मास्को: रूसी जनरल व्लादिमीर एलेक्सेयेव पर जानलेवा हमला, अस्पताल में भर्ती
मास्को, 6 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर-पश्चिमी मास्को में रूसी लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव पर जानलेवा हमला किया गया; उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रूसी जांच समिति की प्रवक्ता स्वेतलाना पेट्रेंको ने यह जानकारी दी।
रूसी न्यूज एजेंसी तास ने पेट्रेंको के हवाले से बताया कि जनरल पर कई गोलियां दागी गई थीं। उन्होंने कहा, रूसी जांच समिति ने उत्तर-पश्चिमी मॉस्को में लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव पर जानलेवा हमले के मामले में आर्टिकल 30 और 105 (हत्या का प्रयास), साथ ही आर्टिकल 222 (हथियारों की अवैध तस्करी) के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया है।
प्राथमिक जांच में पता चला कि 6 फरवरी, 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने मास्को में वोलोकोलाम्स्कोये हाईवे से सटे रिहायशी इमारत में जनरल पर कई गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गया। पेट्रेंको ने कहा, पीड़ित को शहर के एक अस्पताल में ले जाया गया है।
मास्को जांच समिति के जांचकर्ता और फोरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल पर काम कर रहे हैं, सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और गवाहों से पूछताछ कर रहे हैं। प्रवक्ता ने आगे कहा, अपराध में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए जांच और तलाशी अभियान चलाया गया है।
पेट्रेंको ने यह नहीं बताया कि हमले के पीछे कौन हो सकता है। अलेक्सेयेव 2011 से रूस की मिलिट्री इंटेलिजेंस के पहले डिप्टी हेड के तौर पर काम कर रहे हैं।
फरवरी 2022 में मास्को द्वारा यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू करने के बाद से कई बड़े मिलिट्री अधिकारियों को मार दिया गया है। 22 दिसंबर 2025 को ही एक कार बम धमाके में आर्मी ऑपरेशनल ट्रेनिंग निदेशालय के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवारोव की मौत हो गई थी। विस्फोटक उनकी कार में लगाया गया था।
इससे पहले, 25 अप्रैल 2025 को मास्को के पास बालाशिखा इलाके में भी एक कार बम विस्फोट में लेफ्टिनेंट जनरल यारोस्लाव यारोस्लावोविच मोस्कालिक की मौत हो गई थी। वे रूसी जनरल स्टाफ के मेन ऑपरेशंस निदेशालय में डिप्टी चीफ के पद पर तैनात थे।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
बिहार के राजगीर में एक ही कमरे से मिले 4 शव, बेंगलुरु से घूमने आए थे टूरिस्ट
नालंदा जिले के राजगीर स्थित एक दिगंबर जैन धर्मशाला में शुक्रवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक कमरे से तेज बदबू आने की सूचना पुलिस को दी गई. पुलिस के मौके पर पहुंचते ही जो दृश्य सामने आया, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया. धर्मशाला के कमरे नंबर 6 एबी के अंदर दो पुरुष और दो महिलाओं के शव फंदे से लटके हुए पाए गए.
कई दिनों से बंद था कमरा, बदबू ने खोला राज
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि चारों लोग 31 जनवरी को धार्मिक यात्रा के तहत राजगीर पहुंचे थे. धर्मशाला कर्मचारियों के अनुसार, 2 फरवरी तक उन्हें परिसर में देखा गया था, लेकिन इसके बाद कमरे से कोई हलचल नहीं दिखी. जब कई दिनों तक दरवाजा नहीं खुला और तेज दुर्गंध फैलने लगी, तब प्रबंधन को अनहोनी की आशंका हुई और पुलिस को सूचित किया गया.
बेंगलुरु से जुड़े होने की आशंका
धर्मशाला के इंचार्ज मुकेश जैन ने बताया कि मृतक नेपाल की यात्रा पूरी कर राजगीर आए थे. एक व्यक्ति का आधार कार्ड पुलिस को मिला है, जिसमें नाम जी. आर. नाग प्रसाद और पता बेंगलुरु दर्ज है. बाकी तीन लोगों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस अब मृतकों के परिजनों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
अंदर से बंद था कमरा, साजिश की आशंका भी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कमरा अंदर से बंद था और दरवाजा तोड़कर खोला गया. अंदर चारों शव फंदे से लटके मिले. इस वजह से मामला और भी रहस्यमय हो गया है. पुलिस आत्महत्या, सामूहिक आत्महत्या और किसी संभावित साजिश सभी पहलुओं से जांच कर रही है.
फॉरेंसिक टीम जुटी, कमरा किया गया सील
घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके को घेराबंदी में ले लिया गया है. कमरे को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम साक्ष्य जुटाने में लगी है. कमरे की स्थिति, फंदों की बनावट, और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है.
कॉल डिटेल और CCTV खंगाल रही पुलिस
पुलिस मृतकों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उनकी यात्रा के दौरान वे किन लोगों के संपर्क में थे.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
थाना प्रभारी रमन कुमार सिंह ने बताया कि चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है. रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत कब हुई और सभी की मृत्यु एक ही समय हुई या अलग-अलग.
शांत नगरी में दहशत, कई सवाल कायम
राजगीर जैसी शांत धार्मिक नगरी में इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. सवाल अब भी बने हुए हैं चारों ने यह कदम क्यों उठाया, क्या यह सामूहिक आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश? फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation



















