35 हजार की नौकरी छूटी तो थाम लिया हल! खेती को बनाया मुनाफे का बिजनेस, कर रहा है बंपर कमाई
Success Story: कोरोना महामारी के दौरान जहां कई लोगों के रोजगार छिन गए. वहीं मढ़ौरा प्रखंड के पोझी भुवालपुर निवासी उदय सिंह ने इस आपदा को अवसर में बदल दिया. हैदराबाद में ₹35,000 की इलेक्ट्रिक की नौकरी छोड़कर घर लौटे उदय ने जब खेती में हाथ आजमाया. तो आज उनकी आय नौकरी से भी अधिक हो गई है. उदय सिंह ने मात्र 5 कट्ठा खेत में 704 वैरायटी के बैंगन की खेती शुरू की है. वे प्रतिदिन करीब एक क्विंटल बैंगन तोड़कर बेचते हैं. उनका मानना है कि अगर सही तकनीक और अच्छी वैरायटी चुनी जाए, तो खेती के आगे हर नौकरी फेल है. आज इसी कमाई के दम पर वे अपनी दो बेटियों को कॉलेज और बेटे को निजी स्कूल में पढ़ा रहे हैं. उदय अब प्रदेश वापस नहीं जाना चाहते. वे न केवल घर रहकर अच्छी कमाई कर रहे हैं, बल्कि खेत की शुद्ध सब्जी खाकर 'स्वस्थ और मस्त' भी हैं.
इंटरनेट ने बदला खेती का अंदाज! गूगल की सलाह ने बिहार के इस किसान को बनाया लखपति
Samastipur Success Story: आधुनिक दौर में इंटरनेट केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि प्रगति का मार्गदर्शक भी बन गया है. बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड स्थित बेलसंडी गांव के किसान जीवेश चौधरी ने इस बात को सच कर दिखाया है. गूगल से खेती के नए गुर सीखकर जीवेश आज 100 कट्ठा जमीन पर G-9 वैरायटी के केले की उन्नत खेती कर रहे हैं. जीवेश ने बताया कि उन्होंने खेती की आधुनिक तकनीक, सिंचाई प्रबंधन और उर्वरकों के सही इस्तेमाल की जानकारी गूगल से जुटाई. बिहार सरकार द्वारा अनुदानित दर पर मिले पौधों ने उनके इस प्रयास को और संबल दिया. वर्तमान में उनके खेत में उत्पादित केले लगभग 4 फीट तक लंबे और उच्च गुणवत्ता वाले होते हैं, जो स्थानीय व्यापारियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं. मुनाफे की बात करें तो जीवेश को प्रति कट्ठा लगभग 10,000 रुपये की आय हो रही है. बाजार की अनुकूल स्थिति में यह मुनाफा और बढ़ने की संभावना रहती है. जीवेश की यह सफलता आज जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है.
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