भारतीय इतिहास की वो प्रतिज्ञा जिसने बदल दिया भारत का भूगोल और इतिहास, आचार्य चाणक्य ने क्यों खोल दी थी अपनी शिखा?
Acharya chanakya story: आचार्य चाणक्य के अपनी शिखा (चोटी) खोलने और नंद वंश के विनाश की प्रतिज्ञा लेने का प्रकरण भारतीय इतिहास की एक अत्यंत प्रभावशाली घटना है. यह केवल एक व्यक्तिगत अपमान का बदला नहीं था, बल्कि राष्ट्र की अखंडता और धर्म की स्थापना का संकल्प था. यह वही संकल्प था जो बाद में सिद्धि को प्राप्त हुआ और आचार्य चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य को अखंड भारत की स्थापना करने में सफलता प्राप्त हुई. परन्तु इसकी नींव तो आचार्य चाणक्य के शिखा खोलने और उनके प्रतिज्ञा लेने की घटना के साथ ही पड़ चुकी थी. आइए जानते हैं यह पूरा प्रकरण.
फरवरी में बस्तर का ये प्लेस बना विदेशी टूरिस्टों की पहली पसंद, भूल नहीं पाएंगे खूबसूरती
Tourists favorite place : बस्तर के प्रसिद्ध तीरथगढ़ जलप्रपात में हर साल लाखों पर्यटक प्रकृति की खूबसूरती देखने पहुंचते हैं. कांगेर वैली में स्थित इस जलप्रपात के पास अब पर्यटकों के ठहरने के लिए कांगेर वाइब रिसॉर्ट शुरू हो गया है, जहां किफायती दरों पर सुविधायुक्त कमरे और रेस्टोरेंट उपलब्ध हैं. यहां बस्तर के पारंपरिक व्यंजन जैसे लाल चींटी की चटनी, आमट, केउ कांदा चटनी और चाउर भाजा का स्वाद लिया जा सकता है. यह रिसॉर्ट स्थानीय युवाओं द्वारा संचालित है, जिससे पर्यटन के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं.
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