Responsive Scrollable Menu

Iran-US Conflict: गोलम रेजा सुलेमानी के बयान और मिडिल ईस्ट में बढ़ती जंग की तैयारी, बोलें "इजराइल 10 दिनों का युद्ध झेल सकता है"

Iran-US Conflict: ईरान की अर्धसैनिक बल बासिज के कमांडर गोलम रेजा सुलेमानी के हालिया बयान ने एक बार फिर मिडिल ईस्ट की राजनीति और सैन्य संतुलन पर नई बहस छेड़ दी है. सुलेमानी का दावा है कि अमेरिका, जिसके पास दुनिया की लगभग 50% सैन्य क्षमता है, उसे भी सीजफायर की गुहार लगानी पड़ी और 12 दिन की लड़ाई में उसे हार का सामना करना पड़ा. इतना ही नहीं, उनका यह भी कहना है कि इजराइल सिर्फ 10 दिनों तक ही बड़े स्तर का युद्ध झेल सकता है.

युद्ध में अमेरिका-इजराइल की ताकत कितनी?

हालांकि, सैन्य विशेषज्ञों का मानना हैं कि युद्ध को ऑफेंस और डिफेंस-दोनों नजरिए से देखना जरूरी है. हमले की क्षमता के मामले में अमेरिका और इजराइल की सैन्य ताकत बेजोड़ है. F- 35 लाइटनिंग जैसे स्टेल्थ फाइटर जेट, B-2 बॉम्बर और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे उन्हें आक्रामक बढ़त देने में सक्षम हैं. लेकिन पिछले साल जून की 12 दिन की जंग में यह भी देखा गया कि एयर डिफेंस सिस्टम की क्षमता समय के साथ कम हो गई है. शुरुआती दिनों में जहां 96% मिसाइलें रोकी गईं, वहीं बाद में यह आंकड़ा 62-65% तक पहुंच गया था.

इस के आधार पर अमेरिका इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगा. जॉर्डन को केंद्र बनाकर मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य मोर्चाबंदी को मजबूत कर दिया है. THAAD जैसे एडवांस एंटी-बैलेस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम, EA-18G ग्रोवलर इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर एयरक्राफ्ट और बड़ी संख्या में फाइटर जेट्स की तैनाती इस बात का संकेत दे रही है कि अमेरिका ईरान की सेकंड स्ट्राइक क्षमता को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है. 

पूरी बात वीडियो रिपोर्ट में जानिए...

ये भी पढ़ें- Chhattisgarh: अंबिकापुर की आठ दुकानों में लगी आग, करोड़ों का माल जलकर खाक

Continue reading on the app

Rajpal Yadav: राजपाल यादव की मदद के लिए आगे आए तेजप्रताप, 11 लाख देने का किया ऐलान

Rajpal Yadav: राजपाल यादव ने कहा कि उनके पास इस समय न तो पैसे हैं और न ही मदद करने वाले दोस्त। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में सरेंडर करना ही उनके पास एकमात्र विकल्प बचा था। राजपाल यादव ने अपनी आर्थिक हालत पर दुख जताया। उन्होंने कहा, “सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा

Continue reading on the app

  Sports

Jadeja vs Axar: रवींद्र जडेजा को ग्रेड-ए में एंट्री तो ऑल फॉर्मेट अक्षर को क्यों ग्रेड-C में रखा गया? क्या है ग्रेडिंग का पैमाना?

Jadeja vs Axar: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के 2025-26 के एनुअल सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सामने आते ही दिलचस्प बहस शुरू हो गई- चर्चा इसी को लेकर हो रही कि आखिर रवींद्र जडेजा को टॉप ग्रेड-ए में क्यों रखा गया जबकि टी20 टीम के उपकप्तान अक्षर पटेल को ग्रेड-सी में जगह मिली? पहली नजर में दोनों ऑलराउंडर एक जैसे लगते हैं, लेकिन टीम कॉम्बिनेशन और उपयोगिता के आधार पर बोर्ड ने अंतर साफ दिखाया है।

सबसे पहले ग्रेड-ए की बात करें तो इसमें सिर्फ तीन खिलाड़ी शामिल हैं- रवींद्र जडेजा, शुभमन गिल और जसप्रीत बुमराह। वहीं बड़े नाम रोहित शर्मा और विराट कोहली को ग्रेड-बी में डाल दिया गया है। ग्रेड ए प्लस को खत्म कर दिया गया है। यह फैसला साफ करता है कि बीसीसीआई अब भारतीय क्रिकेट में स्टारडम नहीं, बल्कि टीम के लिए खिलाड़ी की भूमिका और उपयोगिता को ज्यादा अहमियत दे रहा।

जडेजा को क्यों ग्रेड-ए में रखा गया?
जडेजा का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट उनका मल्टी-फॉर्मेट प्लेयर या असर है। उन्होंने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद टी20 इंटरनेशनल से दूरी बना ली है, लेकिन टेस्ट और वनडे में वह अभी भी टीम इंडिया की रणनीति का अहम हिस्सा हैं। यही दो फॉर्मेट भारत के लिए लंबे समय तक टीम बिल्डिंग की नींव माने जाते हैं। इसलिए एक फॉर्मेट छोड़ने के बावजूद उनकी अहमियत कम नहीं हुई है।

इसके अलावा जडेजा की सबसे बड़ी ताकत उनका थ्री-डायमेंशनल खेल है। वह मिडिल ओवर में गेंद से कंट्रोल देते हैं, जरूरत पड़ने पर निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हैं और फील्डिंग में मैच का रुख पलटने की काबिलियत भी रखते हैं। ऐसे खिलाड़ी टीम संतुलन बनाए रखते हैं, जिससे कप्तान और कोच के लिए प्लेइंग इलेवन तय करना आसान हो जाता है।

जडेजा का हालिया प्रदर्शन भी उनके पक्ष में गया। 2025 के आखिर में गुवाहाटी टेस्ट में जब भारतीय बल्लेबाजी लड़खड़ा गई थी, तब जडेजा ने अकेले मोर्चा संभाला। गेंद और बल्ले दोनों से असर डालकर उन्होंने दिखाया कि दबाव में टीम को संभालने की क्षमता अभी भी उनके पास है।

रोहित-विराट क्यों ग्रेड-बी में हैं?
अब सवाल उठता है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली ग्रेड-बी में हैं जबकि जडेजा ग्रेड-ए में। दरअसल बीसीसीआई ने ए+ कैटेगरी खत्म कर टॉप टियर को छोटा और ज्यादा भार सहने वाला बनाया है। यानी ऐसे खिलाड़ी जो टीम बैलेंस तय करते हैं और जिनकी जगह भरना मुश्किल है, उन्हें तरजीह दी गई है। 

अक्षर पटेल को क्यों ग्रेड-सी में रखा गया?
अक्षर पटेल की बात करें तो वह भी ऑलराउंडर हैं लेकिन उन्हें हर फॉर्मेट में ऑटोमैटिक स्टार्ट (प्लेइंग-11 में पहली पसंद का खिलाड़ी) नहीं माना गया। हाल के रिकॉर्ड देखें तो उनका आखिरी वनडे अक्टूबर 2025 और आखिरी टेस्ट नवंबर 2025 में था। इससे संकेत मिलता है कि वह टीम में रोटेशन या जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल हो रहे हैं, जबकि जडेजा ज्यादातर प्लेइंग इलेवन का स्थायी हिस्सा रहे।

बीसीसीआई ने कोई फॉर्मल ग्रेडिंग फॉर्मूला नहीं दिया है, इसलिए सबसे साफ मतलब लिस्ट में ही स्क्वाड बनाने के सिग्नल से ही पता चलता है। 2025-26 में, ग्रेड C में ऐसे खिलाड़ी हैं जो या तो रेगुलर प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं रहते हैं या फॉर्मेट-स्पेसिफिक/रोटेशन ऑप्शन हैं जबकि टॉप टियर में ऑटोमैटिक स्टार्टर्स होते हैं जो सभी फॉर्मेट में टीम बैलेंस बनाते हैं।

कुल मिलाकर बीसीसीआई का यह फैसला खिलाड़ियों की लोकप्रियता से ज्यादा टीम की जरूरत और संतुलन पर आधारित है। जडेजा अभी भी टीम इंडिया के लिए ऑल-वेदर सॉल्यूशन हैं, इसलिए उन्हें ग्रेड-ए में बरकरार रखा गया है जबकि अक्षर पटेल तीनों फॉर्मेट में खेलने के बावजूद ग्रेड-सी में रखे गए।

Tue, 10 Feb 2026 17:11:17 +0530

  Videos
See all

ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव! | Goonj | Rubika Liyaquat | OM Birla | Rahul Gandhi #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-10T12:12:01+00:00

गोपालगंज में 168 पाकिस्तानी नागरिक! | #biharnews #viralnews #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-10T12:16:08+00:00

लोकतंत्र खतरे में? किताब का राज़ क्या? | Goonj | Rubika Liyaquat | OM Birla | Rahul Gandhi #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-10T12:16:08+00:00

साइबर सिक्योरिटी सम्मेलन में अमित शाह | #amitshah #viralnews #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-10T12:15:12+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers