IND Vs PAK Boycott Row: भारत-पाकिस्तान मैच पर अटका पेच, पीसीबी की शर्तों के बीच बांग्लादेश बोर्ड की एंट्री
IND Vs PAK Boycott Row: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर चल रहा बॉयकॉट विवाद में पाकिस्तान की पोल खुलती दिख रही। पाकिस्तान सरकार ने पहले 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले मुकाबले के बहिष्कार का ऐलान किया था लेकिन अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की अपील से ये विवाद नया मोड़ ले चुका।
पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का फैसला बांग्लादेश के समर्थन में लिया था। बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर भारत में मैच खेलने से इनकार किया था, जिसके बाद उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद पाकिस्तान ने आईसीसी और बीसीसीआई पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा था कि भारत को चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में न्यूट्रल वेन्यू मिला जबकि बांग्लादेश को सुरक्षा चिंता जताने के बाद भी ये मौका नहीं मिला।
बीसीबी ने पीसीबी से मैच खेलने की अपील की
अब न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी से भारत-पाक मैच का बहिष्कार खत्म करने की अपील की। उन्होंने पाकिस्तान के समर्थन की तारीफ की लेकिन कहा कि मैच खेला जाना चाहिए।
पीसीबी ने भी आईसीसी के सामने रखी शर्त
इधर पीसीबी ने भी अपनी कुछ शर्तें सामने रखी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार नकवी ने आईसीसी रेवेन्यू में ज्यादा हिस्सेदारी, भारत-पाक के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट की बहाली और एशिया कप 2025 से चले आ रहे हैंडशेक विवाद खत्म करने की मांग की। नकवी सोमवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पूरे मामले की जानकारी देंगे। हालांकि पीसीबी की कई मांगों पर तुरंत फैसला आसान नहीं।
द्विपक्षीय सीरीज आईसीसी के दायरे में नहीं आती और इसका फैसला दोनों देशों के बोर्ड करेंगे। वहीं मैच से पहले हैंडशेक भी आईसीसी के नियमों के तहत जरूरी नहीं है। भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव पहले ही कह चुके हैं कि हैंडशेक का फैसला टीम का था, न कि बोर्ड या सरकार का।
अब सबकी नजर पाकिस्तान सरकार के अगले कदम पर है। अगर पीसीबी का रुख बदला तो क्रिकेट फैंस को टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान के बीच हाई वोल्टेज मुकाबला देखने को मिल सकता।
Ranji Trophy: हाय रे किस्मत! 299 पर आउट हुआ भारतीय बैटर, रणजी ट्रॉफी में हुआ पहली बार ऐसा
Sudip Gharami 299: बंगाल के बैटर सुदीप घरामी सोमवार (9 फरवरी) को बंगाल क्रिकेट एकेडमी ग्राउंड पर आंध्र प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी क्वार्टर-फाइनल में ट्रिपल-सेंचुरी से सिर्फ एक रन से चूक गए। वह इस दर्द को झेलने वाले पहले भारतीय और फर्स्ट-क्लास इतिहास के सिर्फ क्रिकेटर बने।
फर्स्ट-क्लास इतिहास में दूसरे दो खिलाड़ी न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान मार्टिन क्रो हैं, जिन्होंने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में 299 रन बनाए थे, और ग्लेमोर्गन के माइक पॉवेल हैं, जिन्होंने 2006 में काउंटी चैंपियनशिप मैच में यह पारी खेली थी।
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— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) February 9, 2026
Sudip Gharami walks back after a marathon inning of 299 (596) to keep Bengal ahead in the #RanjiTrophy quarter final!@IDFCFIRSTBank pic.twitter.com/DK7hMTyqPI
घरामी को आंध्र के शेख रशीद ने 596 गेंदों के बाद बोल्ड किया, जो फर्स्ट-क्लास मैच में किसी भारतीय के लिए अब तक की छठी सबसे बड़ी पारी है। स्टैंडिंग ओवेशन के बाद वह आउट हुए। आंध्र के 295 रन पर आउट होने के बाद, जिसमें मुकेश कुमार ने पांच विकेट लिए, बंगाल ने घरामी की नंबर 3 पर करियर की सबसे अच्छी पारी की बदौलत 629 रन बनाए।
26 साल के घरामी ने 596 गेंदों की पारी में 31 चौके और 6 छक्के लगाए। सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानने वाले घरामी का लिस्ट-ए रिकॉर्ड 50 से ज़्यादा की औसत के साथ मज़बूत है, उन्होंने 2022-23 रणजी सीज़न में 800 से ज़्यादा रन बनाए, और बंगाल प्रो टी20 लीग 2025 में दूसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे।
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