वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में सिम्फनी का मुनाफा 5 प्रतिशत गिरकर 40 करोड़ रुपए रहा
मुंबई, 4 अगस्त (आईएएनएस)। एयर कूलर बनाने वाली प्रमुख कंपनी सिम्फनी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए अपने शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) में सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की।
कंपनी का शुद्ध लाभ (पीएटी) जून 2026 तिमाही में घटकर 40 करोड़ रुपए रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 42 करोड़ रुपए था। इस तरह कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर करीब 5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनी की आय में वृद्धि देखने को मिली। जून तिमाही के दौरान ऑपरेशंस से राजस्व 8 प्रतिशत बढ़कर 378 करोड़ रुपए पहुंच गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 350 करोड़ रुपए था। यह संकेत देता है कि कंपनी की बिक्री और कारोबार में मजबूती बनी हुई है।
अहमदाबाद मुख्यालय वाली कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।
नियामकीय फाइलिंग के अनुसार, कंपनी का ईबीआईटीडीए (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय) 28 प्रतिशत बढ़कर 46 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 36 करोड़ रुपए था।
बेहतर परिचालन दक्षता का असर कंपनी के मार्जिन पर भी दिखाई दिया। जून तिमाही में ईबीआईटीडीए मार्जिन बढ़कर 12.2 प्रतिशत हो गया, जो एक वर्ष पहले 10.3 प्रतिशत था। इससे स्पष्ट है कि कंपनी लागत नियंत्रण और परिचालन क्षमता बढ़ाने में सफल रही है।
साल 1988 में अचल बेकरी द्वारा स्थापित सिम्फनी आज इवेपोरेटिव कूलिंग क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में शामिल है और दुनिया के 60 से अधिक देशों में कारोबार कर रही है। कंपनी घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपयोग के लिए कूलिंग समाधान उपलब्ध कराती है।
सिम्फनी का बिजनेस मॉडल अपेक्षाकृत हल्की परिसंपत्तियों (लाइट-एसेट मॉडल) पर आधारित है। कंपनी मुख्य रूप से अनुसंधान एवं विकास, उत्पाद डिजाइन और ब्रांड निर्माण पर ध्यान देती है, जबकि विनिर्माण का बड़ा हिस्सा आउटसोर्स किया जाता है। कंपनी अपने उत्पादों को पारंपरिक एयर कंडीशनिंग सिस्टम की तुलना में ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प के रूप में पेश करती है।
तिमाही नतीजों के बाद शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। दोपहर के कारोबार के दौरान सिम्फनी का शेयर 1.55 प्रतिशत यानी 10.55 रुपए की गिरावट के साथ 672.20 रुपए पर कारोबार कर रहा था।
शेयर के हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले एक हफ्ते में इसमें 2.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, पिछले 6 महीने में शेयर करीब 29 प्रतिशत, पिछले 1 साल में 36.2 प्रतिशत तक कमजोर हुआ है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पीएलआई टेक्सटाइल स्कीम में केंद्र ने 170 कंपनियों के आवेदन को दी मंजूरी
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। पीएलआई टेक्सटाइल स्कीम के अंतर्गत अब तक कुल 170 कंपनियों के आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है। यह जानकारी सरकार की ओर से मंगलवार को दी गई।
इसके अलावा, कपड़ा राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि इस स्कीम के तहत एमएमएफ अपैरल,एमएमएफ फैब्रिक्स और टेक्निकल टेक्सटाइल्स सेगमेंट में 225 प्रोडक्ट्स को नोटिफाई किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, पीएलआई स्कीम की नियमित निगरानी और समीक्षा मंत्रालय और डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) के स्तर पर की जाती है, जो सभी पीएलआई स्कीम के लिए नोडल विभाग है। जमीनी स्तर पर बारीकी से जांच-पड़ताल के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी (पीएमए) को भी लगाया गया है, और स्कीम से जुड़े डेटा और परफॉर्मेंस मेट्रिक्स के लिए एक सेंट्रलाइज्ड रिपॉजिटरी के तौर पर काम करने के लिए एक खास पीएलआई पोर्टल बनाया गया है।
इस बीच, नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल्स मिशन (एनटीटीएम) के तहत, टेक्निकल टेक्सटाइल्स में नए इनोवेटर्स के लिए रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप के लिए ग्रांट (जीआरईएटी) स्कीम का मकसद टेक्निकल टेक्सटाइल्स सेक्टर में स्टार्टअप इकोसिस्टम को सपोर्ट करना है। इसके तहत युवा इनोवेटर्स, वैज्ञानिकों, टेक्नोलॉजिस्ट्स और स्टार्टअप वेंचर्स को उनके आइडिया को कमर्शियल टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट्स में बदलने में मदद दी जाती है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एनटीटीएम को कुल 256 करोड़ रुपए का बजट दिया गया है, जिसमें ग्रेट स्कीम के तहत स्टार्टअप्स को ग्रांट देने का प्रावधान भी शामिल है।
लोकसभा में एक अलग सवाल के लिखित जवाब में मार्गेरिटा ने बताया कि एनटीटीएम के तहत कुल 15.40 करोड़ रुपए की लागत वाले 31 स्टार्टअप्स को मंजूरी दी गई है, जिसमें से 13.65 करोड़ रुपए भारत सरकार का हिस्सा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नेशनल हैंडलूम डेवलपमेंट प्रोग्राम (एनएचडीपी) के तहत छोटे क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम के हिस्से के तौर पर, 2023-24 और 2024-25 के दौरान 78.31 लाख रुपए की राशि जारी की गई है, जिससे तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में 343 हैंडलूम बुनकरों को फायदा हुआ है।
--आईएएनएस
एबीएस
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