भारत और सेशेल्स ने सोमवार को सतत विकास, आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिए संयुक्त दृष्टिकोण (एसईएसईएल) को अपनाया और स्वास्थ्य, समुद्री सहयोग, डिजिटल परिवर्तन, क्षमता निर्माण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से संबंधित कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों और समझौतों की घोषणा और हस्ताक्षर किए। ये समझौते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की भारत यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित किए गए।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की है, जिसमें रुपये में जारी की गई ऋण लाइन (एलओसी) के रूप में 125 मिलियन अमेरिकी डॉलर और अनुदान सहायता के रूप में 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर शामिल हैं। विदेश मंत्रालय द्वारा सेशेल्स के राष्ट्रपति की भारत यात्रा पर विशेष जानकारी दी गई। इस दौरान प्रभासाक्षी संपादक नीरज दुबे के सवालों पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जवाब दिया।
प्रभासाक्षी का सवाल था कि 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के जो विशेष आर्थिक पैकेज दिए गए है उसका मुख्य रूप से उपयोग वहां पर किन परियोजनाओं में होगा और जो समुद्री सुरक्षा को लेकर एमओयू हुआ है उसमें जॉइंट पेट्रोलिंग या इंटेलिजेंस शेयरिंग जैसी भी बातें शामिल है? विशेष आर्थिक पैकेज को लेकर पूछे गए सवाल पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि अभी तो हमने सेप और साइज को लेकर निर्णय लिया है। हालांकि इसमें कौन से प्रोजेक्ट आएंगे इसको लेकर पूरी तरीके से निर्णय नहीं लिया गया है। कुछ विचार है जो वहां के राष्ट्रपति और उनकी टीम ने बताया है। लेकिन अभी इसे पूर्ण रूप देने के लिए कुछ और बातचीत की आवश्यकता है और आने वाले दिनों में हमारे जो वहां हाई कमीशन है राजदूत है वह बात करके आगे बताएंगे और इस पर निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि अभी जिन-जिन क्षेत्रों में हमारा सहयोग चल रहा है जो समुद्री सुरक्षा, हेल्थकेयर है, एजुकेशन और सोलर एनर्जी पर जोर है, इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर है तो इन्हीं सभी क्षेत्रों में इसका उपयोग हो सकता है। आने वाले समय में इसको पूर्ण रूप दिया जा सकता है। यह पैकेज सार्वजनिक आवास, परिवहन, बुनियादी ढांचे, क्षमता निर्माण और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सेशेल्स की विकासात्मक आवश्यकताओं का समर्थन करेगा।
विक्रम मिसरी ने कहा कि सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी 10 फरवरी तक राजकीय दौरे पर भारत में हैं। सेशेल्स प्रधानमंत्री के महासागर विजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारे बीच दीर्घकालिक संबंध हैं। यह एक ऐसी साझेदारी है जो विभिन्न क्षेत्रों में विकसित हुई है। हमने लघु और वृहत्तर विकास परियोजनाओं, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पहलों के मिश्रण के माध्यम से सेशेल्स के विकास में योगदान दिया है। समुद्री पड़ोसी होने के नाते, हम समुद्री डकैती, मादक पदार्थों की तस्करी, हथियारों और मानव तस्करी जैसी समान चुनौतियों का सामना करते हैं।
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