रिलेशनशिप एडवाइज- बॉयफ्रेंड रखता है हर चीज का हिसाब:प्यार में किसने ज्यादा किया, किसने कम, मोहब्बत स्कोरकार्ड बन गई है, मैं क्या करूं
सवाल- मैं तीन साल से एक रिलेशनशिप में हूं। हमने एक-दूसरे को करियर और पर्सनल लाइफ में जीरो से आगे बढ़ते देखा है। शुरू में हमारा रिलेशनशिप बहुत अच्छा था। लेकिन पिछले कुछ समय से पार्टनर हर चीज को गिनने लगा है कि, कौन कितना करता है, किसने ज्यादा समझौता किया, कौन ज्यादा एफर्ट्स देता है। प्यार अब कंपैरिजन में बदलने लगा है। इससे मुझे अजीब और अनकंफर्टेबल महसूस होने लगा है। मैं रिश्ते में कोई हिसाब-किताब नहीं चाहती। क्या प्यार का इस तरह स्कोरकार्ड में बदलना सही है? मुझे क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- आप जो समस्या बता रही हैं, कई रिश्ते इसी मोड़ पर आकर उलझ जाते हैं। कुछ समय बाद प्यार धीरे-धीरे हिसाब-किताब में बदलने लगता है। आपने बताया कि तीन साल के रिलेशनशिप में आपने एक-दूसरे को जीरो से आगे बढ़ते देखा है। यह बहुत बड़ी बात है। रिश्तों में आमतौर पर भावनात्मक निवेश ज्यादा होता है और जब निवेश ज्यादा होता है, तो चोट भी गहरी लगती है। आपके सवाल पूछने के तरीके से लगता है कि आप एक समझदार इंसान हैं, जो रिश्ता बचाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन खुद को भी दर्द नहीं देना चाहतीं। ये अच्छी बात है। चलिए, धीरे-धीरे समझते हैं कि आपके रिश्ते में क्या हो रहा है और ऐसी स्थिति में आपको क्या करना चाहिए। दुनिया में सिर्फ एक रिश्ता है, जिसमें बिना किसी उम्मीद के सिर्फ दिया जाता है, वो है पेरेंटिंग। मां-बाप बच्चे को किसी शर्त के बिना प्यार, परवरिश, सुरक्षा, खुशी सबकुछ देते हैं। लेकिन दो वयस्कों के रिश्ते में ऐसा नहीं होता है। रिलेशनशिप में न कोई गिवर होता है, न कोई रिसीवर। इसमें साझेदारी होती है, जहां दोनों एक-दूसरे को प्यार-सपोर्ट देते भी हैं और पाते भी हैं। आपका पार्टनर अगर हर चीज गिन रहा है, तो शायद वो म्यूचुअल शेयरिंग की बात को भूल रहा है। क्या रिश्ते में हिसाब होना गलत है? कई लोग सोचते हैं कि हिसाब की बात आ गई मतलब प्यार खत्म, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। हिसाब दो तरह का होता है- हेल्दी और टॉक्सिक। आपके सवाल से लगता है कि आप टॉक्सिक हिसाब से परेशान हैं। चलिए, दोनों को समझते हैं। हेल्दी हिसाब क्या होता है? हेल्दी हिसाब का मतलब यह नहीं है कि डायरी में नोट किया जाए- “मैंने 4 दिन झाड़ू लगाई, तुमने 3 दिन या मैंने इस महीने इतना खर्च किया, तुमने कम किया।” हेल्दी हिसाब बहुत बेसिक होता है। जैसे- घर के काम, खर्च, जिम्मेदारियां मोटे तौर पर बंटी हुई हैं या नहीं? यह हिसाब-किताब रिश्ते को बचाने के लिए होता है, न कि किसी को नीचा दिखाने के लिए। ये रिश्ते को बैलेंस रखता है, जैसे दोस्तों के बीच बिल शेयरिंग होती है। टॉक्सिक हिसाब क्या होता है? टॉक्सिक हिसाब तब शुरू होता है, जब हर बात में गिनती आने लगे, हर बहस में पुराने रिकॉर्ड खुल जाएं। बहस में ये कहा जाए कि “मैंने ज्यादा एफर्ट्स किए, तुमने कम एफर्ट्स किए हैं।” समझौते की बात पर कहा जाए कि “मुझसे ज्यादा किसने समझौता किया है?” अगर ऐसा है तो यह प्यार नहीं, यह अविश्वास है। ये रिश्ते को धीरे-धीरे बर्बाद कर देता है, क्योंकि इससे अनकंफर्टेबल फीलिंग आती है। अगर यह कुछ दिन तक बना रहे तो लोग रिश्ते से भागने की कोशिश करने लगते हैं। रिश्ते में अविश्वास की पहचान क्या है? रिश्ते में अविश्वास का मतलब है, एक-दूसरे पर भरोसा न करना। इसके कारण चीजें हिसाब-किताब में बदलने लगती हैं। मनोविज्ञान के अनुसार, जब किसी व्यक्ति को रिश्ते में सुरक्षित महसूस नहीं होता, तो वह खुद को बचाने के लिए हर चीज में तुलना और कंट्रोल करने लगता है। ऐसे में इंसान चाहता है कि दोनों के एफर्ट बराबर दिखें। तभी बार-बार भरोसा दिलाने की जरूरत महसूस होती है। यह स्थिति अंदर की असुरक्षा, ठुकराए जाने के डर और आत्मविश्वास की कमी से जुड़ी होती है। अगर यह लंबे समय तक चलता रहे, तो रिश्ते की नजदीकी कम होने लगती है और रिश्ता साथ निभाने की बजाय मुकाबले जैसा महसूस होने लगता है। क्या रिश्ते में हिसाब जरूरी होता है? हां, कुछ कंडीशंस में यह जरूरी होता है। जैसे- अगर एक ही इंसान पूरा घर चला रहा हो, अगर एक ही व्यक्ति इमोशंस का बोझ भी उठा रहा हो। दूसरा सिर्फ डिमांड कर रहा हो, खुद कोई एफर्ट नहीं कर रहा है हो, तो यहां हिसाब करना गलत नहीं है। यहां हिसाब जरूरी है, क्योंकि एक इंसान का लगातार 4 कदम आगे बढ़ना और दूसरे का जीरो पर खड़े रहना लंबे समय में रिश्ते को कमजोर कर देता है। लेकिन आपके सवाल में एक अहम बात है- वो हर चीज गिनने लगा है। यह लाइन बहुत कुछ कहती है। यह सिर्फ जिम्मेदारी का हिसाब नहीं लग रहा। यह तुलना है। यह कम्पैरिजन है। यह भावनात्मक दबाव है और यह रिलेशनशिप के लिए हेल्दी नहीं होता। खुद से पूछें सवाल यहां आपको खुद से ईमानदारी से कुछ सवाल पूछने होंगे- कई बार ऐसा होता है कि एक पार्टनर का एफर्ट दिखता है, दूसरे का सिर्फ महसूस होता है। कई बार इमोशंस को वैल्यू नहीं मिलती, तो गिनती शुरू हो जाती है। आप तीन साल से साथ हैं, तो शायद आपके एफर्ट्स इमोशनल हैं, जैसे पार्टनर को सुनना, सपोर्ट करना, जो नजर नहीं आते हैं। लेकिन वो महत्वपूर्ण हैं। बात कैसे करें? इस स्थिति में सबसे जरूरी चीज है- कम्युनिकेशन। इसमें लड़ाई-झगड़ा नहीं करना है। शांत होकर अपनी बात कहनी है कि जैसे- आरोप लगाने की बजाय सिर्फ अपनी फीलिंग्स शेयर करें। जैसे- “जब तुम कहते हो कि मैंने ज्यादा समझौता किया, तो मुझे दुख होता है।” इस तरीके से बात करने पर रिश्ते में सुधार हो सकता है। बातचीत के बाद तीन चीजें देखें कि क्या वो आपकी बात समझने की कोशिश करता है? क्या वो अपने व्यवहार पर सोचता है? क्या वो बदलाव के लिए तैयार है? अगर हां तो रिश्ता संभल सकता है। आप दोनों मिलकर काउंसलिंग ले सकते हैं। अगर नहीं, तो यह रेड फ्लैग है। आखिर में सबसे जरूरी बात रिलेशनशिप में बराबरी जरूरी है, अकाउंटिंग नहीं। देना और लेना चलता रहता है। कभी आप चार कदम चलते हैं, कभी वो चार कदम चलता है। लेकिन अगर कोई हमेशा चार कदम चल रहा है और दूसरा जीरो पर है- तो वह रिश्ता टिकता नहीं और अगर कोई बराबरी के नाम पर आपको छोटा महसूस करवा रहा है तो वह प्यार नहीं, कंट्रोल है। प्यार प्रतियोगिता नहीं है। यह मैनेजमेंट की एक्सेल शीट नहीं है। अगर रिश्ता आपको सुरक्षित और सम्मानित महसूस कराता है- तो वह रिश्ता सही दिशा में है। अगर रिश्ते में रहकर आप खुद को कमतर, दोषी या थका हुआ महसूस करने लगें- तो सवाल उठाना बिल्कुल सही है। आप स्वयं समझदार हैं। इन सभी बातों की मदद से अपने रिश्ते का आकलन कर सकती हैं, खुद एक सही फैसला ले सकती हैं। ……………… ये खबर भी पढ़िए रिलेशनशिप एडवाइज- बॉयफ्रेंड की जिंदगी में बहुत केऑस है: उसका कमरा कबाड़खाना है, एक सामान जगह पर नहीं रखता, परेशान हूं, क्या करूं अब ये समझिए कि रिलेशनशिप के शुरुआती दिनों में इमोशंस ज्यादा हावी होते हैं तो लोग पार्टनर के व्यवहार को नजरअंदाज कर देते हैं। इसे ‘हनीमून फेज’ कहते हैं। आगे पढ़िए…
भारत-PAK मैच, दिल्ली–मुंबई से कोलंबो फ्लाइट 5 गुना महंगी हुई:AI कंटेंट पर 20 फरवरी से लेबल लगाना जरूरी; चांदी ₹5,435 बढ़ी, ₹2.59 लाख/किलो पहुंची
कल की बड़ी खबर हवाई किराए से जुड़ी रही। भारत और पाकिस्तान के बीच टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 का मैच 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में शाम 7 बजे से खेला जाएगा। अगर आप इस मैच को देखने के लिए 14 और 15 फरवरी को फ्लाइट से कोलंबो जाना चाहते हैं, तो आपको 5 गुना तक किराया चुकाना पड़ेगा। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां... अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें... 1. AI कंटेंट पर 20 फरवरी से लेबल लगाना जरूरी: डीपफेक वीडियो-फोटो भी 3 घंटे में हटाने होंगे, सरकार का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे X (ट्विटर), यू-ट्यूब, स्नैपचैट और फेसबुक को अब अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जाने वाले AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कंटेंट पर लेबल लगाना होगा। इसके साथ ही डीपफेक वीडियो-फोटो भी 3 घंटे में हटाने होंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंगलवार को आदेश जारी किया है। इसमें IT रूल्स 2021 में बदलाव किया गया है। बदले हुए नियम 20 फरवरी से लागू होंगे। इसका ड्राफ्ट सरकार ने 22 अक्टूबर 2025 को जारी किया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. भारत-PAK मैच, दिल्ली–मुंबई से कोलंबो फ्लाइट 5 गुना महंगी हुई: ₹1.45 लाख तक खर्च करने होंगे, होटल का किराया ₹1.13 लाख तक पहुंचा भारत और पाकिस्तान के बीच टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 का मैच 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में शाम 7 बजे से खेला जाएगा। अगर आप इस मैच को देखने के लिए 14 और 15 फरवरी को फ्लाइट से कोलंबो जाना चाहते हैं, तो आपको 5 गुना तक किराया चुकाना पड़ेगा। मेकमायट्रिप की वेबसाइट पर मंगलवार (10 फरवरी) को 14 और 15 फरवरी को दिल्ली-मुंबई से कोलंबो फ्लाइट का किराया एक पैसेंजर के लिए ₹1.45 लाख तक दिखा रहा है। आम दिनों में कोलंबो की डायरेक्ट फ्लाइट का किराया 30 हजार रुपए के आस-पास तक रहता है। वहीं कोलंबो में बड़े होटलों का किराया भी ₹1.14 लाख तक पहुंच गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. चांदी आज ₹5,435 बढ़ी, कीमत ₹2.59 लाख प्रति किलो:दो दिन में ₹14,141 महंगी; सोना ₹1,379 बढ़कर ₹1.56 लाख पर पहुंचा चांदी-सोने के दाम में आज 10 फरवरी को लगातार दूसरे दिन तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, आज 10 फरवरी को एक किलो चांदी की कीमत 5,435 रुपए बढ़कर 2,59,100 रुपए किलो पर पहुंच गई है। चांदी दो दिन में ₹14,141 महंगी हो चुकी है। इससे पहले शुक्रवार को चांदी की कीमत 2,44,929 रुपए किलो थी। वहीं, आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1,379 रुपए बढ़कर 1,56,255 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले सोमवार को ये 1,54,876 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। सर्राफा बाजार में 29 जनवरी को सोने ने 1,76,121 रुपए और चांदी ने 3,85,933 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. ₹10 लाख तक कैश ट्रांजैक्शन पर पैन जरूरी नहीं:होटल बिल की लिमिट भी ₹1 लाख; 1 अप्रैल से लागू होंगे इनकम टैक्स के नए नियम नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025' के ड्राफ्ट नियमों में पैन कार्ड की अनिवार्यता से जुड़े बदलाव किए गए हैं। इसका मकसद छोटे ट्रांजेक्शन पर कागजी कार्रवाई कम करना है। प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, अब एक फाइनेंशियल ईयर में ₹10 लाख या उससे ज्यादा कैश जमा करने या निकालने पर ही पैन नंबर देना अनिवार्य होगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. इलॉन मस्क का अब चांद पर शहर बसाने का प्लान:बोले- वहां पहुंचना आसान; मंगल ग्रह पर शहर बसाने में 20 साल से ज्यादा लगेंगे स्पेसएक्स के फाउंडर इलॉन मस्क अब चांद पर शहर बसाएंगे। उन्होंने अपना फोकस मंगल ग्रह से चांद पर शिफ्ट कर दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां इंसानों को भेजना मंगल के मुकाबले आसान है। आज 9 फरवरी को मस्क ने X पर इसकी जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… शुक्रवार के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए...
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