यूपी में दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर का तोहफा, योगी सरकार उज्ज्वला लाभार्थियों को देगी 2 सिलेंडर
UP News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को त्योहारों से ठीक पहले बहुत बड़ी राहत दी है. शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई अहम कैबिनेट बैठक में जनता से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए. सरकार ने तय किया है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले सभी पात्र परिवारों को इस साल भी दीपावली और होली के पावन पर्व पर एक-एक मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर दिया जाएगा. इस फैसले से प्रदेश के करोड़ों परिवारों के चेहरे पर खुशी लौट आई है. त्योहार की खुशियों को दोगुना करने के साथ-साथ सरकार ने जेवर एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर भी ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री ने दी.
वित्तीय वर्ष 2026-27 में दो मुफ्त रिफिल का तोहफा
कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए यह योजना पूरी तरह प्रभावी रहेगी. सरकार ने तय किया है कि पहला मुफ्त सिलेंडर अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच दीपावली के अवसर पर उपलब्ध कराया जाएगा. इसके बाद दूसरा मुफ्त सिलेंडर जनवरी से मार्च 2027 के बीच होली के पावन पर्व पर दिया जाएगा. इस पूरी कल्याणकारी योजना को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार अपने खजाने से 2142.78 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करने जा रही है. इस फैसले का सीधा मकसद त्योहारों पर गरीब महिलाओं और परिवारों के घरेलू बजट को सहारा देना है.
पात्रता और बैंक खाते से जुड़ी जरूरी व्यवस्था
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी नियम भी तय किए गए हैं ताकि मदद सीधे सही हाथों तक पहुंचे. योजना का फायदा उन्हीं उज्ज्वला लाभार्थियों को दिया जाएगा, जिनके बैंक खाते पूरी तरह सक्रिय हैं और आधार कार्ड से जुड़े हुए हैं. इसके साथ ही आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी होना भी अनिवार्य किया गया है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो और सब्सिडी का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच सके. योगी सरकार पिछले कई सालों से लगातार हर दीपावली और होली पर दो मुफ्त सिलेंडर बांटती आ रही है. सरकार का मानना है कि इस कदम से गांवों और कस्बों में स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल बढ़ेगा और महिलाओं को चूल्हे के हानिकारक धुएं से हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी.
जेवर एयरपोर्ट का नया नामकरण मंजूर
शुक्रवार को हुई इस बैठक में केवल राहत योजनाएं ही नहीं पास हुईं, बल्कि बुनियादी ढांचे से जुड़ा एक बेहद अहम फैसला भी लिया गया. कैबिनेट ने नोएडा स्थित जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा जेवर’ रखने के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है. बैठक के बाद लोकभवन में आयोजित एक विशेष पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों उपमुख्यमंत्रियों और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं की मौजूदगी में इस निर्णय की घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश और प्रदेश के विकास का नया प्रतीक बनेगा.
विकास और जनकल्याण के आंकड़ों पर नजर
पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का पूरा ब्योरा जनता के सामने रखा. उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को पक्के आवास की सुविधा दी जा चुकी है. इसके साथ ही 3.67 करोड़ राशन कार्डधारक परिवारों के करीब 15 करोड़ नागरिकों को हर महीने मुफ्त राशन मिल रहा है. जल जीवन मिशन के जरिए प्रदेश के 2.46 करोड़ ग्रामीण घरों तक नल से शुद्ध जल पहुंचाया गया है. उज्ज्वला योजना के तहत अब तक 1.86 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं. स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाते हुए सरकार ने छह करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए हैं, जिनकी बदौलत 9.90 करोड़ लोगों को मुफ्त इलाज की सुरक्षा मिली है.
रोजगार और महिला सशक्तिकरण की नई दिशा
मुख्यमंत्री ने युवाओं और महिलाओं के लिए किए गए कामों का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य में 9.50 लाख से अधिक युवाओं को निष्पक्ष तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जबकि निजी क्षेत्र में 65 लाख से अधिक नियुक्तियां कराई गई हैं. तकनीक से जोड़ने के लिए 62 लाख से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मार्टफोन और टैबलेट बांटे गए हैं. महिला सशक्तिकरण के तहत 10 लाख स्वयं सहायता समूहों से एक करोड़ से ज्यादा महिलाओं को जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया गया है. इसके अलावा पटरी दुकानदारों को संबल देने के लिए 15 लाख लोगों को पीएम स्वनिधि योजना का लाभ मिला और स्वामित्व योजना के जरिए 1.10 करोड़ ग्रामीण परिवारों को उनके घरों के कानूनी दस्तावेज यानी घरौनी सौंपे गए हैं.
जनता के जीवन को आसान बनाने का संकल्प
कैबिनेट के इन ताजा फैसलों से साफ नजर आता है कि राज्य सरकार का मुख्य ध्यान आम जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और त्योहारों पर सीधी मदद पहुंचाने पर टिका है. मुफ्त गैस सिलेंडर मिलने से जहां ग्रामीण इलाकों में रसोई का खर्च घटेगा, वहीं महिलाओं की सेहत में भी बड़ा सुधार आएगा. सरकार की कोशिश है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी अड़चन के पहुंचे और हर परिवार खुशी-खुशी अपने त्योहार मना सके.
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अदाणी सीमेंट ने नवरात्रि के अवसर पर 15,000 सीमेंट बैग से तैयार की मां दुर्गा की 70 फीट ऊंची भव्य आकृति
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। नवरात्रि और दुर्गा पूजा 2026 के अवसर पर अदाणी पोर्टफोलियो की कंपनी और दुनिया की नौवीं सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता अदाणी सीमेंट ने मध्य प्रदेश स्थित अपने कायमोर प्लांट में मां दुर्गा को समर्पित एक अनूठी कलात्मक प्रस्तुति तैयार की है। कंपनी ने 15,000 सीमेंट बैग की मदद से मां दुर्गा की विशाल आकृति बनाकर आस्था, शक्ति और विश्वास का संदेश देने का प्रयास किया है।
जहां विश्वास, वहां शक्ति शीर्षक वाले इस अभियान के तहत तैयार की गई यह कलाकृति 70 फीट x 70 फीट के विशाल क्षेत्र में बनाई गई है, जिसमें अंबुजा सीमेंट और एसीसी के बैगों के माध्यम से कुल 750 टन सीमेंट का प्रतीकात्मक उपयोग किया गया। इस विशाल कलाकृति को तैयार करने में तकरीबन 12,600 मानव-घंटों का सामूहिक श्रम लगा।
कंपनी ने इस पूरी प्रक्रिया और अंतिम कलाकृति का हवाई दृश्य एक डिजिटल फिल्म के माध्यम से रिकॉर्ड किया है, जिसे सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया जाएगा।
इस विशेष स्थापना की खासियत यह रही कि जमीन से देखने पर सीमेंट बैग केवल अलग-अलग इकाइयों के रूप में दिखाई देते थे, लेकिन ऊपर से देखने पर वे मिलकर मां दुर्गा की विशाल आकृति का रूप ले लेते हैं। इसमें देवी का मुकुट, आंखें, दस भुजाएं और उनका व्यापक स्वरूप बेहद बारीकी से उकेरा गया है।
अदाणी सीमेंट के अनुसार, यह अभियान कंपनी के दो प्रमुख ब्रांडों की पहचान को एक मंच पर लाता है। यहां शक्ति अंबुजा सीमेंट के मजबूती के वादे का प्रतीक है, जबकि विश्वास एसीसी की 9 दशकों पुरानी विश्वसनीयता और विरासत को दर्शाता है।
अभियान का केंद्र बिंदु मां दुर्गा की छवि है, जिन्हें शक्ति, संरक्षण और आस्था का प्रतीक माना जाता है। कंपनी का मानना है कि यह प्रस्तुति परंपरा, सामूहिक प्रयास और भरोसे के मूल्यों को एक साथ जोड़ती है।
डिजिटल फिल्म में पूरी रचना की प्रक्रिया को जमीनी स्तर से दिखाया गया है, जिसमें कर्मचारियों को सीमेंट बैग व्यवस्थित करते हुए दिखाया गया है और फिर धीरे-धीरे कैमरा ऊपर उठने पर मां दुर्गा की पूरी आकृति सामने आती है। यह दृश्य हजारों छोटे-छोटे तत्वों के मिलकर एक बड़ी और प्रभावशाली तस्वीर बनाने का संदेश देता है।
कंपनी का कहना है कि इस पहल के माध्यम से वह सीमेंट की भूमिका को केवल भवन और बुनियादी ढांचा निर्माण तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे विश्वास, शक्ति और समर्पण जैसी भावनाओं से भी जोड़ना चाहती है।
नवरात्रि और दुर्गा पूजा जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के दौरान शुरू किया गया यह अभियान अंबुजा सीमेंट और एसीसी दोनों ब्रांडों की पहचान को एक साझा रचनात्मक मंच पर प्रस्तुत करता है और सामूहिक प्रयास की शक्ति को रेखांकित करता है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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