Jaipur News: जयपुर में चालान से बचने का नया जुगाड़, गूगल मैप पर दिख रही पुलिस की लोकेशन
Jaipur News: आजकल सोशल मीडिया पर ऐसे कई फोटो-वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें ये दावा किया जा रहा है कि अब Google Map यह भी बता रहा है कि ट्रैफिक पुलिस कहां खड़ी है और यहां चालान कट रहा है. दरअसल, जयपुर में इन दिनों यह नया जुगाड़ काफी पॉपुलर हो रहा है जिसमें लोग कौन से चौराहे पर पुलिस खड़ी है यह चैक कर रही है. क्या है यह मामला, जानिए.
क्या है यह मामला?
दरअसल, जयपुर के मैप में यह बताया जा रहा है कि यहां पुलिस वाले होते हैं, हेलमेट पहनें, चालान कट रहा है. ये मैसेज मैप पर फ्लैश हो रहे हैं, जिससे लोगों ने नया जुगाड़ बना लिया है पुलिस और चालान से बचने का. हालांकि, दावा सही है लेकिन इसका सही इस्तेमाल करने की जगह लोगों ने इसे दूसरे तरीके से अपना लिया है.
सिस्टम की गड़बड़ी या सुरक्षा!
इस मामले की जांच-पड़ताल की गई तो पता लगा कि काफी लोगों के फोन में यह मैसेज दिखाई दे रहा है. प्रशासन ने इसे सुरक्षा के लिहाज से चालू किया था. मगर लोग इस जानकारी का इस्तेमाल पुलिस से बचने के लिए और रास्ता बदलने के लिए कर रहे हैं. ऐसे में जयपुर पुलिस ने भी सवाल खड़े किए है कि यह किस प्रकार से सुरक्षा दी जा रही है.
हो सकती है बड़ी मुसीबत
माना जा रहा है कि अगर गूगल मैप्स पर ऐसे संदेश दिखेंगे तो स्थानीय लोगों को पुलिस से बचने का मौका तो मिलेगा ही लेकिन उससे भी ज्यादा खतरा तब बढ़ेगा जब कोई आपराधिक गैंग रास्ते का इस्तेमाल कर रहा होगा. तस्करी, गुंडे, अपराधी और संदिग्ध लोग भी इस जानकारी को गलत प्रकार से इस्तेमाल करेंगे और शहर से बाहर निकल जाएंगे. ये शहर की सुरक्षा को भी कमजोर कर रहा है. साथ ही बाहर के अपराधियों को भी शहर में प्रवेश करना आसान हो जाएगा.
अन्य राज्यों में भी देखे गए ऐसे मैसेज
बता दें कि गूगल मैप पर सिर्फ जयपुर नहीं बल्कि दूसरे राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश के कई शहरों, गुजरात के शहरों और इंदौर में भी ऐसे मैसेज देखे गए हैं.
Ghaziabad Suicide Case: ‘नहाती तक साथ थी तीनों बहनें’, गाजियाबाद सुसाइड केस में सामने आए चौंकाने वाले एंगल
Ghaziabad Suicide Case: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया है. मामले में एक ही दिन में कई एंगल सामने आए हैं. पुलिस हर एक एंगल की बारीकी से जांच कर रही है. तीनों बहनों की उम्र 12, 14 और 16 साल थी. तीनों लड़कियों कोरियन गेम की एडिक्ट थीं. इस बीच उनके बारे में कई खुलासे हुए हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया कि तीन लड़कियां हर काम साथ में करती थीं. जैसे- खाना-पीना, समय बिताना और यहां तक की नहाना भी. उन्होंने बताया कि स्कूल में फेल होने की वजह से लड़कियां इतना शर्मा गईं थीं कि दो-तीन वर्षों से स्कूल भी नहीं गईं थीं.
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'बीच वाली लड़की खुद को बॉस बताती थी'
उन्होंने बताया था कि घटना के वक्त परिवार सोया हुआ था. मेरी पत्नी अंदर के कमरे में थीं. लड़कियां पानी पीने के लिए उठीं, मोबाइल को हॉल में फेंककर एक कमरे में गईं. उन्होंने दरवाजा लॉक किया और बालकनी से कूद गईं. उन्होंने कहा कि कोरियन गेम में बीच वाली बहन खुद को बॉस बताती थी और बाकी दोनों खुद के फॉलोअर्स कहती थीं.
कोरोना काल में लगी कोरियन गेम की लत
सॉरी मम्मी, सॉरी पापा लिखकर उन्होंने मौत को गले लगा लिया था. बच्चियों के पिता ने पहले ही कोरियन गेम की लत वाली बात कही थी. उन्होंने कहा था कि लड़कियां कोरोना काल में ऑनलाइन कोरियन गेम खेलने की आदी हो गईं. पिता ने बताया था कि पुलिस बच्चों के फोन जांच के लिए ले गई है.
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