Video: 'पागल है क्या...' रोहित शर्मा का SKY पर मजेदार तंज, फिर अमेरिका पर भारत की दमदार जीत
टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भावनाओं, संगीत और यादगार पलों के साथ हुआ। बॉलीवुड ग्लैमर और शानदार ओपनिंग सेरेमनी के बीच सबसे ज्यादा शोर उस वक्त गूंजा, जब रोहित शर्मा मैदान पर उतरे। 2024 में यहीं भारत को वर्ल्ड कप जिताने वाले रोहित इस बार टूर्नामेंट एम्बेसडर की भूमिका में नजर आए और साफ दिखा कि उनके लिए यह पल बेहद भावुक था।
रोहित ने कहा, 'अजीब लग रहा है इधर...वहां से इधर आना अलग सा महसूस हो रहा है। मुंबई के फैंस ने मुंबई चा राजा के नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया।' आईसीसी चेयरमैन जय शाह के साथ रोहित ने ट्रॉफी लॉन्च की और एक बार फिर कप उठाया, जिसने स्टेडियम में मौजूद हर फैन को पुरानी यादें ताजा करा दीं।
मैच शुरू होने से पहले एक मजेदार पल भी देखने को मिला। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव टॉस से पहले रोहित के पास दौड़ते हुए पहुंचे और पूछा, 'जल्दी बोलो, बैटिंग करूं या बॉलिंग?' रोहित ने हंसते हुए जवाब दिया, 'फील्डिंग कर, पागल है क्या?' इस हल्के-फुल्के मजाक ने माहौल को और मजेदार बना दिया।
मैच की बात करें तो अमेरिका ने भारत को शुरुआती झटका देकर चौंका दिया। टीम 46/4 और फिर 77/6 पर संकट में फंस गई थी। लेकिन सूर्यकुमार यादव ने शानदार 84* रन की पारी खेलते हुए मैच का रुख पलट दिया। उन्हें 17 रन पर जीवनदान मिला, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया। आखिरी 18 गेंदों में 48 रन ठोकते हुए उन्होंने टीम को 161 तक पहुंचाया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए अमेरिका की शुरुआत अच्छी नहीं रही। मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह ने शुरुआती विकेट निकालकर दबाव बनाए रखा। आखिरकार भारत ने मैच 29 रन से जीत लिया और वानखेड़े में सबसे कम स्कोर डिफेंड करने का रिकॉर्ड भी बनाया।
Suryakumar Yadav: अमेरिका के खिलाफ गंभीर की एक सलाह ने कैसे पलटी बाजी? सूर्यकुमार यादव ने किया खुलासा
Suryakumar Yadav: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले मैच में जब भारत 77/6 पर लड़खड़ा रहा था, तब वानखेड़े स्टेडियम में सन्नाटा पसरा हुआ था। अमेरिका जैसी कमजोर टीम के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजी बिखरती दिख रही थी लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव ने धैर्य और समझदारी से खेलते हुए न सिर्फ पारी संभाली, बल्कि टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। उनकी 49 गेंदों में नाबाद 84 रन की पारी भारत की जीत की असली नींव बनी।
हार्दिक पांड्या के आउट होने के समय सूर्यकुमार 22 गेंदों में सिर्फ 21 रन बनाकर क्रीज पर टिके थे। टीम संकट में थी और बड़े स्कोर की उम्मीद कम लग रही थी। लेकिन सूर्यकुमार ने पहले विकेट संभाला और फिर आखिरी ओवरों में गियर बदलते हुए भारत को 20 ओवर में 161/9 तक पहुंचाया। बाद में भारत ने मुकाबला 29 रन से जीत लिया।
मैच के बाद सूर्यकुमार ने खुलासा किया कि हेड कोच गौतम गंभीर की सलाह ने उन्हें बड़ा आत्मविश्वास दिया। उन्होंने कहा, 'मुझे लगा यह 180-190 नहीं बल्कि 140 रन वाली विकेट है। ब्रेक के दौरान गौती भाई ने कहा कि बस अंत तक बल्लेबाजी करो, कभी भी मैच कवर कर सकते हो।'
मुंबई की पिच और परिस्थितियों का अनुभव भी सूर्यकुमार के काम आया। उन्होंने बताया कि मुंबई में घरेलू क्रिकेट और आईपीएल खेलने के कारण उन्हें ऐसे विकेट पर बल्लेबाजी की अच्छी समझ है। उन्होंने हर ओवर की योजना बनाई, गेंदबाजों को पढ़ा और धीरे-धीरे रन गति बढ़ाई।
यह पारी सूर्यकुमार के लिए खास इसलिए भी रही क्योंकि पिछले साल उनका फॉर्म खराब रहा था। पूरे साल 19 पारियों में उन्होंने सिर्फ 218 रन बनाए थे, औसत 13.62 रहा और एक भी अर्धशतक नहीं था। हालांकि नए साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में उन्होंने दो तेज अर्धशतक लगाकर वापसी के संकेत दिए थे।
सूर्यकुमार ने बताया कि पिछले साल के अंत में उन्होंने क्रिकेट से थोड़ा ब्रेक लिया, परिवार के साथ समय बिताया और नए साल में नई सोच के साथ मैदान पर लौटे। नागपुर में सीरीज के दौरान उन्हें अलग ही आत्मविश्वास महसूस हुआ, जिसका असर अब मैदान पर दिख रहा है।
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