पाकिस्तान का बड़ा झटका, अमेरिका ईरान वार्ता से मुनीर और शहबाज शरीफ OUT... ट्रंप ने बातचीत की मध्यस्था के लिए इन देशों के लिए नाम
ईरान के साथ एक बार फिर से अमेरिकी की बातचीत की चर्चा के बीच पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है। ट्रंप ने इस शांति वार्ता में मध्यस्था की भूमिका के लिए नए देश का नाम लिया है। अमेरिका के इस फैसले से मुनीर और शहबाज शरीफ को बड़ा झटका लगा है।
PoK के बाघ में गोलीबारी, निहत्थे नागरिकों पर फायरिंग का आरोप
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पीओके के बाघ में निहत्थे लोगों पर बेजा ताकत का इस्तेमाल किया. अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रख रहे लोगों पर गोलियां बरसाईं और आंसू गैस के गोले भी दागे.
मंगलवार को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ क्लिप्स और तस्वीरों के साथ बताया कि पीओके स्थित मुजफ्फराबाद जिले के मकरी इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने आम नागरिकों की मोटरसाइकिलों में भी आग लगा दी. ये नई घटनाएं पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी सेना की बढ़ती क्रूरता के बीच हुईं, जहां पिछले कुछ दिनों में कथित तौर पर 50 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं.
जेएएसी ने यूनाइटेड नेशंस, यूएन हाई कमिश्नर फॉर ह्यूमन राइट्स (ओएचसीएचआर) के ऑफिस, इंटरनेशनल मीडिया और ह्यूमन राइट्स संस्थाओं से पीओके में बिगड़ते हालात पर करीब से नजर रखने, तुरंत और स्वतंत्र जांच के लिए दबाव डालने और किसी भी गैर-कानूनी बल प्रयोग के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की.
जेएएसी ने की ये अपील
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फुटेज शेयर करते हुए, जेएएसी ने लिखा, “सिक्योरिटी फोर्स बाघ में निहत्थे आम लोगों पर गोलियां दाग रहे थे और उन पर आंसू गैस का इस्तेमाल कर रहे थे. हम यूनाइटेड नेशंस, ओएचसीएचआर, इंटरनेशनल मीडिया और ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन से अपील करते हैं कि वे तुरंत स्थिति को परखें और आम लोगों के खिलाफ प्रयोग किए गए गैर-कानूनी बल के लिए जो भी जिम्मेदार हैं उनकी जवाबदेही तय करें.”
जेएएसी ने दूसरी पोस्ट में भी फुटेज साझा करते हुए लिखा, “यह वीडियो मुजफ्फराबाद के मकरी में आम लोगों की मोटरसाइकिलों में आग लगाते हुए सिक्योरिटी कर्मियों को दिखाता है. हम संयुक्त राष्ट्र समेत सभी अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील करते हैं कि वो इन घटनाओं पर ध्यान दें, इसकी स्वतंत्र जांच करें और इसके लिए जो भी जिम्मेदार हैं उनकी जवाबदेही तय करें.”
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने की ये अपील
इस बीच, जाने-माने इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन 'एमनेस्टी इंटरनेशनल' ने पाकिस्तानी अधिकारियों से पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सिक्योरिटी फोर्स के बल प्रयोग की एक स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराने की अपील की. संगठन ने कहा कि रावलकोट से आ रही परेशान करने वाली रिपोर्ट्स पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी अधिकारियों के “गैर-कानूनी हिंसा” के लंबे समय से चले आ रहे पैटर्न को दिखाती हैं.
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने एक्स पोस्ट में कहा, “ सुरक्षा बलों ने जिस तरह से निहत्थे लोगों को ताकत से चुप कराने की कोशिश की है उसके लिए स्वतंत्र और पारदर्शी जांच का आदेश दिया जाना चाहिए. जब तक इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर ब्लैकआउट रहेगा, तब तक जमीन पर स्थिति की पूरी हद तक स्वतंत्र जांच में रुकावट आएगी.”
--आईएएनएस
केआर/
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