कौन हैं वो 7 कोरियन लड़के जिन पर दिल हार रहीं भारतीय लड़कियां, क्रेज ने पार की हदें..
हाल ही में गाजियाबाद में कोरियन लवर गेम और मोबाइल एडिक्शन के चलते 3 बहनों ने अपनी जिंदगी खत्म की है. कोरियन कल्चर से लेकर कोरियन चीजों के प्रति ये क्रेज कोई नई बात नहीं है बल्कि कोरियन बीटीएस बॉय बैंड के 7 कोरियन लड़कों का भारतीय लड़कियों में जबरदस्त क्रेज है. आइए जानते हैं कौन हैं ये कोरियन लड़के और क्या करते हैं?
मंत्री बोले-कार्यक्रम में नहीं आईं तो लाड़ली-बहनों के नाम कटेंगे:सीहोर में करण सिंह की धमकी, कहा– CEO को कहकर रिपोर्ट भिजवाऊंगा
सीहोर जिले में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इछावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धामंदा में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लाड़ली-बहना योजना की लाभार्थियों को चेतावनी दी कि यदि वे कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगी, तो उनके नाम योजना से काट दिए जाएंगे। मंत्री वर्मा का यह बयान नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान सामने आया। उन्होंने कहा कि ग्राम धामंदा में 894 लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की राशि दी जा रही है, इसके बावजूद सरकारी कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति बेहद कम रहती है। एक दिन सभी बहनों को बुलाएंगे मंत्री ने मंच से कहा कि वे सीईओ से बात कर एक दिन सभी लाड़ली बहनों को बुलाएंगे। यदि उस दिन भी वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं, तो उनकी रिपोर्ट भिजवाकर योजना से नाम कटवाने की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कांग्रेस शासनकाल में महिलाओं को इस तरह की कोई आर्थिक सहायता मिलती थी या नहीं। पीएम दिल्ली से भेज रहे गेहूं मंत्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से गेहूं भेज रहे हैं और किसानों के खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं, लेकिन लोग सरकार की योजनाओं की अहमियत नहीं समझ पा रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने सीहोर जिले के ग्राम नापलाखेड़ी में 56.09 लाख रुपए की लागत से बने नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र और ग्राम धामंदा में 65 लाख रुपए की लागत से निर्मित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का लोकार्पण किया। यह खबर भी पढ़ें ढाई साल में 5.70 लाख घटी लाड़ली बहनों की संख्या मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में ढाई साल के अंतराल में 5 लाख 70 हजार से अधिक महिलाओं के नाम बाहर हो गए हैं। अब इस योजना में पात्र महिलाओं की संख्या 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार ही रह गई है। पढ़ें पूरी खबर
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