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फ्लाइट में पावर बैंक ले जाने से पहले जान लें ये 5 जरूरी नियम, छोटी सी गलती पड़ सकती है भारी

इंडिगो की एक फ्लाइट में हाल ही में पावर बैंक में आग लगने की घटना सामने आई. विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी. इस घटना ने फ्लाइट में पावर बैंक ले जाने की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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Rahul Gandhi इधर Supreme Court में याचिका देकर आये, उधर पूर्व जज K Chandru ने किया बड़ा दावा- ''मोदी खुद करते हैं जजों की नियुक्ति''

इधर INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राष्ट्रीय राजधानी में ‘चलो दिल्ली’ मार्च निकाला और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। उधर, मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के. चंद्रू का वह बयान अचानक चर्चा में आ गया जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि जजों की नियुक्ति प्रधानमंत्री मोदी खुद करते हैं।

जहां तक विपक्ष के दिल्ली चलो मार्च की बात है तो आपको बता दें कि बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक निकले मार्च में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, RJD नेता तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की मौजूदगी ने इस विरोध को व्यापक राजनीतिक समर्थन दिया। हजारों प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी की कानूनी टीम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय, अखिलेश यादव और तेजस्वी प्रसाद यादव याचिकाकर्ता हैं। राहुल ने इसे अलग-अलग आंदोलनों की बजाय ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक साझा विरोध बताया।

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इसी बीच, चेन्नई में आयोजित ‘Who Will Judge the Judges’ परिचर्चा में मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के. चंद्रू की ओर से न्यायिक नियुक्तियों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाने वाला बयान चर्चा में आ गया। उन्होंने कॉलेजियम प्रणाली को अपारदर्शी बताते हुए कहा कि देश में न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया आम लोगों की जानकारी से बाहर रहती है। उनका सवाल था कि आखिर न्यायाधीशों की नियुक्ति करने वाली व्यवस्था को जवाबदेह कौन बनाएगा? मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के. चंद्रू ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्तियां कॉलेजियम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जजों की नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) बनाने की कोशिश की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया। चंद्रू के मुताबिक, इसके बाद सरकार ने इस आयोग को दोबारा बनाने की जरूरत ही नहीं समझी, क्योंकि उसे जजों की नियुक्तियों को प्रभावित करने के इससे भी ज्यादा कारगर रास्ते मिल गए थे।

दूसरी ओर, विपक्ष के आज के आंदोलन पर भाजपा ने पलटवार करते हुए इसे ड्रामा बताया है। केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पिछले कई वर्षों से कांग्रेस लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर हमले कर रही है। हद तो ये हो गई कि पार्टी चुनाव की हार का दोष भी संवैधानिक संस्थानों पर मढ़ती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हार का सिलसिला लगातार जारी है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अभी उपचुनाव में क्या हुआ? असम में कांग्रेस की स्थिति क्या है? स्थानीय निकाय चुनाव में त्रिपुरा में क्या हुआ, राजस्थान में क्या हुआ, उससे पहले हिमाचल में क्या हुआ? एक के बाद एक चुनाव में हारना और उसकी खीज आंदोलन कर सड़कों पर निकालना, ये कांग्रेस की नियति बन गई है। उन्होंने कहा कि लेकिन आज मैं कांग्रेस के मित्रों से कहना चाहता हूं कि कांग्रेस की हार का कारण चुनाव आयोग नहीं है, कांग्रेस की हार का कारण कांग्रेस का विचार शून्य नेतृत्व है।

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  Sports

क्या क्रिकेट में बदलेंगे रिकॉर्ड दर्ज करने के नियम? Sunil Gavaskar ने T20I और रणजी आंकड़ों पर उठाए गंभीर सवाल

भारत के पूर्व महान कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्ड्स दर्ज करने और उनके वर्गीकरण के मौजूदा तरीके पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गावस्कर ने क्रिकेट गवर्निंग बॉडी से मांग की है कि प्रतिद्वंद्वी टीम के स्तर (Standard of Competition) के आधार पर प्रदर्शन का अंतर स्पष्ट करने के लिए फुटबॉल जैसा 'डिवीजन-आधारित सिस्टम' लागू किया जाना चाहिए। गावस्कर का मानना है कि टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) में बड़ी टीमों (Full Members) और उभरती हुई टीमों (Associate Members) के बीच काफी अंतर होता है, इसलिए दोनों तरह के मुकाबलों में बने आंकड़ों को एक ही तराजू में तोलना बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने रणजी ट्रॉफी (विशेषकर प्लेट ग्रुप) के रिकॉर्ड्स पर भी इसी तरह पुनर्विचार करने की बात कही।

खास बात यह है कि गावस्कर की यह टिप्पणी तब आई जब पुरुषों के T20 वर्ल्ड कप सब-रीजनल एशिया क्वालीफायर A में थाईलैंड के खिलाफ 193 रनों का पीछा करते हुए मंगोलिया की टीम 13 रनों पर आउट हो गई। इसके बाद, गावस्कर ने सवाल उठाया कि क्या ऐसे मैचों को स्थापित अंतरराष्ट्रीय टीमों के बीच होने वाले मुकाबलों के बराबर आँकड़ों का महत्व दिया जाना चाहिए।

गावस्कर ने मिड-डे में अपने कॉलम में लिखा, "बेशक, यह इस प्रारूप में सबसे कम स्कोर नहीं है। यह शर्मनाक रिकॉर्ड आइवरी कोस्ट के नाम है, जो नाइजीरिया के खिलाफ सिर्फ 7 रनों पर आउट हो गई थी। 2024 में मंगोलिया ने एक और T20 अंतरराष्ट्रीय मैच में सिंगापुर के खिलाफ केवल 10 रन बनाए थे।"

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इस महान बल्लेबाज ने माना कि ये मैच अंतरराष्ट्रीय माने जाते हैं क्योंकि टीमें अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व करती हैं। हालाँकि, उन्होंने तर्क दिया कि केवल आधिकारिक मान्यता खेल के स्तर में अंतर को ठीक से नहीं समझा सकती।

गावस्कर ने आगे कहा, "जब कोई टीम इतने कम स्कोर पर आउट हो जाती है, तो गेंदबाज के आँकड़े तभी बेहतर हो सकते हैं जब उभरते हुए ICC एसोसिएट सदस्य देश एक-दूसरे के खिलाफ खेलें। इसकी तुलना उन आँकड़ों से करना, जब पूर्ण सदस्य देशों की टीमें एक-दूसरे के खिलाफ खेलती हैं, बिल्कुल भी उचित नहीं है।"

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रिकॉर्ड्स बनाए रखने के लिए गावस्कर का प्रस्ताव

गावस्कर ने फुटबॉल लीग जैसा मॉडल अपनाने का प्रस्ताव दिया, जहाँ डिवीज़न टीमों को अलग करते हैं और प्रमोशन व डिमोशन से स्तरों के बीच आवाजाही तय होती है। 77 साल के गावस्कर ने लिखा, "फ़ुटबॉल लीग में अलग-अलग डिवीज़न होते हैं, जहाँ सीज़न के आखिर में प्रमोशन और रेलीगेशन होता है। इसलिए जो भी रिकॉर्ड बनते हैं, उन्हें उसी डिवीज़न के रिकॉर्ड के तौर पर देखा जाता है जिसमें वे बने हैं। शायद क्रिकेट में भी कुछ ऐसा ही सोचा जाना चाहिए, ताकि यह साफ़ हो सके कि देश किस डिवीज़न में खेल रहे हैं।"

गावस्कर ने नेपाल के बल्लेबाज़ दीपेंद्र सिंह ऐरी की नौ-बॉल में T20I हाफ़-सेंचुरी के संदर्भ पर भी सवाल उठाए। ऐरी ने 2007 T20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ युवराज सिंह की 12-बॉल वाली हाफ़-सेंचुरी का रिकॉर्ड तोड़ा था।

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उन्होंने नेपाल की तरक्की का ज़िक्र किया, जिसमें इस साल की शुरुआत में भारत में हुए T20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड को लगभग हराने की उनकी कोशिश भी शामिल थी, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एसोसिएट टीमों के ख़िलाफ़ किए गए प्रदर्शन को उसी तरह मापा जाना चाहिए।

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Tue, 13 Oct 2026 11:42:00 +0530

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