Video: न चोरी का डर, न मंदी की मार! खेत में उगने वाले शाकाहारी मटन ने बनाया किसान से 'सेठजी'
Success Story Of Darbhanga Kamaledu Jha Jimikand Farming: बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र में ओल (जिमीकंद) मात्र एक सब्जी नहीं, बल्कि परंपरा और स्वाद का प्रतीक है. दरभंगा के किसान कमलेंदु झा ने इसी परंपरा को मुनाफे के बिजनेस में बदल दिया है. उन्होंने महज 15 कट्ठा खेत में ओल की खेती कर अपनी तकदीर बदल दी है. कमलेंदु बताते हैं कि ओल की मांग पूरे साल बनी रहती है. खासकर दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर में श्राद्ध कर्म और भोज-भात में ओल की चटनी अनिवार्य होती है. सामान्य सीजन में यह ₹40 प्रति किलो बिकता है, लेकिन ऑफ-सीजन में इसकी कीमत ₹70 से ₹80 तक पहुंच जाती है. स्वाद के साथ-साथ यह बवासीर जैसी बीमारियों में रामबाण औषधि माना जाता है. शुद्ध शाकाहारियों के लिए इसे 'शाकाहारी मीट' कहा जाता है. जिससे अचार, चोखा और प्रसिद्ध 'झमरूआ' जैसे व्यंजन बनते हैं. बिना किसी खास मार्केटिंग के ग्राहक सीधे खेत तक खिंचे चले आते हैं.
35 हजार की नौकरी छूटी तो थाम लिया हल! खेती को बनाया मुनाफे का बिजनेस, कर रहा है बंपर कमाई
Success Story: कोरोना महामारी के दौरान जहां कई लोगों के रोजगार छिन गए. वहीं मढ़ौरा प्रखंड के पोझी भुवालपुर निवासी उदय सिंह ने इस आपदा को अवसर में बदल दिया. हैदराबाद में ₹35,000 की इलेक्ट्रिक की नौकरी छोड़कर घर लौटे उदय ने जब खेती में हाथ आजमाया. तो आज उनकी आय नौकरी से भी अधिक हो गई है. उदय सिंह ने मात्र 5 कट्ठा खेत में 704 वैरायटी के बैंगन की खेती शुरू की है. वे प्रतिदिन करीब एक क्विंटल बैंगन तोड़कर बेचते हैं. उनका मानना है कि अगर सही तकनीक और अच्छी वैरायटी चुनी जाए, तो खेती के आगे हर नौकरी फेल है. आज इसी कमाई के दम पर वे अपनी दो बेटियों को कॉलेज और बेटे को निजी स्कूल में पढ़ा रहे हैं. उदय अब प्रदेश वापस नहीं जाना चाहते. वे न केवल घर रहकर अच्छी कमाई कर रहे हैं, बल्कि खेत की शुद्ध सब्जी खाकर 'स्वस्थ और मस्त' भी हैं.
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