Bengaluru Bar में IAS Vikas Marmat के हंगामे से TDP घिरी, YSRCP ने दागे सवाल
YSRCP के राज्य प्रवक्ता और TTD के पूर्व चेयरमैन भूमाना करुणाकर रेड्डी ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू की "सुरक्षा" ने TDP के प्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ अधिकारियों को भ्रष्टाचार और कानून तोड़ने के लिए बढ़ावा दिया है, और वे पड़ोसी राज्यों में भी गलत काम कर रहे हैं। पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में बोलते हुए, उन्होंने मुख्यमंत्री के चुनाव क्षेत्र में कुप्पम एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और IAS अधिकारी विकास मरमत का उदाहरण दिया। भूमाना ने कहा मरमत बेंगलुरु के कावोर बार और रेस्तरां में नशे में धुत हो गए, उन्होंने ग्राहकों और जांच के लिए आए पुलिस अधिकारियों पर हमला किया और भद्दी गालियां दीं। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों से मिसाल कायम करने की उम्मीद की जाती है, वे गुंडों से भी बुरा व्यवहार कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें भरोसा है कि चंद्रबाबू उन्हें बचा लेंगे।
इसे भी पढ़ें: Shivraj Singh Chouhan को थमाई झूठी स्क्रिप्ट, YSRCP ने Proddatur कार्यक्रम पर TDP को घेरा
भुमाना ने कुप्पम में भ्रष्टाचार को खुला सच बताया और आरोप लगाया कि "बिना पैसे दिए कोई काम नहीं होता था। विकास के ठेके चुनिंदा TDP नेताओं को दिए जाते थे और मनमाने ढंग से कमीशन वसूला जाता था। रिलीज़ के अनुसार, उन्होंने कहा कि कमाई का आधा हिस्सा बड़े अधिकारियों और आधा संबंधित अधिकारी के पास जाता था, जबकि नारा लोकेश तक भी हिस्सा पहुँचने की चर्चा आम थी। रिलीज़ के अनुसार, उन्होंने आगे कहा कि मरमत को मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभावशाली अधिकारी IAS प्रद्युम्न का समर्थन प्राप्त था। उन्होंने कहा कि उनके साझा भ्रष्टाचार नेटवर्क से ही उनका अहंकार और राजनीतिक प्रतिनिधियों के प्रति भी बेपरवाही का रवैया समझ में आता है। रिलीज़ के अनुसार, नायडू अपने विधायकों और कार्यकर्ताओं पर नियंत्रण रखने में नाकाम रहे और उन्होंने अधिकारियों को भी भ्रष्टाचार में शामिल किया तथा उनके गलत आचरण को बढ़ावा दिया।
इसे भी पढ़ें: Sajjala Ramakrishna Reddy ने दिए निर्देश, जिला स्तर पर Legal War Room बनाएगी YSRCP
भुमाना ने कहा कि मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया और CMO ने मरमत को बचाने के लिए बेंगलुरु पुलिस पर दबाव डाला। इसके बावजूद, पुलिस ने उसके आचरण को देखते हुए मामला दर्ज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नायडू ऐसे अधिकारियों को अहम पदों पर तैनात करके पुरस्कृत करते थे, जिससे उन्हें जनता के पैसे का इस्तेमाल वीकेंड पर पब में मौज-मस्ती के लिए करने की छूट मिल जाती थी। बेंगलुरु की घटना ने नायडू सरकार द्वारा पनपाई गई मनमानी को उजागर कर दिया।
Pre-printed Form 7 पर जवाब दे BJP, Karnataka Minister Priyank Kharge ने उठाए सवाल
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर अपना हमला तेज़ करते हुए केंद्र की सत्ताधारी पार्टी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर के गंभीर आरोप लगाते हुए शीर्ष संवैधानिक और राजनीतिक नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाए। बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए खड़गे ने आरोप लगाया कि अहम लोग गायब हैं और केंद्रीय नेतृत्व की जवाबदेही पर सवाल उठाए। खड़गे ने कहा कि CEC (मुख्य चुनाव आयुक्त) गायब हैं। गृह मंत्री गायब हैं। मोदी जी गायब हैं। पहले उनसे कहिए कि उन्हें ढूंढें। मंत्री ने वोटर रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को लेकर BJP पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास पहले से भरे हुए (pre-printed) फॉर्म 7 का क्या जवाब है? फॉर्म 6 में किए गए बदलावों पर उनका क्या कहना है? वे बेवकूफों का झुंड हैं जो बस नैरेटिव बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: SMS Hospital पहुंचे BJP अध्यक्ष Madan Rathore, घायल RSS प्रचारक से मिलकर मांगा इंसाफ
खड़गे ने BJP के अंदरूनी पदानुक्रम (hierarchy) और राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरों के मैनेजमेंट के तरीके पर भी तीखा कटाक्ष किया। मंत्री ने कहा, "जब PM मोदी आते हैं, तो उनके विधायकों को सड़कों पर बैरिकेड्स के पीछे खड़ा करके झंडे लहराने को कहा जाता है। मंत्रियों को बैरिकेड्स के पीछे खड़ा करके उनके चीयरलीडर्स जैसा व्यवहार करने पर मजबूर किया जाता है। ये सभी बेवकूफी भरी हरकतें सिर्फ BJP ही सोच सकती है।" कांग्रेस नेता की इन टिप्पणियों को राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दों पर BJP को घेरने की एक नई कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। BJP ने अभी तक इन खास आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में INDIA गठबंधन द्वारा किया गया विशाल विरोध प्रदर्शन केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के "अंत की शुरुआत" का संकेत है। उन्होंने कहा कि कल ही पूरे विपक्ष और युवाओं द्वारा दिल्ली में किए गए विशाल विरोध प्रदर्शन में हमारे लाखों कार्यकर्ताओं और नेताओं ने हिस्सा लिया, जिससे एक बात साफ हो गई: मोदी सरकार का समय खत्म हो चुका है। यह मोदी सरकार के अंत की शुरुआत है। और जनता सत्ता में बदलाव लाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। कल का विरोध प्रदर्शन एक स्पष्ट संदेश देता है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









