कुंभ साप्ताहिक राशिफल : कुंभ राशि वालों के लिए कैसा रहेगा ये सप्ताह? पढ़ें 8 से 14 फरवरी तक का विस्तृत राशिफल
Saptahik Kumbh Rashifal Horoscope Future Predictions, Aquarius: राशि चक्र की यह 11वीं राशि है। जिन जातकों के जन्म समय में चन्द्रमा कुंभ राशि में गोचर कर रहा होता है, उनकी राशि कुंभ मानी जाती है। आइए जानते हैं, कुंभ राशि वालों के लिए कैसा रहेगा 8- 14 फरवरी तक का समय…
सोशल मीडिया स्टार, 16 की उम्र में शादी, फिर तलाक:रूढ़िवादी माहौल में मॉडलिंग से पहचान बनाई, छोटे कपड़े पहने तो गोली मारकर मार डाला
27 सितंबर 2018 की बात है… जब इराक की सोशल मीडिया स्टार और मॉडल तारा फारेस कार चला रही थीं, तभी अचानक एक शख्स उनकी कार के शीशे के सामने आ गया और दिनदहाड़े तीन गोलियां चला दीं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। तारा को जैसे-तैसे हॉस्पिटल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। तारा का बचपन काफी रूढ़िवादी माहौल में बीता था। छोटी उम्र में उनकी शादी कर दी गई और बच्चे के जन्म के बाद भी पति का व्यवहार नहीं बदला और मार-पीट जारी रही। ऐसे में तारा ने तलाक ले लिया और अपनी नई दुनिया बनाने का फैसला किया। सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने मॉडलिंग में कदम रखा और पहचान बनाई। अपने बेबाक अंदाज और खुले विचार रखने के कारण उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगीं। अब सवाल यह था कि जब तारा पति से अलग हो गईं और परिवार के साथ नहीं रहती थीं, तो आखिर किसने दिनदहाड़े गोली मारकर उनकी हत्या कर दी? आज अनसुनी दास्तान के 3 चैप्टर में पढ़िए तारा फारेस की मौत की पूरी कहानी… तारा फारेस का जन्म इराक के बगदाद में हुआ था। उनके पिता इराकी ईसाई थे और मां लेबनानी शिया। तारा वहीं पली-बढ़ीं। उनका बचपन एक ऐसे माहौल में बीता जहां पारिवारिक दबाव और सामाजिक पाबंदियां बहुत सख्त थीं और कम उम्र में जबरन शादी कराई जाना आम बात थी। छोटी उम्र में ही तारा ने हिंसा और मानसिक प्रताड़ना का सामना किया। उनकी शुरुआती पढ़ाई बगदाद में हुई। साल 2002 में जब तारा 16 साल की हुईं तो उनके माता-पिता ने इस्लाम धर्म अपना लिया। परिवार और समाज की सोच आजादी के खिलाफ थी और लड़कियों पर कई तरह की पाबंदियां थीं। ऐसे में तारा की शादी कर दी गई। इतनी छोटी उम्र में शादी के कारण उनकी पढ़ाई बीच में ही रुक गई। इस शादी से तारा को कोई खुशी नहीं मिली बल्कि उन्होंने खूब प्रताड़ना झेली। उनका पति उन्हें मारता-पीटता था। आए दिन जबरदस्ती भी करता था। 17 साल की उम्र में तारा प्रेग्नेंट हो गईं, लेकिन परिवार ने यह बात बाहर किसी को नहीं बताई। इसके बाद तारा ने एक बेटे को जन्म दिया, लेकिन फिर भी पति की हिंसा जारी रही। आए दिन परिवार में झगड़े और मारपीट हुआ करती थी। इस स्थिति से निकलना तारा के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था। कम उम्र में शादी, घरेलू हिंसा और सामाजिक दबाव ने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया था। तारा धीरे-धीरे रोज टूट रही थीं। हालांकि उनके मन में बस एक ही जुनून था कि मुझे इस स्थिति से बाहर निकलना है और अपनी नई जिंदगी शुरू करनी है। कुछ समय बाद तारा की कोशिशें काम आईं और वह उस दलदल से बाहर आ गईं। 18 की उम्र में तारा ने अपने पति को छोड़कर तलाक ले लिया। तलाक के बाद उनके पति ने न केवल तारा की निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं बल्कि बेटा भी उनसे छीन लिया। तारा ने सबसे पहले खुद पर भरोसा किया और धीरे-धीरे अपनी जिंदगी को संभालना शुरू किया। दिखने में बेहद खूबसूरत तारा ने मॉडलिंग में करियर बनाने का सपना देखा। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया। अपना यूट्यूब चैनल बनाया और इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव हो गईं। धीरे-धीरे तारा लोगों के बीच लोकप्रिय होने लगीं और उन्हें मॉडलिंग के ऑफर मिलने लगे। अपनी मेहनत और लगन से वह आर्थिक रूप से मजबूत बन गईं और यही आजादी उन्हें उनके मुश्किल दौर से बाहर निकालने में मददगार साबित हुई। तारा अब उस रिश्ते से अलग होकर खुद के पैरों पर खड़े होने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने सोशल मीडिया और लोकल इवेंट्स के जरिए खुद को सामने लाना शुरू किया। उनकी खूबसूरती, कॉन्फिडेंस और अलग पर्सनैलिटी ने लोगों का ध्यान खींचा। इसी पहचान के दम पर 2013 में उन्हें ब्यूटी क्वीन ऑफ बगदाद चुना गया, जो उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इसके बाद उन्होंने मिस इराक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और रनर-अप रहीं। यही से तारा का मॉडलिंग करियर सही मायनों में शुरू हुआ। अब तारा सोशल मीडिया पर पहले से भी ज्यादा लोकप्रिय हो गई थीं। उन्हें सिर्फ इराक ही नहीं, बल्कि कई अन्य देशों में भी पहचान मिलने लगी। उनके उस वक्त इंस्टाग्राम पर 2.7 मिलियन फॉलोअर्स थे। उस दौरान तारा सिर्फ अपने मॉडलिंग करियर के लिए नहीं बल्कि अपनी बातों के लिए भी जानी जाती थीं। वह धर्म, कबीलाई व्यवस्था और राजनीतिक नेताओं पर बेबाकी से खुलकर बोलती थीं। एक बार उन्होंने उस आदमी के बारे में भी पोस्ट किया था जो उनसे शादी करना चाहता था। अपनी राय में तारा ने साफ कर दिया कि किसी की हिंसा या दबाव से डरना उनकी फितरत में नहीं था। उन्होंने लिखा था- मुझे ईश्वर को न मानने वाले से डर नहीं लगता, लेकिन मुझे उस इंसान से डर लगता है जो ईश्वर को साबित करने के लिए लोगों को मारता है। तारा ने अपनी बॉडी पर टैटू भी बनवाए थे। उनका मानना था कि उनकी बॉडी पर टैटू और खुले कपड़े कोई फैशन ट्रेंड नहीं थे, बल्कि उनकी सोच का ऐलान थे। इराक जैसे रूढ़िवादी समाज में जहां टैटू और आधुनिक पहनावा अक्सर सवालों के घेरे में रहता है, वहां उन्होंने इन्हें जानबूझकर अपनाया। यह न तो ध्यान खींचने की कोशिश थी और न ही किसी को उकसाने का तरीका, बल्कि उन्होंने साफ कहा था, मेरे शरीर पर अधिकार सिर्फ और सिर्फ मेरा है। टैटू मेरा आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और आजादी की उस सोच का प्रतीक था, जिसे मैं छिपाने के बजाय खुलेआम जीना चाहती थी। तारा सोशल मीडिया पर अपने व्लॉग और वीडियो में छोटे कपड़े पहनती थीं और फैशनेबल रहती थीं। वह खुलकर अपनी जिंदगी जीती थीं और यही बात आगे चलकर तारा के लिए सबसे बड़ी मुश्किल साबित हुई, क्योंकि कई कट्टर सोच वाले लोगों को तारा का यह अंदाज बिल्कुल पसंद नहीं आ रहा था। इसी वजह से उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार धमकियां, गालियां और नफरत भरे मैसेज मिलने लगे। कई बार उन्हें अपने कपड़ों और लाइफस्टाइल को लेकर डराया भी गया और कहा जाता था कि अगर वह नहीं बदलीं तो उन्हें मार दिया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद तारा ने खुद को बदलने से इनकार कर दिया। इसके बाद हालात और बिगड़ते चले गए। तारा को मिल रही धमकियां धीरे-धीरे गंभीर होती गईं, लेकिन उन्होंने डरकर सोशल मीडिया छोड़ने या अपनी जिंदगी बदलने से मना कर दिया। वह खुले तौर पर कहती थीं कि हर इंसान को अपनी पसंद से जीने का हक है। 27 सिंतबर 2018 की बात है। तारा के लिए वह दिन रोज की तरह ही था। तारा उस दिन अपनी कार खुद चलाकर कहीं जा रही थीं। सड़क पर काफी भीड़ थी, तभी अचानक एक अज्ञात हमलावर तारा की कार के पास आया और उन पर ताबतोड़ गोलियां चला दीं। तारा पर यह हमला अचानक हुआ था, इसलिए उन्हें खुद को बचाने या फिर संभालने का भी कोई समय नहीं मिला। गोलियों की आवाज सुनकर सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। गोली लगने के बाद तारा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी चोटें बहुत गंभीर थीं, जिस कारण रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। तारा की मौत ने इराक ही नहीं, पूरी दुनिया में लोगों को झकझोर दिया। इस मामले को लेकर कई तरह की बातें फैलने लगीं। लोगों का साफ तौर पर कहना था कि तारा की हत्या की वजह उनकी आजाद जिंदगी और सोच थी, जो कुछ कट्टरपंथी लोगों को पसंद नहीं आ रही थी। सोशल मीडिया पर उनके टैटू और बोल्ड तस्वीरों को कुछ धार्मिक सोच वाले लोग गलत मानते थे और उन लोगों ने ही तारा की हत्या करवाई है। परिवार ने इस हत्या पर कहा कि तारा साहसी और स्वतंत्र सोच वाली थीं और यही उनके लिए खतरनाक साबित हुआ। सुरक्षा की कमी और कट्टरपंथियों के दबाव पर सवाल उठाए गए, लेकिन असली हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी। कहानी यही खत्म नहीं हुई। तारा की मौत के बाद उनकी तरह जिंदगी जीने वाली दूसरी इराकी सोशल मीडिया स्टार्स को भी जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। इससे देश में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया।
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