अगले एक वर्ष में 10 में से 8 फाइनेंशियल प्लानर एआई को अपनाने की कर रहे तैयारी: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। फाइनेंशियल प्लानिंग की 10 में से 8 कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर रही हैं या अगले 12 महीनों के भीतर इसे अपनाने की योजना बना रही हैं। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 10 में से 6 का था। यह जानकारी शनिवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।
एफपीएसबी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एआई तेजी से इस पेशे का अभिन्न हिस्सा बन रहा है और पहले से ही काम करने की क्षमता और दक्षता बढ़ाने में मदद कर रहा है।
भारत सहित 37 देशों के 8,000 से अधिक फाइनेंशियल प्लानर्स के वैश्विक सर्वेक्षण पर आधारित निष्कर्षों में पाया गया कि 93 प्रतिशत फाइनेंशियल प्लानर ने कामकाज की दक्षता में सुधार महसूस किया, 52 प्रतिशत ने परिचालन दक्षता बढ़ने की बात कही और 49 प्रतिशत ने कहा कि वे अधिक ग्राहकों को सेवाएं देने में सक्षम हैं।
एफपीएसबी इंडिया के सीईओ रमेश विश्वनाथन ने कहा, एआई वित्तीय जानकारी तैयार करने, उस तक पहुंच बनाने और उसके इस्तेमाल के तरीके को तेजी से बदल रहा है। हालांकि, यह तकनीक दक्षता बढ़ाने और वित्तीय नियोजन तक पहुंच का विस्तार करने के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है, लेकिन केवल जानकारी पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने आगे कहा, वित्तीय फैसलों के लिए संदर्भ, विवेक और किसी व्यक्ति के लक्ष्यों, प्राथमिकताओं तथा परिस्थितियों की समझ जरूरी है। जैसे-जैसे एआई का इस्तेमाल बढ़ रहा है, उपभोक्ताओं को जानकारी को उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियों के संदर्भ में समझने और सोच-समझकर फैसले लेने में मदद करने वाले योग्य वित्तीय नियोजन पेशेवरों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
करीब 70 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना था कि एआई उन आबादी के लिए वित्तीय नियोजन तक पहुंच बेहतर बना सकता है, जिन्हें अब तक पर्याप्त सेवाएं नहीं मिल पाती हैं। वहीं, 68 प्रतिशत को उम्मीद है कि इससे सेवाओं की लागत कम करने में मदद मिलेगी।
करीब 83 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना था कि एआई उन्हें ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में मदद करेगा, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 78 प्रतिशत था। वहीं, 75 प्रतिशत को उम्मीद है कि इससे वित्तीय नियोजन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, जबकि 2025 में ऐसा मानने वालों का आंकड़ा 60 प्रतिशत था।
रिपोर्ट के अनुसार, 33 प्रतिशत फाइनेंशियल प्लानर्स ने बताया कि उनके ग्राहक सामान्य वित्तीय जानकारी और शिक्षा के लिए पहले से ही एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, 25 प्रतिशत ने कहा कि उनके ग्राहक पेशेवर सलाह की पुष्टि करने या उसकी तुलना करने के लिए एआई का उपयोग कर रहे हैं।
—आईएएनएस
एबीएस
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Jharkhand News: दुर्गा पूजा से पहले धनबाद की 3.46 लाख महिलाओं को मिला मंईयां सम्मान योजना का पैसा, खातों में भेजे गए 86.59 करोड़ रुपये
Jharkhand News: झारखंड सरकार ने दुर्गा पूजा से पहले धनबाद जिले की लाखों महिलाओं को बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत सितंबर 2026 की सम्मान राशि लाभुक महिलाओं के बैंक खातों में भेज दी गई है. जिले की कुल 3 लाख 46 हजार 365 महिलाओं के खातों में 86 करोड़ 59 लाख 12 हजार 500 रुपये ट्रांसफर किए गए हैं. त्योहार से पहले यह राशि मिलने से महिलाओं को घर की जरूरतें पूरी करने और दुर्गा पूजा की तैयारियां करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
3.46 लाख महिलाओं के खातों में पहुंची राशि
जिला प्रशासन के अनुसार, मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत सितंबर महीने की राशि का भुगतान आधार आधारित व्यवस्था के जरिए किया गया है. इस योजना का लाभ धनबाद जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाली पात्र महिलाओं को मिला है. धनबाद के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने बताया कि योजना के तहत लाभुक महिलाओं को सितंबर महीने की सम्मान राशि भेज दी गई है. सरकार का उद्देश्य पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें अपनी जरूरतें पूरी करने में मदद करना है. त्योहार से पहले बैंक खातों में पैसा पहुंचने से लाभुक परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है.
गोविंदपुर में सबसे ज्यादा महिलाओं को मिला लाभ
धनबाद जिले के प्रखंड और अंचलवार आंकड़ों के मुताबिक, गोविंदपुर प्रखंड में सबसे अधिक 50 हजार 413 महिलाओं के खातों में सम्मान राशि भेजी गई है. इसके बाद झरिया अंचल की 44 हजार 279 और बाघमारा प्रखंड की 44 हजार 136 महिलाओं को इसका लाभ मिला है. वहीं, धनबाद अंचल में 32 हजार 424 महिलाओं के खातों में राशि भेजी गई है. तोपचांची प्रखंड की 27 हजार 20 और निरसा प्रखंड की 23 हजार 703 महिलाओं को भी योजना के तहत सितंबर महीने की सम्मान राशि मिली है.
त्योहार की तैयारियों में मिलेगी आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का मुख्य उद्देश्य पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो सकें. इस योजना के तहत मिलने वाली राशि से महिलाओं को रोजमर्रा के खर्चों में मदद मिलती है. दुर्गा पूजा से पहले धनराशि मिलने से महिलाएं त्योहार के लिए जरूरी सामान खरीदने और परिवार की अन्य जरूरतों को पूरा करने में इसका इस्तेमाल कर सकती हैं. जिला प्रशासन के अनुसार, सितंबर महीने की राशि का भुगतान कर दिया गया है. इस तरह धनबाद जिले की 3 लाख 46 हजार 365 महिलाओं को त्योहार से पहले आर्थिक सहायता मिली है.
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