मानव जाति साझा भविष्य समुदाय : अधिक सामंजस्यपूर्ण और टिकाऊ भविष्य के लिए सर्वोत्तम समाधान
बीजिंग, 9 फरवरी (आईएएनएस)। जनवरी 2026 के अंत में, अमेरिका के टेक्सास में आए एक दुर्लभ हिमपात के कारण एक चिप फैक्ट्री बंद हो गई। प्रशांत महासागर के पश्चिमी तट पर हजारों मील दूर, चीन के शांगहाई में भोजन वितरण करने वाले श्री चांग ने पाया कि जिस मोबाइल फोन की उन्हें लंबे समय से चाह थी, उसकी कीमत अचानक लगभग 20 बढ़ गई थी।
उन्होंने शायद कभी कल्पना भी नहीं की थी कि किसी विदेशी देश में आई एक प्राकृतिक आपदा ने जटिल वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के माध्यम से उनके जीवन को भी प्रभावित किया।
जैसे-जैसे ऐसी चुनौतियां उभरती जा रही हैं, मानवता के सामने एक मूलभूत प्रश्न खड़ा हो गया है: इस परस्पर जुड़े ग्रह पर, हम एक अधिक लचीले, अधिक न्यायसंगत और अधिक टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए कैसे मिलकर काम कर सकते हैं?
मानव जाति साझा भविष्य समुदाय का निर्माण यही उत्तर चीनी नेता शी चिनफिंग ने दिया है। यह महज एक अवधारणा नहीं, बल्कि हमारे समय की मूलभूत चुनौतियों का एक गहन समाधान है।
आज की दुनिया पहले से कहीं अधिक एक सच्चे वैश्विक गांव की तरह है। तकनीकी और व्यापारिक नेटवर्क देशों को आपस में मजबूती से जोड़ते हैं, जिससे ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है जहां हर कोई या तो साथ मिलकर समृद्ध होता है या साथ मिलकर कष्ट भोगता है।
आज दुनिया एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ी है। हमें किस दिशा में जाना चाहिए? हम सभी के लिए बेहतर जीवन कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं? सोचने के पुराने तरीके अब नए युग के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं। जैसा कि शी चिनफिंग ने कहा, हम भौतिक रूप से 21वीं सदी में प्रवेश कर सकते हैं, लेकिन मानसिक रूप से अतीत में अटके नहीं रह सकते।
दुनिया बदल गई है, और हमारे दृष्टिकोण को भी अद्यतन करना होगा। मानव जाति साझा भविष्य समुदाय की अवधारणा ठीक इसी प्रकार की एक नई सोच है। यह हमें याद दिलाती है कि समान चुनौतियों का सामना करते हुए, अलगाव अब संभव नहीं है, केवल सहयोग ही समाधान ढूंढ सकता है।
साझा सुरक्षा और सहयोगात्मक प्रतिक्रियाएं, आर्थिक साझेदारी और खुलेपन व पारस्परिक लाभ वाला सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और विविधता का सम्मान, साझा पारिस्थितिक संरक्षण और हरित विकास। वास्तव में, ये पांचों पहलू परस्पर जुड़े हुए हैं, जो मानव जाति साझा भविष्य समुदाय के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
चीन न केवल इस अवधारणा का प्रस्ताव रखता है, बल्कि इसे अपने कार्यों के माध्यम से भी बढ़ावा देता है। घरेलू स्तर पर, चीन आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और पारिस्थितिक प्रगति को व्यापक रूप से आगे बढ़ा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर, बेल्ट एंड रोड पहल के माध्यम से, चीन वैश्विक विकास, वैश्विक सुरक्षा, वैश्विक सभ्यता और वैश्विक शासन सम्बंधी पहलों को लागू कर रहा है, और इन अवधारणाओं को ठोस परियोजनाओं में बदल रहा है। इन प्रयासों ने विश्व को स्थिरता प्रदान की है और साझा विकास को गति प्रदान की है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ बैठक रही सफल, भारत के महासागर विजन के लिए सेशेल्स अहम: पीएम मोदी
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने सोमवार को अहम बैठक की। पीएम मोदी ने इस बैठक को द्विपक्षीय संबंधों के लिए काफी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सेशेल्स को भारत के महासागर विजन का अहम हिस्सा करार दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ तस्वीरों के साथ लिखा- सुबह सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ एक सफल बैठक संपन्न हुई। उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब सेशेल्स अपनी आजादी का 50वां साल और भारत-सेशेल्स संबंधों की 50वीं सालगिरह मना रहा है। हमारे देश इतिहास और भविष्य के लिए एक साझा विजन से जुड़े हुए हैं। एक समुद्री पड़ोसी और भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर, सेशेल्स भारत के महासागर विजन का एक अहम हिस्सा है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण दायरे को समाहित करते हुए व्यापक और सार्थक चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने अक्टूबर 2025 में सम्पन्न चुनावों में सफलता के लिए राष्ट्रपति हर्मिनी को बधाई दी।
दोनों नेताओं ने यह भी स्वीकार किया कि सेशेल्स–भारत संबंध जन-केंद्रित हैं और पश्चिमी हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा एवं स्थिरता को सुदृढ़ करते हैं। नेताओं ने भारत के विजन महासागर में सेशेल्स की भूमिका को एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में भी पुनः रेखांकित किया।
राष्ट्रपति हर्मिनी ने सेशेल्स तथा क्षेत्र के लिए एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने सेशेल्स के विकास एजेंडा की प्राप्ति में भारत द्वारा दी गई दीर्घकालिक सहायता एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
नेताओं ने सेशेल्स और भारत के बीच नियमित उच्च-स्तरीय राजनीतिक बैठकों, दौरों तथा परामर्शों के महत्व को स्वीकार किया। दोनों देशों के बीच जन-केंद्रित विकास साझेदारी का विस्तार और उसे और अधिक सुदृढ़ करने के लिए निकट सहयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करते हुए, भारत ने 175 मिलियन अमरीकी डॉलर के एक ‘विशेष आर्थिक पैकेज’ की भी घोषणा की।
जो आवास, स्वास्थ्य, रक्षा, ई-मोबिलिटी और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएगा। दोनों ने संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने कहा कि भारत-सेशेल्स संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक हैं।
--आईएएनएस
केआर/
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