WhatsApp का नया Parental Control, अब माता-पिता की निगरानी में रहेंगे बच्चों के Accounts
मेटा स्वामित्व WhatsApp अपने यूजर्स को सुविधा देने के लिए नए-नए फीचर्स लेकर आते रहता है। आज के समय में दुनियाभर में करोड़ों लोग WhatsApp का इस्तेमाल कर रहे हैं। कंपनी यूजर्स को बेहतरीन एक्सपीरियंस देने के लिए एक से बढ़कर एक फीचर्स लेकर आती रहती है। अब WhatsApp अपने प्लेटफॉर्म पर नाबालिग यूजर्स की सुरक्षा को बेहतर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। हाल ही रिपोर्ट से पता चला है कि मैसेजिंग ऐप एक नए फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जिसके जरिए माता-पिता अपने बच्चों के अकाउंट की प्राइवेसी और इंटरैक्शन को कंट्रोल कर पाएंगे।
दरअसल, WhatsApp फीचर ट्रैकर WABetaInfo की हालिए रिपोर्ट से पता चला है कि कंपनी 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए Secondary Accounts नाम का नया सिस्टम तैयार कर रहा है। आपको बता दें कि, ये फीचर फिलहाल डेवलपमेंट फेज में है और Android बीटा वर्जन में अलग-अलग रीजन में दिखाई दे सकता है।
समझिए क्या Secondary Account?
साधारण शब्दों में बताए तो Secondary Account खासतौर पर बच्चों और किशोरों के लिए डिजाइन किए जाएंगे। इन खास अकाउंट्स को एक Primary Account से कनेक्ट कर दिया जाएगा, जो कि माता-पिता या अभिभावक का हो सकता है। दोनों अकाउंट्स को एक खास तरह के लिंक के जरिए जोड़ा जाएगा।
पेरेंट्स को मिलेंगे ये कंट्रोल
रिपोर्ट के अनुसार, पैरेंट अकाउंट से बच्चे के अकाउंट की कई गोपनीयता सेटिंग्स को नियंत्रित किया जा सकेगा। प्राइमरी अकाउंट के जरिए यह तय किया जा सकेगा कि बच्चे की प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन और “About” जानकारी कौन देख सकता है। इसके अलावा, रीड रिसीट्स यानी ब्लू टिक को ऑन या ऑफ करने का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
इसके अतिरिक्त, कौन बच्चे को ग्रुप में ऐड कर सकता है इसका कंट्रोल भी पेरेंट्स के पास होगा। हालांकि, पेरेंट्स को बच्चे की एक्टिविटी से जुड़े कुछ अपडेट तो मिलेंगे, लेकिन चैट लिस्ट, कॉल लॉग, मैसेज या कॉल की चैट्स नहीं नजर आएगी।
तुरंत Check करें अपना Wi-Fi Router! कहीं कोई पड़ोसी तो नहीं कर रहा आपका Internet खत्म?
हम सभी के घर में Wi-Fi जरुर लगा है। आज के डिजिटल दौर में इंटरनेट जरुरी हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई से लेकर ऑफिस का काम, ऑनलाइन एंटरटेनमेंट या स्मार्ट डिवाइसेज को कनेक्ट करने तक, सब कुछ इंटरनेट पर ही डिपेंड हो गया है। लेकिन ऐसा देखा कि अच्छा प्लान होने के बाद भी इंटरनेट की स्पीड अचानक से स्लो हो जाती है। कई बार ऐसा भी होता है कि वीडियो भी बार-बार बफर करने लगता है, कॉल ड्रॉप होने लगती है और ऑनलाइन काम में दिक्कत आने लग जाती है। ऐसे में सबके मन में सिर्फ यही सवाल उठता है कि आखिर Wi-Fi स्लो क्यों हो रहा है?
इस बीच टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि Wi-Fi स्लो होने की एक बड़ी वजह कोई अनजान यूजर यानी ऐसे लोग या डिवाइसेज हो सकते हैं, जो बिना आपके जानकारी के आपके नेटवर्क से कनेक्ट हो जाते हैं। इस वजह से न केवल आपके इंटरनेट की रफ्तार कम हो सकती है, बल्कि आपकी ऑनलाइन निजता और डेटा की सुरक्षा भी गंभीर जोखिम में पड़ सकती है। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आपके वाई-फाई नेटवर्क से कौन-कौन से डिवाइस जुड़े हुए हैं।
कैसे पहचानें Wi-Fi से जुड़े हिडन यूजर्स
सबसे पहले आपको अपने भरोसेमंद डिवाइसों की पूरी जानकारी रखनी चाहिए। इसके लिए अपने मोबाइल फोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी आदि सभी डिवाइसों के MAC एड्रेस और IP एड्रेस को कहीं सुरक्षित जगह पर लिखकर रख लें।
- इसके बाद आप Wi-Fi राउटर का IP एड्रेस ब्राउजर में डालकर एडमिन पैनल से लॉग-इन करें।
- फिर राउटर की सेटिंग्स में जाकर ‘Device List’ या ‘DHCP Client List’ सेक्शन ओपन करें।
- अब आपको यहां पर वो सभी डिवाइसेज दिखाई देंगे, जो उस वक्त आपके नेटवर्क से कनेक्टेड हैं।
यदि लिस्ट में कोई ऐसा डिवाइस दिखे, तो इसे पहचान नहीं पा रहे हैं, तो समझ जाइए कि कोई बाहरी यूजर आपके Wi-Fi का यूज कर रहा है। अगर आपको कोई अनजान डिवाइस दिखाई दें तो बिना देर किए अपना Wi-Fi पासवर्ड चेंज कर सकते हैं। इसके लिए अपना पासवर्ड पहले से मजबूत रखें, जिसमें बड़े अक्षर, छोटे अक्षर, नंबर और स्पेशल कैरेक्टर एड ऑन कर दें।
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