Delhi में हिरासत में लिए गए CPIM नेताओं ने की पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किए। वहीं, केरलमम में पार्टी के नेताओं ने भी उन्हें हिरासत में लिए जाने की निंदा की। हिरासत में लिए जाने के बाद फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए केरलमम विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी को ‘‘खुली जेल’’ में तब्दील कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार सशस्त्र पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात करके विरोध प्रदर्शनों को कुचलने की कोशिश कर रही है। माकपा नेता पी राजीव ने भी हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें ले जा रहे पुलिस वाहन से एक वीडियो बनाया। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारियों के बावजूद भारत में लोकतंत्र को बचाने के लिए प्रदर्शन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘माकपा के सभी केंद्रीय नेताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्हें गिरफ्तार करके जेल जैसी गाड़ी में ले जाया गया है। हम पिछले एक घंटे से इस गाड़ी में हैं।’’ इस बीच, माकपा नेता पी ए मोहम्मद रियास ने फेसबुक पर एक पोस्ट में पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे ‘‘अलोकतांत्रिक’’ बताया।
बेयपोर से विधायक और विजयन के दामाद रियास ने कहा कि अधिकारियों को यह नहीं मानना चाहिए कि पार्टी नेताओं को गिरफ्तार करके वे विरोध प्रदर्शनों को दबा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना लोकतंत्र का बुनियादी अधिकार है और पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष और तेज करेगी। माकपा के वरिष्ठ नेता वी शिवनकुट्टी ने ‘‘हम लेके रहेंगे’’ नारे वाली एक पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा की।
वहीं, माकपा की केरलमम इकाई ने दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ Delhi में प्रदर्शन, Saurabh Bharadwaj ने उठाए भारी फोर्स पर सवाल
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह राष्ट्रीय राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान युवाओं को अपनी आवाज़ उठाने से रोक रही है। भारद्वाज ने कहा कि देश भर से युवा अपने अधिकारों की मांग करने के लिए दिल्ली में इकट्ठा हुए थे। उन्होंने कहा आज देश के हर कोने से युवा अपने अधिकारों की मांग करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी आए हैं। अंग्रेज़ों ने भी ऐसा व्यवहार नहीं किया था। जब गांधीजी ने अंग्रेज़ों से अधिकार मांगने के लिए दांडी मार्च किया था, तो उन्हें मार्च करने की अनुमति दी गई थी। अंग्रेज़ों ने भी अपनी आवाज़ उठाने के अधिकार को माना था। फिर भी, मौजूदा सरकार कहती है कि आप अपनी आवाज़ भी नहीं उठा सकते; आप बोल भी नहीं सकते।
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भारद्वाज ने कहा कि अगर आप इस देश में आवाज़ उठाने की इजाज़त नहीं देते हैं, तो असल में आप अराजकता के बीज बो रहे हैं। सरकार ही इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और पैरामिलिट्री फ़ोर्स तैनात करके यह स्थिति पैदा कर रही है। क्या पाकिस्तान ने हमला किया है? या बांग्लादेश ने? या चीन ने? उन्होंने प्रदर्शनकारियों के बारे में सरकार और उसकी एजेंसियों के आरोपों का भी ज़िक्र किया और सवाल उठाया कि इतनी बड़ी सुरक्षा मौजूदगी की ज़रूरत क्यों पड़ी। उन्होंने कहा आपकी सरकार, आपके मंत्री और आपकी इंटेलिजेंस एजेंसियां दावा करती थीं कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' के समर्थक पाकिस्तानी या बांग्लादेशी हैं। खैर, अगर वे सच में पाकिस्तानी, बांग्लादेशी या विदेशी हैं, तो उनसे इतना डर क्यों है? वे अपने देश में हैं; वे यहाँ नहीं आ सकते। वे देश में कहीं और नहीं जा रहे हैं।" भारद्वाज ने कहा कि प्रदर्शनकारी सुबह से ही गिरफ़्तारी दे रहे हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे, साथ ही उन्होंने कहा कि AAP को हिरासत में लिए जाने से डर नहीं लगता। उन्होंने कहा वे सुबह से ही गिरफ़्तारी दे रहे हैं, और मुझे लगता है कि यह दिन भर चलता रहेगा। हमें गिरफ़्तार होने से डर नहीं लगता।
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