सागर/खुरई। खुरई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत खुरई और बांदरी नगर में कुछ शराब दुकानों की मौजूदा स्थिति को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई है। स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को हो रही असुविधा और असुरक्षा को देखते हुए खुरई विधायक एवं पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। उन्होंने …
दिव्या भारती के निधन से पहले उनके मन में क्या चल रहा था ये कोई नहीं जानता। हालांकि उनके जानने वाले अक्सर यह बताते हैं कि वह अंदर से दुखी थीं। अब मास्टर राजू ने भी दिव्या की पर्सनल लाइफ से जुड़ी कुछ बातें कही हैं।
IND vs PAK Boycott: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर चला बॉयकॉट विवाद अब खत्म होता दिख रहा। इस बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के सामने बहिष्कार खत्म करने के बदले 5 बड़ी मांगें रखीं थीं, जिनमें से तीन को आईसीसी ने सीधे तौर पर खारिज कर दिया।
1 फरवरी को पाकिस्तान सरकार ने ऐलान किया था कि टीम वर्ल्ड कप खेलने श्रीलंका जाएगी लेकिन बांग्लादेश के समर्थन में भारत के खिलाफ मैच में नहीं उतरेगी। बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के बाद यह फैसला लिया गया था। हालांकि आईसीसी ने पीसीबी को फैसले पर दोबारा सोचने की सलाह दी और इसके लंबे असर की चेतावनी भी दी थी।
लाहौर में रविवार को पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी, आईसीसी डिप्टी चेयर इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम के बीच अहम बैठक हुई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी के सामने 5 मांगें रखीं थीं।
भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज कराने की मांग सबसे बड़ी मांग थी भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज फिर शुरू कराना। आईसीसी ने इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए खारिज कर दिया। इसी तरह भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच त्रिकोणीय सीरीज कराने का प्रस्ताव भी आईसीसी ने यह कहते हुए ठुकरा दिया कि यह फैसला सदस्य बोर्ड का होता है।
भारत के बांग्लादेश दौरे की शर्त आईसीसी ने नहीं मानी पीसीबी ने भारत के 2026 में बांग्लादेश दौरे की गारंटी की भी मांग की थी लेकिन आईसीसी ने साफ कहा कि द्विपक्षीय टूर का फैसला बोर्ड करते हैं, आईसीसी नहीं। हालांकि दो मांगों पर आईसीसी का रुख सकारात्मक रहा।
बांग्लादेश के खिलाफ कोई जुर्माना नहीं लगेगा पीसीबी ने बांग्लादेश को वर्ल्ड कप से बाहर होने के बदले आईसीसी इवेंट देने की बात कही, जिस पर आईसीसी पहले से विचार कर रहा और अगले चक्र में अंडर-19 वर्ल्ड कप की मेजबानी बांग्लादेश को मिल सकती। साथ ही पीसीबी की यह मांग भी मान ली गई कि भारत जाने से इनकार करने पर बीसीबी पर कोई आर्थिक जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।
फिलहाल बैठक के बाद माहौल थोड़ा नरम पड़ा है और माना जा रहा है कि भारत-पाक मुकाबले पर बना गतिरोध जल्द खत्म हो सकता है। हालांकि, पीसीबी की कुछ बड़ी मांगें ठुकराए जाने के बाद अब आगे की रणनीति पर सबकी नजर टिकी है।