ACP Vivek Bhagat का फर्जी वीडियो बनाकर फैलाने का आरोपी Mewat से गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने एसीपी विवेक भगत द्वारा एक महिला का यौन उत्पीड़न करने का फर्जी वीडियो बनाने और उसे प्रसारित करने के आरोप में खुद को स्वतंत्र पत्रकार बताने वाले 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक इंस्टाग्राम पेज चला रहा था जिसपर करीब 24 हजार फोलोअर हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि हरियाणा के पलवल जिले के निवासी नदीम अहमद अमीन को सोमवार को मेवात क्षेत्र से पकड़ा गया और उसके कब्जे से कथित तौर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनाई गई ‘रील’ को प्रसारित करने के लिए इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। उन्होंने कहा कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह घटना दिल्ली पुलिस की छवि खराब करने और सरकार के खिलाफ असंतोष फैलाने की किसी बड़ी पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा है। नयी दिल्ली के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) मंजीत ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आरोपी एक स्वतंत्र पत्रकार होने का दावा करता है और इंस्टाग्राम पर एक पेज चला रहा था, जो अप्रैल में बनाया गया था और इसके लगभग 24,000 फॉलोअर और 1,226 पोस्ट हैं।
पुलिस के अनुसार, फर्जी वीडियो को इस इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से प्रसारित किया गया था और इसे वास्तविक सीसीटीवी फुटेज के रूप में प्रस्तुत किया गया था, जिसमें पुलिस अधिकारी की वर्दी पहने एक व्यक्ति को कथित तौर पर एक महिला के साथ यौन रूप से अनुचित आचरण करते हुए दिखाया गया था। अधिकारी ने कहा, सहायक पुलिस आयुक्त विवेक भगत की तस्वीर, नाम और पदनाम को कथित फुटेज के साथ प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया था और उन्हें घटना में शामिल व्यक्ति के तौर पर दिखाया गया।” नयी दिल्ली जिले के साइबर थाने में चार अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), 353(1)(सी) (सार्वजनिक शरारत के लिए उकसाने वाले बयान), 336(3) (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 336(4) (किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जालसाजी), 340(2) (जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड) और 294 (अश्लील किताबों की बिक्री, आदि) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान इंस्टाग्राम पेज को संचालित करने वाले शख्स की पहचान नदीम अहमद अमीन के रूप में हुई।
अधिकारी ने बताया कि जिस अकाउंट के माध्यम से ‘रील’ प्रसारित की गई थी, वह उसके पास से बरामद मोबाइल फोन पर ‘लॉग इन’ पाया गया, जबकि फर्जी ‘रील’ से जुड़ी सामग्री और एक तस्वीर भी फोन की गैलरी में मिली। गिरफ्तारी के बाद नदीम को अदालत में पेश किया गया और आगे की जांच के लिए पुलिस हिरासत प्राप्त की गई। पुलिस ने कहा कि नदीम ने साकेत के एक मदरसे में पढ़ाई की थी और वह 10वीं कक्षा में फेल हो गया था।
उसके पिता सरकारी शिक्षण संस्थान में उर्दू के शिक्षक थे और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पुलिस ने कहा कि जांचकर्ता वित्त पोषण के स्रोत की जांच कर रहे हैं, और क्या प्रदर्शन के दौरान उकसाने और अराजकता फैलाने के लिए एक बड़ी पूर्व-योजनाबद्ध साजिश रची गई थी, इसकी भी तहकीकात कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की छवि कथित तौर पर खराब करने और सरकार के खिलाफ असंतोष फैलाने के लिए कथित झूठे विमर्श बनाने में शामिल अन्य सोशल मीडिया पेज की भी पहचान की जा रही है।
यह मामला मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार द्वारा सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) भगत पर लगाए गए यौन उत्पीड़न का आरोप लगाए जाने के बीच आया है।
EC मार्च में INDIA गठबंधन के साथ आई BJD, CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग
बीजेडी के सांसद चुनाव आयोग की ओर निकाले गए INDIA ब्लॉक के सांसदों के विरोध मार्च में शामिल हुए। इस मार्च को संसद मार्ग पर रोक दिया गया था। कांग्रेस ने ज़ोर देकर कहा कि केंद्र की बुरी मंशाओं को नाकाम करने के लिए विपक्ष की एकजुटता हर हाल में बनी रहेगी, चाहे मामला वोट चोरी का हो या परिसीमन का। बीजेडी सांसद मानस मंगराज और सुलता देव ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। BJP पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने कहा कि भारतीय झूठ पार्टी के सत्ता से बाहर होने की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इस विरोध प्रदर्शन में BJD के सांसद भी शामिल हुए, जो INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है। BJD सांसद मानस मंगराज और सुलता देव ने इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
इसे भी पढ़ें: MMDR संशोधन से Odisha को भारी राजस्व नुकसान, केंद्र की BJP सरकार पर भड़की BJD
देव ने कहा बीजेडी इस विरोध मार्च में शामिल हो रही है, लेकिन हमारे नेता नवीन पटनायक पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि हम न तो INDIA गठबंधन के साथ हैं और न ही NDA के साथ; हम एक ज़िम्मेदार क्षेत्रीय राजनीतिक दल हैं। गौरतलब है कि विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन परिसर से चुनाव आयोग तक मार्च किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें संसद मार्ग पर रोक दिया। वहां वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। बाद में कई सांसदों को हिरासत में ले लिया गया और बसों में बिठाकर ले जाया गया।
इसे भी पढ़ें: CEC Gyanesh Kumar का इस्तीफा मांगा BJD ने, Form 6 विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के रुख का दिया हवाला
बीजेडी का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा देना चाहिए
सोमवार को ओडिशा की विपक्षी पार्टी बीजेडी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए, क्योंकि उन्होंने "झूठ" बोला था कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) के दौरान फ़ॉर्म 6 में बदलाव को सुप्रीम कोर्ट ने मंज़ूरी दी थी। इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने फ़ॉर्म 6 में किसी भी बदलाव को मंज़ूरी नहीं दी है। यह एक ऐसा एप्लीकेशन फ़ॉर्म है जिसके ज़रिए कोई व्यक्ति वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करने के लिए आवेदन करता है और चुनाव आयोग (EC) अलग-अलग राज्यों में SIR के दौरान इसका इस्तेमाल कर रहा है। इस बीच, EC ने 26 सितंबर को एक बयान जारी कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में SIR से जुड़े मई 2026 के फ़ैसले में फ़ॉर्म 6 के डिक्लेरेशन को सही ठहराया था। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की BJD की मांग को दोहराते हुए, BJD नेता लेखाश्री सामंतसिंघार ने कहा कि ओडिशा समेत पूरे देश के लोगों का EC से भरोसा उठ गया है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi







