अमेरिका के इन प्रोडक्ट्स के लिए भारतीय बाजार बंद, कृषि और डेयरी समेत ये उत्पाद शामिल, देखें लिस्ट
नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की विस्तार से जानकारी सामने आ गई है। दोनों देशों के बीच समझौते के ऐलान के बाद से ही विपक्षी पार्टी कांग्रेस की तरफ से माहौल बनाया जा रहा था कि इस डील में किसानों के हितों की बलि चढ़ाई जा रही है। हालांकि, अब इससे पर्दा उठ चुका है कि भारतीय डेयरी और फार्मिंग सेक्टर पर इस डील का क्या असर होगा।
इस अंतरिम समझौते से भारत के कपड़ा, चमड़ा, फुटवियर, हस्तशिल्प, प्लास्टिक, रबर और होम डेकोर जैसे क्षेत्रों को काफी लाभ मिलेगा। पहले अमेरिकी सरकार ने जो 25 फीसदी की टैरिफ लगाई थी, उसे अब 18 फीसदी पर तय किया है। इसके अलावा जो अतिरिक्त 25 फीसदी शुल्क लगा था, वह भी खत्म कर दिया गया है। भारत-अमेरिका ने भारत पर लगाए गए कुल 50 फीसदी टैरिफ को 18 फीसदी पर लाकर डील डन किया है। ऐसे में इन क्षेत्रों में 18 फीसदी टैरिफ पर निर्यात बढ़ने से भारत में विशेषकर महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
कांग्रेस पार्टी की तरफ से जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा था कि किसानों को इस समझौते की वजह से नुकसान होगा। इस पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पूर्ण विराम लगा दिया है।
केंद्रीय मंत्री की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, चावल, गेहूं, मक्का, सोयाबीन, दूध, पनीर, पोल्ट्री और एथेनॉल जैसे उत्पादों को प्रोटेक्टेड लिस्ट में रखा गया है। भाजपा नेताओं ने भी सामानों की पूरी लिस्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि भारत के किन-किन क्षेत्रों को अमेरिकी बाजार से पूरी तरह से सुरक्षित रखा गया है।
डेयरी सेक्टर पर कोई बाजार खुलापन नहीं है। इससे करोड़ों छोटे डेयरी किसानों और सहकारी मॉडल को मजबूत संरक्षण मिला है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए 3,00,000 अरब अमेरिकी डॉलर का बड़ा बाजार खुलेगा।
अमेरिका के गेंहू, कोपरा, स्यामक, कोदो, बाजरा, कांगनी, ओट्स, मैदा, चना, काबुली चना, रागी, अमरंथ, मक्का, चावल, जौ, ज्वार, छिल्का रहित अनाज और आटा (गेंहू, मक्का, चावल, बाजरा आदि), आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीर, मशरूम, दलहनी सब्जियां, फ्रोजन सब्जियां, संतरे, अंगूर, नींबू, स्ट्रॉबेरी, जैसे अमेरिकी कृषि उत्पाद को भारतीय बाजार में एंट्री नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, मिक्स डिब्बाबंद सब्जियां भी भारतीय बाजार में नहीं आएंगी।
इसके साथ ही डेयरी प्रोडक्ट्स में लिक्विड, पाउडर और कंडेस्ड दूध, क्रीम, योगर्ट, बटर मिल्क, मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर, व्हे प्रोडक्ट्स और चीज को भी भारतीय बाजार में एंट्री नहीं मिलेगी।
डेयरी और कृषि प्रोडक्ट्स के अलावा कुछ मसालों को भी भारतीय बाजार में जगह नहीं दी जाएगी। इनमें काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवायन, मेथी, चक्रमर्द, कैसिया, सरसों, राई, भूसी और अन्य पाउडर मसाले शामिल हैं। विमान पार्ट्स पर अमेरिकी सेक्शन 232 के तहत छूट मिलेगी।
वहीं, जेनेरिक दवाओं, रत्न, हीरे, और विमान के पुर्जे समेत कई वस्तुओं पर अमेरिका आगे चलकर टैरिफ कम करेगा या फिर पूरी तरह से हटा देगा।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अमेरिका के साथ ट्रेड डील में भारत ने कृषि और डेयरी सेक्टर में नहीं किया कोई समझौता : पीयूष गोयल
नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया है और संवेदनशील क्षेत्र जैसे डेयरी, मांस, मुर्गी पालन, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, अनाज, चीनी, बाजरा, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी जैसे फल, खट्टे फल, हरी मटर, मूंग और तिलहन में कोई छूट नहीं दी है।
प्रेस वार्ता में आईएएनएस के सवाल पर गोयल ने कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिम समझौते के ढांचे के माध्यम से भारतीय वस्तुओं के लिए प्राथमिकता पर पहुंच सुनिश्चित की है।
गोयल ने कहा, भारत ने अपने डेयरी सेक्टर को पूरी तरह सुरक्षित रखा है और किसी भी शर्त पर छूट नहीं दी है।
उन्होंने बताया कि अब कई भारतीय उत्पाद, जैसे चाय, मसाले, नारियल तेल, वनस्पति मोम, सुपारी, ब्राजील नट्स, शाहबलूत और विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियां, बिना किसी शुल्क के अमेरिका को निर्यात किए जा सकेंगे।
गोयल के अनुसार, जड़ वाली सब्जियां, अनाज, जौ, बेकरी उत्पाद, कोको उत्पाद, तिल, खसखस और खट्टे फलों के रस पर भी कोई शुल्क नहीं लगेगा और अब ये अमेरिकी बाजार में बिना किसी शुल्क के प्रवेश करेंगे।
उन्होंने आगे जोर दिया कि यह व्यापार समझौता किसानों के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाता है और इसका उद्देश्य निर्यात के अवसरों को बढ़ाते हुए उनकी आजीविका की रक्षा करना है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि सरकार लगातार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखकर कार्य कर रही है। इस व्यापार समझौते में कई कृषि उत्पादों जैसे मसालों, चाय, कॉफी और उससे जुड़े उत्पाद, नारियल और नारियल तेल, काजू और अन्य उत्पादों का जीरो ड्यूटी पर निर्यात होगा।
इसके अलावा, रत्न और आभूषण, फार्मा उत्पादों और स्मार्टफोन का ड्यूटी पर निर्यात हो पाएगा।
उन्होंने कहा कि यह समझौता निष्पक्ष और संतुलित है और भारत-अमेरिका व्यापार समझौता किसानों की रक्षा करता है, निर्यातकों को समर्थन देता है और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करता है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी व्यापार संबंधों को मजबूत करेगी, निर्यात को बढ़ावा देगी और दोनों पक्षों के व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।
गोयल ने जोर देकर कहा, “मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यह भारत-अमेरिका समझौता भारत के किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों या हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्रों के हितों को किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाता है।”
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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