Responsive Scrollable Menu

पीएम मोदी ने मलेशिया में आईएनए के पूर्व सैनिक से मुलाकात की, सुभाष चंद्र बोस को दी श्रद्धांजलि

कुआलालंपुर, 8 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मलेशिया के अपने दो दिन के आधिकारिक दौरे के तहत कुआलालंपुर में आजाद हिंद फौज के पुराने सैनिकों से मुलाकात की। आजाद हिंद फौज को इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) के नाम से भी जाना जाता है। इस दौरान उन्होंने फोर्स के ऐतिहासिक योगदान और साउथ-ईस्ट एशिया में रहने वाले भारतीय लोगों के बीच इसकी विरासत का जिक्र किया।

अपनी एक बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी आईएनए के पुराने सैनिक जयराज राजा राव से मिले और इस मुलाकात को बहुत प्रेरणा देने वाला बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बातचीत की तस्वीरें शेयर करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आईएनए के पुराने सैनिक जयराज राजा राव से मिलना बहुत खास था। उनका जीवन बहुत हिम्मत और त्याग से भरा है। उनके अनुभव सुनना बहुत प्रेरणा देने वाला था।”

प्रधानमंत्री ने आईएनए और इसके संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने आगे कहा, “हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आईएनए की बहादुर महिलाओं और पुरुषों के हमेशा कर्जदार रहेंगे, जिनकी बहादुरी ने भारत की किस्मत बनाने में मदद की।”

विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पेरियासामी कुमारन ने भी पुराने सैनिकों के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत के महत्व के बारे में बात की और इसे एक यादगार पल बताया।

प्रधानमंत्री के दौरे पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अगुवाई वाली इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) के दो जीवित पुराने सैनिकों के साथ उनकी मुलाकात सच में खास थी।”

इससे पहले शनिवार को पीएम मोदी ने मलेशिया में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया, जहां उन्होंने भारत की आजादी की लड़ाई के दौरान इस इलाके में भारतीय मूल के लोगों द्वारा दिए गए ऐतिहासिक बलिदानों को माना।

उन्होंने कहा, “भारत को एक आजाद देश बनाने के लिए, आपके हजारों पूर्वजों ने बड़ी कुर्बानियां दीं। उनमें से कई ने कभी भारत नहीं देखा था, लेकिन वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की इंडियन नेशनल आर्मी में शामिल होने वाले पहले लोगों में से थे।”

मलेशिया में नेताजी की विरासत को बचाने की कोशिशों का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, “उनके सम्मान में, हमने मलेशिया में इंडियन कल्चरल सेंटर का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रख दिया। मैं इस मौके पर मलेशिया में नेताजी सर्विस सेंटर और नेताजी वेलफेयर फाउंडेशन की कोशिशों को भी सलाम करता हूं।”

नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 1943 में दक्षिण-पूर्व एशिया में इंडियन नेशनल आर्मी की लीडरशिप संभाली और जर्मनी से इस इलाके में आने के बाद फोर्स को फिर से खड़ा किया। सिंगापुर और मलाया (जिसे अब मलेशिया के नाम से जाना जाता है) में अपने बेस से उन्होंने आईएनए को फिर से बनाया और बढ़ाया, इसके लिए उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पकड़े गए भारतीय नागरिकों और युद्धबंदियों को इकट्ठा किया।

बता दें, नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 21 अक्टूबर, 1943 को आजाद हिंद की प्रांतीय सरकार भी बनाई, जिसने भारत की आजादी के आंदोलन में एक सिंबॉलिक भूमिका निभाई। आईएनए का ऐतिहासिक महत्व आज के मलेशिया और सिंगापुर में रहने वाले भारतीय समुदाय से बहुत करीब से जुड़ा हुआ है, क्योंकि यह फोर्स ज्यादातर इन्हीं इलाकों में बनाई गई थी।

हालांकि शुरू में युद्धबंदियों ने सेना का ट्रेंड कोर बनाया था, लेकिन दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय सिविलियन आबादी ने आंदोलन को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में वॉलंटियर्स का योगदान दिया। आईएनए के अंदर खास फॉर्मेशन में रानी झांसी रेजिमेंट थी, जो दक्षिण-पूर्व एशिया में रहने वाली भारतीय महिलाओं से बनी एक पूरी तरह से महिला इकाई थी।

इनमें से कई महिलाएं कभी भारत नहीं आई थीं, लेकिन पिछली पीढ़ियों से मिली भारतीय विरासत, संस्कृति और मूल्यों से उनका गहरा जुड़ाव बना रहा। यह रेजिमेंट भारत के आजादी के संघर्ष में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तीकरण का प्रतीक बन गई और आईएनए की विरासत में इसका ऐतिहासिक महत्व बना हुआ है।

--आईएएनएस

केके/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

Ajrakh Print Blouse: 1 नहीं 10 साड़ी संग होंगे मैच, सिलवाएं अजरख ब्लाउज डिजाइंस

Shivaratri 2026 Special Ajrakh Blouse Designs: अजरख ब्लाउज की खासियत यही है कि एक सही डिजाइन चुनकर आप उसे कई अलग-अलग साड़ियों के साथ पहन सकती हैं। शिवरात्रि जैसे अवसर पर Yr यह आपको ट्रेडिशनल, स्टाइलिश और कम्फर्टेबल, तीनों का सही संतुलन दे सकता है।

Continue reading on the app

  Sports

6 गेंद पर चाहिए थे 10 रन... गेंदबाज ने अकेले पलट दी बाजी, आखिरी बॉल पर विरोधी टीम के जबड़े से निकाला मैच

Sam Curran Snatched Victory: सैम करन ने आखिरी ओवर में शानदार गेंदबाजी कर नेपाल के जबड़े से जीत छीन ली. इंग्लैंड के गेंदबाजों को नेपाल के बल्लेबाजों ने खूब छकाया. इंग्लैंड ने आखिरी गेंद पर जीत दर्ज की लेकिन दिल नेपाल के खिलाड़ियों ने जीता. जिन्होंने मुकाबले में आखिरी गेंद तक रोमांच बनाए रखा. आखिरी गेंद पर नेपाल को जीत के लिए छह रन की जरूरत थी लेकिन सैम करन ने एक रन देकर मुकाबले को इंग्लैंड के नाम करा दिया. Sun, 8 Feb 2026 19:23:35 +0530

  Videos
See all

एक कार, तीन शव, कई सवाल...दिल्ली में रहस्यमयी मौतें | Delhi | Peeragarhi Flyover | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-08T14:10:16+00:00

गर्व का पल! वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर वतन लौटी भारतीय युवा टीम | #shorts #viralvideo #viralnews #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-08T14:10:36+00:00

हवा में उड़ा धूल का गुबार और मची चीख पुकार! | #shorts #viralvideo #viralnews #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-08T14:14:20+00:00

महाराज की एंट्री होते ही बेकाबू हुई भीड़,पुलिस को चलानी पड़ी लाठियां | #shorts #viralvideo #anirudha #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-08T14:12:54+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers