तुरंत Check करें अपना Wi-Fi Router! कहीं कोई पड़ोसी तो नहीं कर रहा आपका Internet खत्म?
हम सभी के घर में Wi-Fi जरुर लगा है। आज के डिजिटल दौर में इंटरनेट जरुरी हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई से लेकर ऑफिस का काम, ऑनलाइन एंटरटेनमेंट या स्मार्ट डिवाइसेज को कनेक्ट करने तक, सब कुछ इंटरनेट पर ही डिपेंड हो गया है। लेकिन ऐसा देखा कि अच्छा प्लान होने के बाद भी इंटरनेट की स्पीड अचानक से स्लो हो जाती है। कई बार ऐसा भी होता है कि वीडियो भी बार-बार बफर करने लगता है, कॉल ड्रॉप होने लगती है और ऑनलाइन काम में दिक्कत आने लग जाती है। ऐसे में सबके मन में सिर्फ यही सवाल उठता है कि आखिर Wi-Fi स्लो क्यों हो रहा है?
इस बीच टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि Wi-Fi स्लो होने की एक बड़ी वजह कोई अनजान यूजर यानी ऐसे लोग या डिवाइसेज हो सकते हैं, जो बिना आपके जानकारी के आपके नेटवर्क से कनेक्ट हो जाते हैं। इस वजह से न केवल आपके इंटरनेट की रफ्तार कम हो सकती है, बल्कि आपकी ऑनलाइन निजता और डेटा की सुरक्षा भी गंभीर जोखिम में पड़ सकती है। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आपके वाई-फाई नेटवर्क से कौन-कौन से डिवाइस जुड़े हुए हैं।
कैसे पहचानें Wi-Fi से जुड़े हिडन यूजर्स
सबसे पहले आपको अपने भरोसेमंद डिवाइसों की पूरी जानकारी रखनी चाहिए। इसके लिए अपने मोबाइल फोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी आदि सभी डिवाइसों के MAC एड्रेस और IP एड्रेस को कहीं सुरक्षित जगह पर लिखकर रख लें।
- इसके बाद आप Wi-Fi राउटर का IP एड्रेस ब्राउजर में डालकर एडमिन पैनल से लॉग-इन करें।
- फिर राउटर की सेटिंग्स में जाकर ‘Device List’ या ‘DHCP Client List’ सेक्शन ओपन करें।
- अब आपको यहां पर वो सभी डिवाइसेज दिखाई देंगे, जो उस वक्त आपके नेटवर्क से कनेक्टेड हैं।
यदि लिस्ट में कोई ऐसा डिवाइस दिखे, तो इसे पहचान नहीं पा रहे हैं, तो समझ जाइए कि कोई बाहरी यूजर आपके Wi-Fi का यूज कर रहा है। अगर आपको कोई अनजान डिवाइस दिखाई दें तो बिना देर किए अपना Wi-Fi पासवर्ड चेंज कर सकते हैं। इसके लिए अपना पासवर्ड पहले से मजबूत रखें, जिसमें बड़े अक्षर, छोटे अक्षर, नंबर और स्पेशल कैरेक्टर एड ऑन कर दें।
UPI Alert! कहीं AutoPay आपके बैंक अकाउंट को खाली तो नहीं कर रहा? इस सरकारी Portal से तुरंत रोकें
अक्सर मोबाइल पर अचानक यूपीआई से पैसे कटने का मैसेज आ जाता है और समझ नहीं आता कि पेमेंट कहां गई। न तो आपने कोई ऑनलाइन शॉपिंग की है और न ही किसी को ट्रांसफर किया है। फिर भी पैसे कटने का यह मैसेज कहाँ से आया? अगर आपके साथ भी ऐसा बार-बार हो रहा है, तो इसकी एक वजह आपके यूपीआई अकाउंट से जुड़ा AutoPay सब्सक्रिप्शन हो सकता है, जो तय समय पर अपने आप भुगतान काट लेता है।
कई बार हम ओटीटी ऐप्स, मोबाइल रिचार्ज, म्यूजिक स्ट्रीमिंग या दूसरी डिजिटल सेवाओं के लिए ऑटो-पे चालू कर देते हैं और समय के साथ यह बात दिमाग से निकल जाती है। बाद में जब ध्यान जाता है कि पेमेंट ऑटो-पे से हो रहा है, तब तक अकाउंट से पैसे कट चुके होते हैं। इसलिए ज़रूरी है कि पहले यह समझा जाए कि ऑटो-पे के पीछे काम करने वाला छिपा सिस्टम आखिर है क्या।
क्या है Auto Pay का छुपा खेल?
ऑटो पे की सुविधा यूजर्स की सुविधा को ध्यान में बनाई गई है, हालांकि यह सुविधा कभी-कभी नुकसान का कारण भी बन जाती है। ट्रायल खत्म होने के बाद भी सब्सक्रिप्शन जारी रहता है। बता दें कि, ऑटो पे एक से ज्यादा ऐप पर एक्टिव होने से कई बार तो ध्यान ही नहीं रहता की आखिर ये कहां से पैसे कट रहे हैं। इन सभी चीजों को मिलाकर खर्च काफी बढ़ा सकती हैं। कई लोगों का ध्यान ही नहीं रहता की आखिर ये कहां से पैसे कट रहे हैं। इन सभी चीजों से मिलकर खर्च को काफी बढ़ा सकती हैं। इसके बाद महीने के अंत में कुछ लोगों को ध्यान आता है कि उनके खाते से बेवजह कितने पैसे कट गए हैं लेकिन आप इसे सरकारी पोर्टल की मदद से बहुत आसानी से मैनेज कर सकते हैं, कैसे आइए आपको बताते हैं।
सरकारी पोर्टल से करें पूरा मैनेजमेंट
इसके लिए आप NPCI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इस समस्या का समाधान पेश किया है। इस वेबसाइट के जरिए आफ (https://www.upihelp.npci.org.in) अकाउंट से संबंधित सभी ऑटो पे पेमेंट मैनेज कर सकते हैं। यहां जाकर अपने फोन नंबर से लॉगिन कर लेना है। इसके बाद आपको अलग-अलग यूपीआई एप की सेटिंग में भटकने की जरुरत ही नहीं पडेंगी। बस आपको यूपीआई से जुड़े आपके सभी ऑटो पे एक ही जगह दिख जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, आप यहां से किसी भी ऑटो पे को सीधे रोक या समाप्त कर सकते हैं। यदि आप ऑटो पे को Pause करते हैं, तो वह कुछ समय के लिए अस्थायी रूप से बंद हो जाएगा, जबकि Revoke करने पर संबंधित सब्सक्रिप्शन पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इस तरह आप अपने खाते से बिना जानकारी के हो रही अनचाही कटौतियों को आसानी से रोक सकते हैं।
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