पाकिस्तान में घुसकर भारतीय एजेंटों ने मारे 30 से ज्यादा आतंकी! लश्कर ने किया बड़ा दावा
Indian Agents killed Pakistani Terrorists: सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने पाकिस्तान में हलचल मचा दी है. वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक ऑपरेटिव ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय एजेंट पाकिस्तान में घुसकर 30 से ज्यादा आतंकियों को मार चुके हैं. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बताए जा रहे ऑपरेटिव ने भारत की खुफिया एजेंसियों को लेकर बड़ा दावा किया है. वीडियो में वह कहता है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय एजेंट पाकिस्तान में घुसकर 30 से ज्यादा आतंकियों को मार चुके हैं. उसने यह भी आरोप लगाया कि भारत लगातार अपने एजेंट भेज रहा है और धार्मिक मुद्दे का भी जिक्र किया. हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
पाकिस्तान में लश्कर के टॉप कमांडर रिज़वान हनीफ़ का चौंकाने वाला कबूलनामा!
— श्रवण बिश्नोई (किसान/ Hindus) (@SKBishnoi29Rule) August 3, 2026
हाल ही में सामने आए एक वीडियो में, उसने आरोप लगाया है कि भारतीय एजेंसियां पाकिस्तान के अंदर आतंकवादियों को खत्म करने के लिए "अनजान गनमैन मॉडल" Unknown men का इस्तेमाल कर रही हैं।
उस के मुताबिक:
• पिछले… pic.twitter.com/xMDugTritS
वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है और पाकिस्तान पर लगातार दबाव बना हुआ है. वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
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रिजवान हनीफ ने बताया 'अननोन गनमैन ट्रेंड'
वायरल वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बताए जा रहे ऑपरेटिव रिजवान हनीफ ने दावा किया कि पाकिस्तान के कई शहरों में उसके संगठन के सदस्यों की हत्याएं हुई हैं. उसने कहा कि पेशावर, कराची, रावलपिंडी, मुजफ्फराबाद और रावलकोट जैसे शहरों में कई आतंकी मारे गए. हनीफ ने यह भी कहा कि हर ऐसी घटना के बाद सोशल मीडिया पर 'अननोन गनमैन' हैशटैग ट्रेंड करने लगता था। हालांकि, वीडियो में किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
क्या है लश्कर-ए-तैयबा?
लश्कर-ए-तैयबा की शुरुआत 1980 के दशक में पाकिस्तान में हुई थी. इस संगठन की स्थापना हाफिज मोहम्मद सईद, जफर इकबाल और अब्दुल्ला आजम ने की थी. शुरुआत में यह 'मरकज-उद-दावा-वल-इरशाद' का सैन्य विंग था, जिसे सोवियत-अफगान युद्ध के दौरान बनाया गया था. अफगानिस्तान से सोवियत सेना की वापसी के बाद संगठन ने अपना फोकस जम्मू-कश्मीर की ओर कर दिया। इसके बाद लश्कर-ए-तैयबा का नाम भारत में कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ता रहा.
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Apple App Store से गायब हुआ Telegram, यूजर्स क्यों नहीं कर पा रहे डाउनलोड, आखिर क्या है पूरा मामला
कई यूजर्स Apple App Store से Telegram को डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं. हालांकि, पुराने यूजर्स पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है. Apple और Telegram ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. दूसरी ओर, Telegram के संस्थापक पावेल डुरोव कई देशों में कानूनी जांच का सामना कर रहे है. रूस ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों में भी Telegram कंटेंट मॉडरेशन और सुरक्षा नियमों को लेकर सवालों के घेरे में है.
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