मंगोलिया में खसरे का प्रकोप बढ़ा, संक्रमितों की संख्या 14,000 के पार
उलान बटोर, 9 फरवरी (आईएएनएस)। पूर्वोत्तर एशिया का देश मंगोलिया इन दिनों खसरे से जूझ रहा है। देश के नेशनल सेंटर फॉर कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीसीडी) ने सोमवार को बताया कि कुल मामलों की संख्या बढ़कर 14,123 हो गई है।
एनसीसीडी ने एक बयान में कहा कि खसरे की चपेट में स्कूल जाने वाले ज्यादातर वो बच्चे रहे जिन्हें खसरे की वैक्सीन का सिर्फ एक शॉट लगा था।
वर्तमान हालात को देखते हुए, एनसीसीडी ने माता-पिता से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को वैक्सीन की दो डोज लगवाएं और उन्हें इस संभावित गंभीर बीमारी से बचाएं।
खसरा दुनिया की सबसे ज्यादा फैलने वाली बीमारियों में से एक है। यह हवा के जरिए फैलता है और इसके लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, बहती नाक और दाने शामिल हैं। वायरस हवा में या संक्रमित सतहों पर दो घंटे तक एक्टिव और संक्रामक रहता है। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, खसरे से संक्रमित एक व्यक्ति 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है।
खसरा किसी को भी हो सकता है, लेकिन यह बच्चों में सबसे आम है।
वैक्सीन लगवाना खसरे से बचने या इसे दूसरे लोगों में फैलने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका है। वैक्सीन सुरक्षित है और आपके शरीर को वायरस से लड़ने में मदद करती है।
1963 में खसरे की वैक्सीन आने और बड़े पैमाने पर टीकाकरण से पहले, हर दो से तीन साल में बड़े पैमाने पर महामारियां फैलती थीं और हर साल अनुमानित 2.6 मिलियन लोगों की मौत होती थी।
एक सुरक्षित और किफायती वैक्सीन उपलब्ध होने के बावजूद, 2023 में करीब 1,07,500 लोगों की खसरे से मौत हुई—जिनमें ज्यादातर पांच साल से कम उम्र के बच्चे थे।
खसरे के लक्षण आमतौर पर वायरस के संपर्क में आने के 10-14 दिन बाद शुरू होते हैं।
शुरुआती लक्षण आमतौर पर 4-7 दिनों तक रहते हैं। इनमें शामिल हैं: नाक बहना, खांसी, लाल और पानी वाली आंखें, और गालों के अंदर छोटे सफेद धब्बे।
दाने संपर्क में आने के लगभग 7-18 दिन बाद शुरू होते हैं, आमतौर पर चेहरे और गर्दन के ऊपरी हिस्से पर। यह लगभग 3 दिनों में फैलता है, और आखिर में हाथों और पैरों तक पहुंच जाता है। यह आमतौर पर हल्के होने से पहले 5-6 दिनों तक रहता है।
--आईएएनएस
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2 किलो सोना, 36 करोड़ डायमंड, Mumbai में बनाई गई दुनिया की सबसे महंगी Saree, जानिए कीमत और खासियत
World Most Expensive Saree: साड़ी सिर्फ पहनावा नहीं है. यह भारतीय पहचान है. देश में साड़ियों की कई किस्में हैं.लेकिन मुंबई के एक फैशन डिजाइनर ने ऐसी साड़ी बनाई है, जिसने सबको हैरान कर दिया है. इस साड़ी की कीमत 39 करोड़ रुपये बताई जा रही है. अब इसकी चर्चा भारत ही नहीं, विदेशों तक हो रही है. इस साड़ी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. चलिए हम आपको इस साड़ी की खासियत के बारे में बताते हैं.
किसने बनाई यह अनोखी साड़ी?
इस साड़ी को मशहूर फैशन डिजाइनर रोहित पिसाल ने तैयार किया है. उन्हें फैशन जगत में ‘गोल्डमैन’ के नाम से जाना जाता है. रोहित ने यह साड़ी माता रमाबाई आंबेडकर को उनकी जयंती (7 फरवरी) पर समर्पित की है.
क्या है साड़ी में खास?
रोहित पिसाल के अनुसार, इस साड़ी को तैयार करने में करीब 3 महीने लगे. इसमें करीब 2 किलो शुद्ध सोने का इस्तेमाल हुआ है. साड़ी पर माता रमाबाई आंबेडकर का चित्र बनाया गया है. चित्र के आसपास सिर्फ सोने की परत चढ़ाई गई है. डिजाइनर बताते हैं कि जिस फैब्रिक पर यह काम हुआ, उस पर सोना चढ़ाना आसान नहीं था. इसके लिए खास केमिकल्स का इस्तेमाल किया गया है. हालांकि, सोने की अंतिम परत मात्र 4 घंटे में चढ़ाई गई.
डिजाइनर रोहित पिसाल ने क्या कहा?
रोहित कहते हैं कि माता रमाबाई ने जीवन में बहुत संघर्ष देखा. उन्होंने अपने बच्चों के लिए गहने तक बेच दिए. इसी भावना से उन्होंने यह साड़ी माता रमाबाई को अर्पित की.उनका कहना है “जिस मां ने अपने फटे आंचल से सबको संभाला, आज वही आंचल सोने और हीरे से सजा है.”
बिंदी में जड़े 33 करोड़ के हीरे
इस साड़ी की सबसे खास बात है माता रमाबाई के चित्र की बिंदी. बिंदी को 100 ग्राम सोने के बिस्किट से बनाया गया है. इसमें करीब 33 करोड़ रुपये के हीरे जड़े गए हैं.हीरे अलग-अलग प्रकार के हैं, जैसे रुद्र, प्रजापति, 11 वासु, अश्विन और आदित्य.
दुबई में होगा साड़ी का ऑक्शन
जानकारी के मुताबिक, इस साड़ी की नीलामी दुबई की एक कंपनी करेगी.ऑक्शन से मिलने वाली पूरी राशि सामाजिक कार्यों में लगाई जाएगी. इससे अस्पताल और स्कूल बनाए जाएंगे. साथ ही बाबा साहेब आंबेडकर से जुड़ा एक रेजिमेंट बनाने की योजना भी है. रोहित पिसाल चाहते हैं कि पहले यह साड़ी पूरे भारत में प्रदर्शित हो बाद में इसे लंदन के बकिंघम पैलेस म्यूजियम में रखा जाए.
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