क्या आप एंटीबायोटिक्स का सेवन करते हैं? क्या आपके शरीर पर एंटीबायोटिक्स काम नहीं कर रही हैं? शरीर में बार-बार इंफेक्शन होने लगता है और ठीक भी नहीं हो रहे हैं। यह एंटीबायोटिक्स रेजिस्टेंस की समस्या हो सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया है कि यह आजकल एक वैश्विक समस्या बनती जा रही है। इसलिए ध्यान रहे कि बिना डॉक्टर की सलाह के या बिना जरुरत के एंटीबायोटिक्स लेने से दवा बैक्टीरिया पर काम नहीं करती है। दिनों-दिन यह समस्या भारत में बढ़ती जा रही है। खासतौर पर सेल्फ मेडिकेशन से बचना चाहिए और डॉक्टर से संपर्क करना सबसे बेहतर होता है। ऐसे में आप कुछ फूड्स को डाइट में शामिल करने से इम्यूनिटी मजबूत कर सकते हैं और एंटीबायोटिक्स की जरुरत को घटा सकते हैं। आइए आपको ऐसे सुपरफूड्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप जरुर सेवन करें।
प्रोबायोटिक्स को डाइट में शामिल करें
अपनी डाइट में दही, छाछ, कांजी, अचार जैसे प्रोबायोटिक्स को जरुर शामिल करें। प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। इनके नियमित सेवन से आंतों में लाभकारी बैक्टीरिया की संख्या बढ़ती है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रीबायोटिक्स का सेवन करें
इसके अलावा, आप अपनी डाइट में केला, सेब, प्याज, लहसुन, ओट्स जैसे प्रीबायोटिक्स को डाइट का हिस्सा बनाएं। इनके सेवन से इम्यूनिटी मजबूत होती है, क्योंकि प्रीबायोटिक्स शरीर में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने का काम करते हैं जिससे बीमारियों से बचाव होता है।
विटामिन सी रिच फूड्स खाएं
अपनी डाइट में आंवला,अमरूद और नींबू जैसे विटामिन C से भरपूर सुपर फूड को शामिल करें। विटामिन C युक्त चीजों का नियमित सेवन करने से सर्दी-जुकाम और अन्य संक्रमणों से बचाव में मदद मिलती है।
हल्दी और काली मिर्च का सेवन करें
इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए सबसे पहले हल्दी और काली मिर्च को डाइट का हिस्सा बनाएं। इसके लिए आप हल्दी और काली मिर्च को दूध या पानी के साथ ले सकते हैं। इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते पाएं जाते हैं। इसके सेवन से ही इम्यूनिटी मजबूत हो जाती है।
मौसमी फल और सब्जियां खाएं
इम्यूनिटी को बूस्ट करने केलिए मौसमी फल और सब्जियों को डाइट में शामिल करें। इनमें मौजूद पोषक तत्व इम्यूनिटी को संतुलित रखने में मदद करते हैं। इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, जो शरीर के टॉक्सिंस बाहर निकाल दें।
Continue reading on the app
आजकल के समय में खराब खानपान और अनहेल्दी लाइफस्टाइल की वजह से लोगों में कई तरह की बीमारियों का खतरा बना रहता है। मोटापे से लेकर डायबिटीज और हार्ट डिजीज के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं आज के समय में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी आम हो गई है। इस बीमारी के पीछे कम फिजिकल एक्टिविटी, गलत खानपान और अधिक स्ट्रेस लेने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है।
जिसका सीधा असर ब्लड सर्कुलेशन, दिल और लिवर पर पड़ता है। अगर आप समय रहते इस पर ध्यान नहीं देते हैं, तो आपके लिए बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। वहीं आप इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए एक देसी ड्रिंक का सेवन कर सकते हैं, जो LDL की छुट्टी कर सकता है।
ऐसे बनाएं ये ड्रिंक
गुनगुना पानी- एक लीटर
दालचीनी का टुकड़ा- एक इंच
नींबू- आधा कटा हुआ
अदरक- दो स्लाइस
इन सभी चीजों को मिक्स करके रोजाना सुबह खाली पेट पिएं।
दालचीनी का काम
बैड कॉलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए दालचीनी काफी सहायक होती है। यह बॉडी में फैट मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाती है और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम करती है। रोजाना इसका सेवन करने से आपका दिल हेल्दी रहता है।
नींबू का काम
लिवर हेल्थ के लिए नींबू अच्छा होता है। लिवर ही बॉडी में कोलेस्ट्रॉल को प्रोसेस करता है। ऐसे में अगर आप नींबू पानी का सेवन करती हैं, तो लिवर एक्टिव रहता है। इसके सेवन से शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट और बैड कोलेस्ट्रॉल आसानी से बाहर निकल जाते हैं।
अदरक का रोल
अदरक ब्लड सर्कुलेशन को सुधारने में मदद करता है। अगर ब्लड फ्लो सही रहता है, तो कोलेस्ट्रॉल के जमने की संभावना काफी कम हो जाती है। वहीं अदरक आपके डाइजेशन को भी बेहतर बनाता है।
गुनगुने पानी के फायदे
अगर आप रोज गुनगुना पानी पीती हैं, तो यह डाइजेस्टिव सिस्टम को एक्टिव रखता है। रोजाना सुबह गुनगुना पानी पीने से डाइजेशन बेहतर होता है और फैट नहीं जमा हो पाता है। ऐसे में जब आपका डाइजेशन बेहतर होगा, तो कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल में रखने में आसानी होगी।
पीने का सही तरीका
बता दें कि इस ड्रिंक को आप एक बार में भी पी सकते हैं। या फिर चाहें, तो दिनभर में थोड़ा-थोड़ा सिप लें। इसको लगातार एक से डेढ़ महीने तक के लिए पिया जा सकता है।
Continue reading on the app