Pune Goodluck Chowk पर कॉजपा का विरोध प्रदर्शन, पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के कारण मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को पुणे के गुडलक चौक पर प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन स्थल खाली करने के लिए कहा, लेकिन ऐसा नहीं होने के बाद लोगों को हिरासत में लेकर वहां से हटाना शुरू कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि कई लोगों को पुलिस वाहनों में ले जाया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में ज्यादातर महिलाएं थीं। प्रदर्शनकारियों ने नरेन्द्र मोदी सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ काम कर रही है।
उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रही है। सरकार हमें कितनी भी बार जेल भेज दे, हम वापस आएंगे और अपना आंदोलन जारी रखेंगे।” पुलिस उपायुक्त (जोन-1) ऋषिकेश रावले ने कहा कि कॉजपा की ओर से जारी एक पोस्टर वायरल हो गया था, जिसमें लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन के लिए इकट्ठा होने की अपील की गई थी।
हालांकि, उन्होंने बताया कि आयोजकों ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली थी। रावले ने कहा, “प्रदर्शनकारियों ने सड़क के एक संकरे हिस्से को चुना, जिससे करीब 500 मीटर तक यातायात जाम हो गया। कुछ एंबुलेंस और गैस सिलेंडर ले जाने वाले वाहन भी जाम में फंस गए।” पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से बार-बार जगह खाली करने की अपील की, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया।
TMC विधायक बिभास सरदार पर हमले का आरोप, पार्टी ने BJP को घेरा
पश्चिम बंगाल के बारुईपुर पूर्ब से विधायक बिभास सरदार पर कथित हमले के बाद ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ ने रविवार को सत्तारूढ़ भाजपा पर ‘‘डराने-धमकाने की राजनीति’’ करने का आरोप लगाया। इसने आरोप लगाया कि शनिवार रात दक्षिण 24 परगना ज़िले के जयनगर में पार्टी के एक कार्यक्रम से घर लौटते समय सरदार पर हमला किया गया। पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दोषियों की पहचान की जानी चाहिए और उनके खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन क्या पुलिस कार्रवाई करेगी?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ऐसा लगता है कि वे राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बजाय अपने आकाओं की सेवा करने में ज़्यादा व्यस्त हैं।’’ पार्टी ने शनिवार रात एक बयान में कहा कि हमलावरों ने सरदार को धमकी दी थी, जिनमें से एक ने कथित तौर पर उनसे कहा, ‘‘तुम ममता के इतने बड़े भक्त बन गए हो और उसका समर्थन करते हो! हम पक्का करेंगे कि तुम्हें श्मशान घाट भेज दिया जाए।’’ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने कथित हमले के बाद सरदार से फ़ोन पर बात की, उनका हालचाल पूछा और उन्हें हर मदद का भरोसा दिलाया। भाजपा ने इन आरोपों से इनकार किया है कि हमले में उसके पार्टी कार्यकर्ता शामिल थे।
पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
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