कहां लगी सोना बेचने के लिए लंबी कतार, क्या इसकी वजह?
बीते कुछ दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. बाजार में ऐसा समय आया जब एक ग्राम सोने की कीमत अचानक 18,000 रुपये तक पहुंच गई और फिर गिरकर करीब 14,000 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर आ गई. इस अस्थिरता ने निवेशकों को असमंजस में डाल दिया है. हालांकि इसी बीच दुनिया के एक देश में सोना खरीदने से ज्यादा बेचने का चलन तेज हो गया है. यहां लोग लंबी कतार लगाकर सोना बेचने के लिए खड़े हैं. आइए जानते हैं किस देश में ऐसा हो रहा है और इसके पीछे की वजह क्या है?
चीन में 'सोना बेचो, मुनाफा कमाओ' का दौर
सोने की रिकॉर्ड कीमतों का सबसे दिलचस्प असर चीन में देखने को मिल रहा है. यहां लोग इसे निवेश नहीं, बल्कि 'सुनहरा मौका' मानते हुए अपने पुराने गहने बेच रहे हैं। शंघाई के एक प्रमुख मॉल में हाल ही में स्वचालित गोल्ड रीसाइक्लिंग मशीन लगाई गई है, जिसने आम लोगों को सीधे नकद कमाने का रास्ता खोल दिया है.
एटीएम जैसी मशीन, सोना डालो और कैश पाओ
किंगहुड ग्रुप की ओर से लगाई गई यह मशीन बिल्कुल एटीएम की तरह काम करती है. लोग इसमें सोने के गहने, सिक्के या अंगूठियां डालते हैं. मशीन खुद ही सोने का वजन और शुद्धता जांचती है और कुछ ही मिनटों में नकद भुगतान कर देती है. इस सुविधा के कारण मशीन के बाहर घंटों लंबी कतारें लग रही हैं.
विरासत का सोना भी बिकने लगा
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि लोग केवल अतिरिक्त गहने ही नहीं, बल्कि पारिवारिक विरासत का सोना भी बेच रहे हैं. एक 54 वर्षीय महिला अपनी बेटी के जन्म पर खरीदे गए सोने के सिक्के बेचने पहुंची. वहीं एक अन्य महिला अपने दिवंगत पिता से मिली अंगूठी बेच रही थी, जिसकी कीमत अब करीब 10,000 युआन (लगभग 1.3 लाख रुपये) हो चुकी है, जबकि इसे दशकों पहले सिर्फ 1,000 युआन में खरीदा गया था.
पेंशन बढ़ाने का जरिया बना सोना
कई बुजुर्गों और मध्यम वर्ग के लिए यह मशीन पेंशन बढ़ाने का साधन बन गई है. एक व्यक्ति अपने दादाजी की अंगूठी बेचने आया, जिसे 1950-80 के बीच खरीदा गया था। उसका कहना था कि 'जब कीमत इतनी अच्छी मिल रही है, तो इसे संभाल कर रखने से बेहतर है बेच देना.'
दुनिया का सबसे बड़ा खरीदार, अब बन रहा विक्रेता
चीन दुनिया का सबसे बड़ा सोना खरीदार माना जाता है. भारत की तरह वहां भी शादी और जन्म जैसे मौकों पर सोना खरीदा जाता है. लेकिन कीमतों में तेज उछाल ने लोगों को खरीददार से विक्रेता बना दिया है.
भारत पर भी दिख सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन में शुरू हुई यह प्रवृत्ति भारत तक भी पहुंच सकती है. अगर लोग पुराने गहने बेचने लगते हैं, तो इससे बाजार में आपूर्ति बढ़ेगी और सोने की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. बहरहाल सोना फिलहाल सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि तुरंत नकदी का जरिया बनता नजर आ रहा है.
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