भारत-यूएस व्यापार समझौते का श्रेय पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप को जाता है: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर
नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क सामने आ चुका है। इस पर विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। इस बीच भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने फ्रेमवर्क की जानकारी साझा करते हुए दोनों देशों के बीच हुए समझौते का क्रेडिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए अमेरिकी राजदूत ने लिखा, एक नया दिन! इसे हासिल करने में उनके नेतृत्व और दृष्टिकोण के लिए सारा श्रेय राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी को जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हमने अपने दोनों महान देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा पर सहमति जताई है। मैं हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद देता हूं।
उन्होंने कहा, यह रूपरेखा हमारी साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दिखाती है। यह भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप इनोवेटर्स, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर मेक इन इंडिया को मजबूत करती है। इससे महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होगा। भारत और अमेरिका इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और यह रूपरेखा हमारे बीच निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को मजबूत करेगी।
पीएम मोदी ने कहा कि व्यापार समझौते की रूपरेखा मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन को भी मजबूत करेगी व वैश्विक विकास में योगदान देगी। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हम ऐसे वैश्विक पार्टनरशिप बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो भविष्य-उन्मुख हों, हमारे लोगों को सशक्त बनाएं और साझा समृद्धि में योगदान दें।
इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह व्यापार समझौता भारत-अमेरिका के आर्थिक सहयोग को मजबूत करेगा। यह हमारे लोगों और व्यवसायों के लिए स्थायी विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, व्यापार समझौते की रूपरेखा के तहत अमेरिका भारतीय सामानों पर आपसी टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा, जिससे दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी में टेक्सटाइल और कपड़ों, चमड़े और फुटवियर, प्लास्टिक और रबर प्रोडक्ट्स, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, कारीगरी वाले प्रोडक्ट्स और चुनिंदा मशीनरी जैसे अहम सेक्टर में बड़ा मार्केट मौका मिलेगा।
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केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों के खिलाफ ट्रंप का एक्शन, 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ का ऐलान
वॉशिंगटन, 7 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों के खिलाफ 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किया है, जिसमें ईरान पर नेशनल इमरजेंसी को रिन्यू किया गया। अमेरिका ने ईरान से सामान या सर्विस खरीदने वाले देशों को टारगेट करते हुए एक नया टैरिफ लगाने का ऐलान किया है।
व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर कहा कि यह ऑर्डर अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए बनाया गया है। ईरान से सीधे या अप्रत्यक्ष तरीके से कोई सामान या सर्विस खरीदने वाले, आयात करने वाले देशों पर अमेरिका अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा।
व्हाइट हाउस ने कहा कि यह कदम विदेशों में ईरान की हरकतों का सामना करने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है। इसके साथ ही अमेरिकी सरकार ने अपने बयान में ईरान की न्यूक्लियर क्षमता की कोशिश, उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम, आतंकवाद का समर्थन और मिडिल ईस्ट को अस्थिर करने वाली गतिविधियों का भी जिक्र किया।
व्हाइट हाउस ने ईरान को दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवाद को स्पॉन्सर करने वाला देश बताया और कहा कि तेहरान पूरे इलाके में प्रॉक्सी समूह और मिलिशिया को समर्थन करता है। इसमें उनके फोर्स भी शामिल हैं, जिन्होंने अमेरिकियों को मारा और घायल किया है और जो अमेरिकी सैनिकों, साझेदारों और साथियों को टारगेट करते हैं।
अमेरिकी सरकार ने ईरान के अंदरूनी हालात की ओर इशारा करते हुए कहा कि सरकार ने न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम पर देश के संसाधनों को खर्च किया, जबकि देश का इंफ्रास्ट्रक्चर और आबादी संघर्ष कर रही है।
व्हाइट हाउस ने ईरान पर अपने देश में गंभीर दमन का आरोप लगाया। इसमें कहा गया है कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों को मारा है, बुनियादी मानवाधिकारों को नकारा है, और सत्ता बनाए रखने के लिए हिंसा का इस्तेमाल किया है। अमेरिका ने ईरान पर कट्टरपंथ फैलाने और शांति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए किए जा रहे प्रयासों को कमजोर करने का भी आरोप लगाया है।
वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान डील करना चाहता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान, रूस और यूक्रेन पर बातचीत में हुए विकास की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, आज हमारी रूस और यूक्रेन के बारे में बहुत अच्छी बातचीत हुई। कुछ हो सकता है।
उन्होंने कहा कि ईरान के साथ भी बातचीत आगे बढ़ रही है। इसी तरह, हमारी ईरान पर भी बहुत अच्छी बातचीत हुई। लगता है कि ईरान डील करना चाहता है।
--आईएएनएस
केके/एएस
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