सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करते हैं जानवर? इंसानों के लिए तो इतने सारे नियम, जानवरों की दुनिया का अलग है Rule!
17 फरवरी को इस साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है. सूर्य ग्रहण के दौरान इंसानों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इसे लेकर तो आपने कई आर्टिकल पढ़े होंगे. लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि इस दौरान जानवर क्या करते हैं?
Lahsun Chutney: राजस्थानी लहसुन की चटनी डिनर में करेगी कमाल! स्वाद को कर देगी दोगुना
Lahsun Chutney Recipe: राजस्थानी खाने की पहचान सिर्फ दाल-बाटी-चूरमा तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की तीखी और खुशबूदार चटनियां भी स्वाद का अलग ही रंग भर देती हैं। इन्हीं में सबसे खास है राजस्थानी लहसुन की चटनी, जो साधारण रोटी या बाजरे की भाखरी के साथ भी खाने का मजा दोगुना कर देती है। इसका तीखापन और देसी फ्लेवर एक बार चखने के बाद लंबे समय तक याद रहता है।
खास बात यह है कि यह चटनी बिना ज्यादा झंझट और कम सामग्री में तैयार हो जाती है। पारंपरिक तरीके से बनी लहसुन की यह चटनी न सिर्फ स्वाद बढ़ाती है, बल्कि इसमें मौजूद मसाले सेहत के लिहाज से भी फायदेमंद माने जाते हैं। अगर आप घर में राजस्थानी थाली जैसा स्वाद चाहते हैं, तो यह चटनी जरूर ट्राई करें।
राजस्थानी लहसुन की चटनी के लिए सामग्री
- लहसुन की कलियां - 15-20
- साबुत लाल सूखी मिर्च - 6-8
- जीरा - 1 छोटा चम्मच
- धनिया के बीज - 1 छोटा चम्मच
- नमक - स्वादानुसार
- सरसों का तेल - 2 बड़े चम्मच
- पानी - जरूरत अनुसार
राजस्थानी लहसुन चटनी बनाने का तरीका
सूखी मिर्च और मसालों की तैयारी
सबसे पहले सूखी लाल मिर्च को हल्के गुनगुने पानी में 10-15 मिनट के लिए भिगो दें। इससे मिर्च नरम हो जाएगी और पीसने में आसानी होगी। अब मिक्सर या सिल-बट्टे में जीरा और धनिया के बीज डालकर हल्का सा दरदरा पीस लें।
लहसुन की चटनी पीसने की विधि
भीगी हुई लाल मिर्च का पानी निकाल लें और उसे लहसुन की कलियों के साथ मिक्सर में डालें। इसमें पिसा हुआ जीरा-धनिया और नमक मिलाएं। अब जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी डालकर चटनी को दरदरा पीस लें। ध्यान रखें कि चटनी ज्यादा स्मूद न हो, क्योंकि दरदरी बनावट ही इसकी पहचान है।
सरसों के तेल से आएगा असली राजस्थानी स्वाद
अब तैयार चटनी को एक बाउल में निकालें और ऊपर से सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह मिला लें। सरसों का तेल इस चटनी को तीखा, खुशबूदार और लंबे समय तक टिकाऊ बनाता है। चाहें तो तेल को हल्का गर्म करके ठंडा होने के बाद भी मिला सकते हैं।
परोसने और स्टोर करने का तरीका
राजस्थानी लहसुन की चटनी को बाजरे की रोटी, मिसी रोटी, दाल-बाटी या सादा पराठे के साथ परोसें। इसे कांच के जार में भरकर फ्रिज में रखें, तो यह 7-10 दिन तक आसानी से चल जाती है।
स्वाद बढ़ाने के लिए खास टिप्स
- ज्यादा तीखा पसंद हो तो मिर्च की मात्रा बढ़ा सकते हैं।
- चटनी में थोड़ा सा नींबू रस मिलाने से स्वाद और निखर जाता है।
- सिल-बट्टे पर पिसी चटनी का स्वाद और भी देसी लगता है।
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(लेखक:कीर्ति)
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