जकार्ता:एपेक "चीन वर्ष" का पहला व्यावसायिक कार्यक्रम आयोजित
बीजिंग, 9 फरवरी (आईएएनएस)। 7 से 9 फरवरी तक, चीनी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संवर्धन परिषद (सीसीपीआईटी) के नेतृत्व में चीनी व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में 2026 एपेक व्यापार सलाहकार परिषद की पहली बैठक की मेजबानी की। यह एपेक के चीन वर्ष का पहला प्रमुख व्यावसायिक कार्यक्रम था।
इस दौरान, इंडोनेशिया के आर्थिक मामलों के समन्वय मंत्री एयरलंगा हार्टार्टो ने एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में व्यापार समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका की अत्यधिक प्रशंसा की और एपेक के चीन वर्ष की पूर्ण सफलता की कामना की। उन्होंने आशा जतायी कि विभिन्न पक्षों के साथ मिलकर दक्षिणी चीन के क्वांगतोंग प्रांत के शनचन शहर में आयोजित 2026 एपेक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, हाथ मिलाकर क्षेत्रीय साझा समृद्धि में मजबूत प्रेरित शक्ति का संचार करेंगे।
बैठक के दौरान, एशिया-प्रशांत व्यापार समुदाय के प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण, सतत विकास, डिजिटल नवाचार और कनेक्टिविटी सहित चार प्रमुख क्षेत्रों पर गहन विचार-विमर्श किया, कई रचनात्मक प्रस्ताव रखे और खुलापन, कनेक्टिविटी और तालमेल को वार्षिक विषय के रूप में चुना। उन्होंने एशिया-प्रशांत क्षेत्र से खुले बाजारों को बनाए रखने, आर्थिक एकीकरण में तेजी लाने और नवाचार सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया।
इसके अलावा, बैठक में चीन द्वारा प्रस्तावित कनेक्टिविटी कार्य समूह के पुन: गठन को सभी पक्षों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ।
बता दें कि इस बैठक में 21 एपेक अर्थव्यवस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों, व्यापार सलाहकार परिषद के प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों सहित 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील रत्न और आभूषण क्षेत्र के लिए साबित होगी गेम चेंजर, व्यापार कई गुना बढ़ेगा : इंडस्ट्री
जयपुर, 9 फरवरी (आईएएनएस)। भारत-अमेरिका ट्रेड डील रत्न और आभूषण क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित होगी और इससे व्यापार आने वाले वर्षों में कई गुना बढ़ सकता है। यह जानकारी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की ओर से सोमवार की दी गई।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के रत्न और आभूषण क्षेत्र पर प्रभाव पर समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए द्वारका जेम्स लिमिटेड के सीएमडी कृष्ण बिहारी गोयल ने कहा कि जीरो प्रतिशत टैरिफ से भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिका जैसा बड़ा बाजार खुलेगा। इससे भारत चीन, थाईलैंड जैसे देशों को अमेरिकी बाजार में कड़ी टक्कर दे पाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत होने से बिजनेस काफी कम हो गया था, लेकिन अब इसके कई गुना बढ़ने की संभावना है।
गोयल ने आगे कहा कि अमेरिका में बड़े से छोटे सभी व्यापारी कारोबार करते हैं। ऐसे बढ़े हुए टैरिफ से सबसे ज्यादा नुकसान एमएसएमई को हुआ था। ऐसे में अब टैरिफ कम होने का ज्यादा फायदा भी एमएसएमई को मिलेगा।
गोयल ने आगे बताया कि रत्न और आभूषण क्षेत्र देश के सबसे अधिक विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाले क्षेत्र में से एक है। ऐसे में इससे देश की पूरी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
ऑल इंडिया जेम एड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल के वाइस चेयरमैन ने अविनाश गुप्ता ने कहा कि इस डील से अमेरिका को भारतीय रत्न और आभूषण निर्यात पर टैरिफ जीरो हो जाएगा। इससे देश की कटिंग और पॉलिश इंडस्ट्री को काफी फायदा होगा। टैरिफ से पिछले कुछ समय में जो नुकसान हुआ है, अगले दो वर्षों में उससे अधिक फायदा होगा।
इससे पहले, आईएएनएस से बात करते हुए किरन जेम्स प्राइवेट लिमिटेड के दिनेश लखानी ने कहा कि इस समझौते से दोनों अर्थव्यवस्थाओं को फायदा होगा साथ ही, इससे अधिक टैरिफ से प्रभावित हुए निर्यात को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सेक्टर पर इस समझौते के असर के बारे में बताते हुए लखानी ने कहा कि भारत के 50 प्रतिशत से अधिक रत्न और आभूषण का निर्यात अमेरिका को होता है और अमेरिकी टैरिफ के कारण बीते एक साल में यह काफी रुक गया है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत के रत्न और आभूषण पर अमेरिकी टैरिफ जीरो हो गया है। इससे भारतीय उत्पादों के लिए एक बड़ा बाजार खुल गया है। अमेरिका के ज्वेलर्स और चेन स्टोर्स भारत से अधिक मात्रा में सामान की खरीद कर पाएंगे।
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