा या कम कर देगा, जिसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन (DDGs), लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताज़े और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स, और दूसरे प्रोडक्ट शामिल हैं। भारत का इरादा और ज़्यादा अमेरिकी प्रोडक्ट खरीदने और US एनर्जी, इन्फॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी, कोयला, और दूसरे प्रोडक्ट के $500 बिलियन से ज़्यादा खरीदने का है।
 
भारत सभी US इंडस्ट्रियल सामान और US खाने और खेती के प्रोडक्ट पर टैरिफ खत्म कर देगा या कम कर देगा, जिसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन (DDGs), लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताज़े और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स, और दूसरे प्रोडक्ट शामिल हैं। भारत का इरादा और ज़्यादा अमेरिकी प्रोडक्ट खरीदने और US एनर्जी, इन्फॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी, कोयला, और दूसरे प्रोडक्ट के $500 बिलियन से ज़्यादा खरीदने का है,” अपडेटेड डॉक्यूमेंट में अब कहा गया है।

इंडिया-US ट्रेड डील

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी के साथ फ़ोन पर बातचीत के बाद इंडिया के साथ एक नए ट्रेड अरेंजमेंट का ऐलान किया। बदली हुई शर्तों के तहत, वॉशिंगटन ने इंडियन एक्सपोर्ट पर टैरिफ 25 परसेंट से घटाकर 18 परसेंट कर दिया है। इस घोषणा के साथ दोनों देशों का एक जॉइंट स्टेटमेंट भी आया जिसमें एक ज़्यादा बड़े ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत करने के मकसद से एक नए फ्रेमवर्क की डिटेल दी गई।

इसके अलावा, यूनाइटेड स्टेट्स ने रूस से क्रूड ऑयल खरीदने पर इंडिया पर लगाई गई एक्स्ट्रा 25 परसेंट ड्यूटी हटा दी। इससे पहले, पिछले साल अगस्त में, इंडिया को US को अपने एक्सपोर्ट पर 25 परसेंट रेसिप्रोकल टैरिफ का सामना करना पड़ा था, साथ ही मॉस्को के साथ अपने एनर्जी ट्रेड से जुड़ी एक्स्ट्रा पेनल्टी भी लगी थी। लेटेस्ट डील के साथ, रेसिप्रोकल टैरिफ कम कर दिया गया है और एक्स्ट्रा पेनल्टी पूरी तरह से हटा दी गई है।

Continue reading on the app

USA ने मतलब निकाला और हमें Toilet Paper की तरह यूज़ कर फेक दिया, America पर भड़के Pakistan के रक्षा मंत्री Khawaja Asif

कहते हैं कि राजनीति में न कोई स्थायी दोस्त होता है और न ही दुश्मन, लेकिन पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जो कहा है, उससे तो यही लगता है कि उनकी "दोस्ती" काफी कड़वी रही है। संसद में गरजते हुए आसिफ साहब ने अमेरिका और पाकिस्तान के पुराने रिश्तों का जो कच्चा चिट्ठा खोला है, उसने सबको हैरान कर दिया है।

इस्तेमाल किया और फेंक दिया!

ख्वाजा आसिफ ने बहुत ही बेबाक और देसी अंदाज में अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि वाशिंगटन ने इस्लामाबाद को सिर्फ अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ "टॉयलेट पेपर से भी बदतर" सलूक किया—यानी काम निकल जाने के बाद उसे कूड़ेदान में फेंक दिया।
 

इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने फिर दोहराया युद्धविराम का दावा- 10 विमान गिरे थे, India-Pakistan में छिड़ जाता Nuclear War


उनका इशारा साफ था कि जब-जब अमेरिका को अफगानिस्तान या सोवियत संघ के खिलाफ पाकिस्तान की जरूरत पड़ी, उसने हाथ बढ़ाया, लेकिन जैसे ही मकसद पूरा हुआ, पाकिस्तान को उसके हाल पर छोड़ दिया।

जिहाद के नाम पर बड़ा खेल

इस भाषण की सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि आसिफ ने पाकिस्तान के पुराने 'नैरेटिव' की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान की बीच हमेशा मिसगाइडेड वॉर रहा यानी अफगानिस्तान की जंग कभी 'मजहब के लिए थी ही नहीं।
 

इसे भी पढ़ें: Pakistan के यू-टर्न के बाद Sourav Ganguly का बड़ा बयान, T20 World Cup में भारत से जीतना मुश्किल

उन्होंने ये भी कहा कि लोगों को 'जिहाद' के नाम पर उकसाया गया और लड़ने के लिए भेजा गया, जबकि असल में वह सिर्फ अमेरिकी हितों की रक्षा थी। उन्होंने माना कि उस दौर में पाकिस्तान के सिलेबस तक को बदल दिया गया ताकि इन लड़ाइयों को जायज ठहराया जा सके। आज भी देश उस कट्टरपंथी सोच का खामियाजा भुगत रहा है।

ज़िया और मुशर्रफ पर फूटा गुस्सा

आसिफ ने पिछली सरकारों, खासकर जनरल ज़िया-उल-हक और परवेज मुशर्रफ को इस बर्बादी का जिम्मेदार ठहराया। उनके मुताबिक 1980 के दौर में सोवियत संघ के खिलाफ लड़ाई पाकिस्तान की नहीं थी, लेकिन अमेरिका के कहने पर देश को आग में झोंक दिया गया।

साथ ही 9/11 के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका के लिए हालात जो सही करने के लिए पलटी ली और साल 1999 के बाद मुशर्रफ ने फिर वही गलती की। कल तक जिन तालिबान को पाकिस्तान पाल रहा था, अमेरिका के एक फोन पर उनके खिलाफ जंग छेड़ दी।

रक्षा मंत्री ने बड़े भावुक लहजे में कहा कि दूसरों की लड़ाई लड़ने के चक्कर में पाकिस्तान आज हिंसा, कट्टरवाद और आर्थिक कंगाली के दलदल में फंसा है। उन्होंने दो-टूक कहा कि ये ऐसी गलतियां थीं जिन्हें अब सुधारा नहीं जा सकता। पाकिस्तान सिर्फ एक 'मोहरा' बनकर रह गया और असली खिलाड़ी (अमेरिका) अपना खेल खत्म करके घर लौट गया।

Continue reading on the app

  Sports

वर्ल्ड कप के पहले मैच से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया को जोरदार झटका, बाहर हुआ खड़े खड़े छक्के लगाने वाला खूंखार खिलाड़ी

Tim David ruled out of opener against Ireland: ऑस्ट्रेलिया की टीम आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में चोटिल खिलाड़ी की वजह से परेशान है. आयरलैंड के खिलाफ मैच में उतरने से पहले धाकड़ बैटर टिम डेविड बाहर हो गए हैं. कप्तान मिचेल मार्श ने इस बात की जानकारी साझा की. Wed, 11 Feb 2026 13:18:49 +0530

  Videos
See all

Delhi Accident: दिल्ली की सड़कों में 'मौत के गड्ढे'!सिस्टम की बलि चढ़ा एक और युवक! | Rohini | R Bharat #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-11T08:10:01+00:00

Kanpur Lamborghini Accident: 'रईसजादे' का जेल जाना हुआ तय! | UP Accident #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-11T08:15:04+00:00

भीख में वो आजादी पाए अब अपनी आबादी बढ़ा रहे हो..वोट बैंक के लालच में क्यों इनको कंधों पर चढ़ा रहे हो #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-11T07:53:14+00:00

Akbaruddin Owaisi: कानून नहीं मानेंगे ओवैसी! ओवैसी के आगे झुकी कांग्रेस? | R Bharat #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-11T07:56:14+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers