बंगाल सरकार का बड़ा फैसला, उचित मूल्य की 375 वेटनरी दवा दुकानें खोलेगा पशु संसाधन विभाग
कोलकाता, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में जल्द ही पालतू जानवरों और पक्षियों के लिए 375 उचित मूल्य वाली दवा की दुकानें खुलेंगी। इन्हें राज्य के पशु संसाधन विकास विभाग के तहत पशु संसाधन और पशु स्वास्थ्य निदेशालय चलाएगा।
विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि पालतू जानवरों और पक्षियों के लिए ये उचित मूल्य वाली दवा की दुकानें, जिन्हें पशु औषधि विक्रय केंद्र (पीएवीके) के नाम से जाना जाएगा, केंद्र सरकार के पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण कार्यक्रम का हिस्सा होंगी।
विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ये पीएवीके न केवल घर में पालतू जानवर रखने वालों की जरूरतें पूरी करेंगे, बल्कि उन लोगों की भी मदद करेंगे जो अपनी आजीविका के लिए पशुधन पर निर्भर हैं। विभाग के अधिकारी ने कहा, 375 पीएवीके में से मुख्य केंद्र राज्य स्तर पर होगा, जो राज्य की राजधानी कोलकाता में स्थित होगा। इसी तरह, 30 जिला-स्तरीय पीएवीके और 344 ब्लॉक-स्तरीय पीएवीके होंगे।
पीएवीके में कुत्तों सहित पालतू जानवरों के लिए दवाएं और टीके, प्राइवेट पेट शॉप या पेट क्लीनिक की तुलना में बहुत कम कीमत पर उपलब्ध होंगे।
राज्य सरकार के अधिकारी ने कहा, अक्सर यह आरोप लगाया जाता है - और कुछ हद तक यह सच भी है - कि पशुओं की दवाओं और टीकों को लेकर काफी समय से एक बड़ा घोटाला चल रहा है। इसमें कुछ पशु चिकित्सक और पशुओं की दवाएं व टीके बनाने वाली फार्मास्युटिकल कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
घोटाले के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि कुछ पशु चिकित्सकों पर अक्सर आरोप लगते हैं कि वे जेनेरिक दवाओं के बजाय खास ब्रांड की दवाएं और टीके लिखते हैं। इसके बदले में उन्हें भारी कमीशन और दवा बनाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों से अन्य तरह के फायदे मिलते हैं।
विभाग के अधिकारी ने कहा, एक बार जब ये उचित मूल्य वाली दवा की दुकानें काम करने लगेंगी, तो ऐसे कथित घोटाले अपने आप कम हो जाएंगे। इससे पालतू जानवरों के मालिकों को फायदा होगा क्योंकि उन्हें महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीदने से राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि ये पीएवीके दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले और अपनी आजीविका के लिए पशुधन पर निर्भर लोगों की एक और बड़ी समस्या का समाधान करेंगे। विभाग के अधिकारी ने कहा, इसीलिए ऐसे लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक-स्तर पर 344 पीएवीके खोले जाएंगे।
इसको लेकर पशु प्रेमियों में खुशी है। शहर में रहने वालीं पशु प्रेमी जयिता सरकार ने कहा, अक्सर हमें अपने पालतू जानवरों के लिए दवाएं और टीके, खासकर अपने पिल्लों के लिए रेबीज के टीके, बहुत ज्यादा कीमत पर खरीदने पड़ते हैं क्योंकि पशु चिकित्सक सिर्फ़ महंगी ब्रांडेड दवाएं ही लिखते हैं। अब राज्य सरकार की इस पहल से यह समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी।
--आईएएनएस
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यूपी में दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर का तोहफा, योगी सरकार उज्ज्वला लाभार्थियों को देगी 2 सिलेंडर
UP News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को त्योहारों से ठीक पहले बहुत बड़ी राहत दी है. शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई अहम कैबिनेट बैठक में जनता से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए. सरकार ने तय किया है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले सभी पात्र परिवारों को इस साल भी दीपावली और होली के पावन पर्व पर एक-एक मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर दिया जाएगा. इस फैसले से प्रदेश के करोड़ों परिवारों के चेहरे पर खुशी लौट आई है. त्योहार की खुशियों को दोगुना करने के साथ-साथ सरकार ने जेवर एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर भी ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री ने दी.
वित्तीय वर्ष 2026-27 में दो मुफ्त रिफिल का तोहफा
कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए यह योजना पूरी तरह प्रभावी रहेगी. सरकार ने तय किया है कि पहला मुफ्त सिलेंडर अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच दीपावली के अवसर पर उपलब्ध कराया जाएगा. इसके बाद दूसरा मुफ्त सिलेंडर जनवरी से मार्च 2027 के बीच होली के पावन पर्व पर दिया जाएगा. इस पूरी कल्याणकारी योजना को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार अपने खजाने से 2142.78 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करने जा रही है. इस फैसले का सीधा मकसद त्योहारों पर गरीब महिलाओं और परिवारों के घरेलू बजट को सहारा देना है.
पात्रता और बैंक खाते से जुड़ी जरूरी व्यवस्था
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी नियम भी तय किए गए हैं ताकि मदद सीधे सही हाथों तक पहुंचे. योजना का फायदा उन्हीं उज्ज्वला लाभार्थियों को दिया जाएगा, जिनके बैंक खाते पूरी तरह सक्रिय हैं और आधार कार्ड से जुड़े हुए हैं. इसके साथ ही आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी होना भी अनिवार्य किया गया है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो और सब्सिडी का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच सके. योगी सरकार पिछले कई सालों से लगातार हर दीपावली और होली पर दो मुफ्त सिलेंडर बांटती आ रही है. सरकार का मानना है कि इस कदम से गांवों और कस्बों में स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल बढ़ेगा और महिलाओं को चूल्हे के हानिकारक धुएं से हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी.
जेवर एयरपोर्ट का नया नामकरण मंजूर
शुक्रवार को हुई इस बैठक में केवल राहत योजनाएं ही नहीं पास हुईं, बल्कि बुनियादी ढांचे से जुड़ा एक बेहद अहम फैसला भी लिया गया. कैबिनेट ने नोएडा स्थित जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा जेवर’ रखने के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है. बैठक के बाद लोकभवन में आयोजित एक विशेष पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों उपमुख्यमंत्रियों और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं की मौजूदगी में इस निर्णय की घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश और प्रदेश के विकास का नया प्रतीक बनेगा.
विकास और जनकल्याण के आंकड़ों पर नजर
पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का पूरा ब्योरा जनता के सामने रखा. उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को पक्के आवास की सुविधा दी जा चुकी है. इसके साथ ही 3.67 करोड़ राशन कार्डधारक परिवारों के करीब 15 करोड़ नागरिकों को हर महीने मुफ्त राशन मिल रहा है. जल जीवन मिशन के जरिए प्रदेश के 2.46 करोड़ ग्रामीण घरों तक नल से शुद्ध जल पहुंचाया गया है. उज्ज्वला योजना के तहत अब तक 1.86 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं. स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाते हुए सरकार ने छह करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए हैं, जिनकी बदौलत 9.90 करोड़ लोगों को मुफ्त इलाज की सुरक्षा मिली है.
रोजगार और महिला सशक्तिकरण की नई दिशा
मुख्यमंत्री ने युवाओं और महिलाओं के लिए किए गए कामों का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य में 9.50 लाख से अधिक युवाओं को निष्पक्ष तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जबकि निजी क्षेत्र में 65 लाख से अधिक नियुक्तियां कराई गई हैं. तकनीक से जोड़ने के लिए 62 लाख से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मार्टफोन और टैबलेट बांटे गए हैं. महिला सशक्तिकरण के तहत 10 लाख स्वयं सहायता समूहों से एक करोड़ से ज्यादा महिलाओं को जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया गया है. इसके अलावा पटरी दुकानदारों को संबल देने के लिए 15 लाख लोगों को पीएम स्वनिधि योजना का लाभ मिला और स्वामित्व योजना के जरिए 1.10 करोड़ ग्रामीण परिवारों को उनके घरों के कानूनी दस्तावेज यानी घरौनी सौंपे गए हैं.
जनता के जीवन को आसान बनाने का संकल्प
कैबिनेट के इन ताजा फैसलों से साफ नजर आता है कि राज्य सरकार का मुख्य ध्यान आम जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और त्योहारों पर सीधी मदद पहुंचाने पर टिका है. मुफ्त गैस सिलेंडर मिलने से जहां ग्रामीण इलाकों में रसोई का खर्च घटेगा, वहीं महिलाओं की सेहत में भी बड़ा सुधार आएगा. सरकार की कोशिश है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी अड़चन के पहुंचे और हर परिवार खुशी-खुशी अपने त्योहार मना सके.
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