Rahul Gandhi इधर Supreme Court में याचिका देकर आये, उधर पूर्व जज K Chandru ने किया बड़ा दावा- ''मोदी खुद करते हैं जजों की नियुक्ति''
इधर INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राष्ट्रीय राजधानी में ‘चलो दिल्ली’ मार्च निकाला और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। उधर, मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के. चंद्रू का वह बयान अचानक चर्चा में आ गया जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि जजों की नियुक्ति प्रधानमंत्री मोदी खुद करते हैं।
जहां तक विपक्ष के दिल्ली चलो मार्च की बात है तो आपको बता दें कि बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक निकले मार्च में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, RJD नेता तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की मौजूदगी ने इस विरोध को व्यापक राजनीतिक समर्थन दिया। हजारों प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी की कानूनी टीम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय, अखिलेश यादव और तेजस्वी प्रसाद यादव याचिकाकर्ता हैं। राहुल ने इसे अलग-अलग आंदोलनों की बजाय ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक साझा विरोध बताया।
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इसी बीच, चेन्नई में आयोजित ‘Who Will Judge the Judges’ परिचर्चा में मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के. चंद्रू की ओर से न्यायिक नियुक्तियों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाने वाला बयान चर्चा में आ गया। उन्होंने कॉलेजियम प्रणाली को अपारदर्शी बताते हुए कहा कि देश में न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया आम लोगों की जानकारी से बाहर रहती है। उनका सवाल था कि आखिर न्यायाधीशों की नियुक्ति करने वाली व्यवस्था को जवाबदेह कौन बनाएगा? मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के. चंद्रू ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्तियां कॉलेजियम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जजों की नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) बनाने की कोशिश की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया। चंद्रू के मुताबिक, इसके बाद सरकार ने इस आयोग को दोबारा बनाने की जरूरत ही नहीं समझी, क्योंकि उसे जजों की नियुक्तियों को प्रभावित करने के इससे भी ज्यादा कारगर रास्ते मिल गए थे।
दूसरी ओर, विपक्ष के आज के आंदोलन पर भाजपा ने पलटवार करते हुए इसे ड्रामा बताया है। केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पिछले कई वर्षों से कांग्रेस लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर हमले कर रही है। हद तो ये हो गई कि पार्टी चुनाव की हार का दोष भी संवैधानिक संस्थानों पर मढ़ती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हार का सिलसिला लगातार जारी है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अभी उपचुनाव में क्या हुआ? असम में कांग्रेस की स्थिति क्या है? स्थानीय निकाय चुनाव में त्रिपुरा में क्या हुआ, राजस्थान में क्या हुआ, उससे पहले हिमाचल में क्या हुआ? एक के बाद एक चुनाव में हारना और उसकी खीज आंदोलन कर सड़कों पर निकालना, ये कांग्रेस की नियति बन गई है। उन्होंने कहा कि लेकिन आज मैं कांग्रेस के मित्रों से कहना चाहता हूं कि कांग्रेस की हार का कारण चुनाव आयोग नहीं है, कांग्रेस की हार का कारण कांग्रेस का विचार शून्य नेतृत्व है।
Rahul Gandhi vs ECI: सुप्रीम कोर्ट तक मार्च कर रहे राहुल को पुलिस ने रोका, हजारों की संख्या में जुटे लोग, विपक्षी नेताओं की अर्जी पर कल होगी सुनवाई
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में INDIA गठबंधन के नेताओं ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के खिलाफ याचिका दायर की। इसमें आरोप लगाया गया है कि वोटर लिस्ट में बदलाव के दौरान बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम हटाए गए और गड़बड़ियां हुईं। याचिका में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर भी चिंता जताई गई है। यह याचिका तब दायर की गई जब INDIA गठबंधन के सांसदों और समर्थकों ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) में कथित चुनावी गड़बड़ियों के विरोध में सुप्रीम कोर्ट तक 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' निकाला। इसके बाद गांधी की कानूनी टीम ने कांग्रेस नेता और विपक्ष के अन्य नेताओं की ओर से यह याचिका दायर की।
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पुलिस ने रोका मार्च
बाराखंभा से सुप्रीम कोर्ट तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रियंका गांधी के साथ मार्च कर रहे राहुल गांधी को भगवान दास रोड पर रोक दिया गया है। वहां पर दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी है और आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है। भगवान दास रोड पर पुलिस बलों को काफी संख्या में तैनात किया गया है। इसमें पैरामिलिट्री फोर्स के साथ यूपी पुलिस भी शामिल है।
इस मामले में दूसरे याचिकाकर्ता कौन हैं?
दिल्ली में CEC के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन LIVE: चुनाव आयोग के खिलाफ़ दायर याचिका में राहुल गांधी मुख्य याचिकाकर्ता हैं। अन्य याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, RJD के तेजस्वी यादव, TMC के सौगत रॉय, शिवसेना (UBT) के संजय राउत, JMM की महुआ माजी, CPM के MA बेबी, NCP (SP) की सुप्रिया सुले, CPI के D राजा और IUML के ET मोहम्मद बशीर शामिल हैं।
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राहुल ने ज्ञानेश कुमार से कहा - सरकारी गवाह बन जाएं
इससे पहले, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश ने लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेताओं के साथ बैठक के अनुरोध को ठुकरा दिया था, तो गांधी ने सुप्रीम कोर्ट जाने का अपना फ़ैसला घोषित किया था। कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफ़ा देने और सरकारी गवाह बनने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि ECI प्रमुख उस कथित गड़बड़ी के मुख्य सूत्रधार नहीं थे। गांधी ने कहा इस्तीफ़ा दें, सरकारी गवाह बनें; आपने (कुमार) ग़लती की है, लेकिन आप उस ग़लती के पीछे का असली दिमाग नहीं हैं। गांधी ने ज़ोर देकर कहा कि विपक्ष का अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक ज़रूरी होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि लगभग 200 सरकारी अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं और उन्हें जानकारी दे रहे हैं।
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