FlyDubai Flight Attack | रेड फ्लैग के बावजूद कॉकपिट में कैसे पहुँचा हमलावर? JD Vance फ्लाईदुबई सुरक्षा चूक पर उठाए गंभीर सवाल
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई (FlyDubai) की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला करने वाला ओमान का को-पायलट हमम अल-हम्मामी पहले से ही एक सुरक्षा खतरे के रूप में चिह्नित (Flagged) था। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वैश्विक विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं कि जिस व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों के कारण पहले ही उड़ान भरने से रोका गया था, उसे दोबारा पैसेंजर जेट की कमान कैसे सौंप दी गई।
वेंस की यह टिप्पणी उन खबरों के बाद आई है जिनमें कहा गया है कि ओमान के अधिकारियों ने पहले अल-हम्ममी के व्यवहार को लेकर चिंता जताई थी और उसे उड़ान भरने की ड्यूटी से हटा दिया था। इसके बावजूद, बाद में उसे फ्लाईदुबई ने नौकरी पर रखा और दुबई-तेल अवीव रूट समेत पैसेंजर उड़ानों के लिए तैनात किया।
सोमवार को अलास्का रवाना होने से पहले वेंस ने पत्रकारों से कहा, "इस कहानी में दिलचस्प बात यह है कि हमें पता था कि वह व्यक्ति समस्याग्रस्त था -- मेरा मतलब अमेरिकी खुफिया एजेंसी से नहीं है -- लेकिन अगर आप ऐतिहासिक रूप से देखें, तो उस व्यक्ति को एयरलाइन में उड़ान नहीं भरनी चाहिए थी।"
'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' के अनुसार, ओमान के अधिकारियों ने पहले 29 वर्षीय व्यक्ति की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की थी और निष्कर्ष निकाला था कि कट्टरपंथी विचारधारा में उसकी रुचि ओमान एयर के लिए उड़ान भरने की उसकी उपयुक्तता को लेकर चिंता पैदा करती है, जहां उसने काम किया था। अखबार ने मामले से परिचित लोगों का हवाला देते हुए बताया कि इसके बाद अल-हम्ममी पर उड़ान भरने पर रोक लगा दी गई और उसे डेस्क जॉब पर भेजने से पहले एक डी-रेडिकलाइजेशन प्रोग्राम (कट्टरपंथ-विरोधी कार्यक्रम) से गुजरना पड़ा। लेकिन जब वह दूसरी एयरलाइन में गया तो जाहिर तौर पर वे चिंताएं उसके साथ नहीं गईं।
मामले से परिचित लोगों ने WSJ को बताया कि ओमान ने अल-हम्ममी के बारे में अपनी चिंताएं अन्य अधिकारियों या एयरलाइनों के साथ साझा नहीं कीं। जब फ्लाईदुबई ने इस साल फरवरी में उसे नौकरी पर रखा, तो एयरलाइन ने जाहिर तौर पर उसके पिछले रोजगार के इतिहास की जांच के लिए ओमान से संपर्क नहीं किया।
वेंस ने विमानन सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताईं
वेंस ने कहा कि इस घटना ने अमेरिकी प्रशासन को अपनी विमानन सुरक्षा प्रक्रियाओं पर बारीकी से विचार करने के लिए प्रेरित किया है, खासकर इस बात पर कि अधिकारी कैसे तय करते हैं कि कोई व्यक्ति यात्री विमान उड़ाने के लिए उपयुक्त है या नहीं।
उन्होंने कहा, "हम निश्चित रूप से अमेरिका के भीतर अपनी प्रक्रियाओं पर गौर कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जो लोग स्पष्ट रूप से उड़ान के लिए जोखिम हैं, वे विमान के कॉकपिट में न पहुंचें।" अमेरिका में विदेशी पायलटों के काम करने के बारे में पूछे जाने पर, वेंस ने कहा कि अधिकारियों को देश में आने वाले लोगों पर बारीकी से नज़र रखने और यह पता लगाने की ज़रूरत है कि क्या वे सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। उन्होंने 11 सितंबर के हमलों का ज़िक्र करते हुए कहा कि अमेरिका ने पहले ऐसे लोगों को देश में आने दिया था, जिन्हें "यहां नहीं होना चाहिए था और निश्चित रूप से उन्हें विमान नहीं उड़ाना चाहिए था"।
फ्लाईदुबई की घटना में ईरान की संभावित भूमिका के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए वेंस ने कहा कि उन्हें कोई ठोस सबूत नहीं मिला है और वह इस मामले में अमेरिकी खुफिया अधिकारियों की बात मानेंगे।
वेंस ने कहा, "ईरान की भूमिका के बारे में, मैं जॉन रैटक्लिफ और कुछ खुफिया अधिकारियों की राय पर भरोसा करूंगा। मैं इस बारे में किसी भी घोषणा से पहले कुछ नहीं कहना चाहता। हम निश्चित रूप से इस मामले को देख रहे हैं, लेकिन मैं यह नहीं कहूंगा कि मुझे अभी तक कोई ठोस सबूत मिला है।"
फ्लाईदुबई FZ1073 में क्या हुआ था?
सुरक्षा से जुड़े ये सवाल 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई एक बड़ी घटना के बाद उठे हैं। बोइंग 737 मैक्स 8 विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था, तभी अल-हम्ममी ने कॉकपिट के अंदर कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। बाद में इज़राइली और यूएई अधिकारियों ने इस घटना को आतंकवादी हमले की कोशिश बताया।
अल-हम्ममी ने हाथापाई के दौरान कॉकपिट की इमरजेंसी क्रैश कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया और विमान पर कब्ज़ा करने की कोशिश की। इस टकराव के कारण विमान तेज़ी से नीचे की ओर जाने लगा। विमान ने 30 सेकंड से भी कम समय में 16,000 फीट से ज़्यादा ऊंचाई खो दी, जिसके बाद वह संभला और उसने सामान्य आपात स्थिति और गैर-कानूनी दखल का संकेत देने वाले इमरजेंसी सिग्नल भेजे।
विमान में 174 लोग सवार थे, जिनमें से ज़्यादातर इज़राइली यात्री थे। हमले के दौरान मच्छार घायल हो गए, लेकिन वे कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्री आगे आए और अल-हम्ममी को काबू करने में मदद की। उसी फ्लाइट में यात्रा कर रहे फ्लाईदुबई के दो पायलटों ने, जो उस समय ड्यूटी पर नहीं थे, विमान का नियंत्रण संभाला और उसे सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा।
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Yami Gautam के 8 करोड़ रुपये के 100 साल पुराने हिमाचली हेरिटेज होम की खूबसूरत झलक, 25 एकड़ में फैला ऑर्गेनिक गार्डन और ग्रीनहाउस
बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम अक्सर अपनी हिमाचली जड़ों और संस्कृति के प्रति अपने लगाव को लेकर चर्चा में रहती हैं। बचपन में शिमला में अपनी नानी के घर गर्मियों की छुट्टियां बिताने वाली यामी अब अपने पति, फिल्म निर्देशक आदित्य धर और बेटे वेदाविद के साथ मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर हिमाचल प्रदेश के अपने खूबसूरत आशियाने में समय बिता रही हैं। मंडी जिले के गोहर में स्थित यामी का यह घर कोई साधारण विला नहीं, बल्कि 100 साल पुराना एक पारंपरिक हेरिटेज होम है, जो 25 एकड़ की विशाल भूमि पर फैला हुआ है।
8 करोड़ रुपये की कीमत और भावुक जुड़ाव: क्यों खास है यह संपत्ति?
यामी ने मंडी के गोहर में 25 एकड़ ज़मीन के साथ 100 साल पुराना हेरिटेज घर खरीदा था। लकड़ी और पत्थर से बनी यह प्रॉपर्टी ऑर्गेनिक किचन गार्डन से घिरी हुई है, जहाँ यह कपल सेब, आलू, आलूबुखारा और अदरक उगाता है। यामी और आदित्य ने जून 2021 में हिमाचल वाली इसी प्रॉपर्टी पर शादी की थी, जिससे यह उनकी पर्सनल ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया है।
यामी गौतम मंडी के पास 25 एकड़ की ज़मीन पर बने 100 साल पुराने हेरिटेज घर की मालकिन हैं। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रॉपर्टी की कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये है। ETimes के अनुसार, यह हेरिटेज प्रॉपर्टी 2016 में बिक्री के लिए आई थी। इसके पिछले मालिक शुरू में इसे किसी और खरीदार को बेचने पर विचार कर रहे थे। हालाँकि, आखिरकार उन्होंने 'हक' (Haq) एक्ट्रेस को चुना, क्योंकि उन्हें भरोसा था कि वह उनके पुश्तैनी घर को संभालकर रखेंगी और उसकी देखभाल करेंगी।
खबरों के मुताबिक, यामी के लिए यह प्रॉपर्टी खरीदना इन्वेस्टमेंट के नज़रिए से ज़्यादा इमोशनल जुड़ाव की वजह से था। हालाँकि गौतम चंडीगढ़ में पली-बढ़ीं, लेकिन जैसा कि पहले बताया गया है, उन्होंने अपनी गर्मियों की छुट्टियां शिमला में अपनी नानी के घर बिताई थीं। इस तरह, हिमाचल प्रदेश के साथ उनका जुड़ाव बचपन से ही रहा है।
यामी अक्सर सोशल मीडिया पर अपने हिमाचल वाले घर और खेत की झलकियां शेयर करती रहती हैं। यह प्रॉपर्टी उन्हें बड़े शहरों की ज़िंदगी से ब्रेक देती है और अब उन्हें ज़्यादा समय तक प्रकृति के करीब रहने का मौका देती है।
उन्होंने घर पर बने सिंपल वेलनेस ड्रिंक्स, जैसे हल्दी का पानी, का मज़ा लेते हुए अपने वीडियो भी शेयर किए हैं। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घर पारंपरिक हिमाचली आर्किटेक्चर पर बना है। इसमें पत्थर और लकड़ी का काफी इस्तेमाल किया गया है, साथ ही इसकी छत ढलान वाली है और खिड़कियां अंदर की तरफ बनी हैं। घर का इंटीरियर सिंपल है और इसमें आजकल की लग्ज़री चीज़ें, जैसे फर्श से छत तक कांच की खिड़कियां और बहुत महंगे फ़र्नीचर, नहीं हैं।
घर के अंदर पुरानी लकड़ी की बीम का दिखना इसकी सबसे खासियतों में से एक है। गर्म, नैचुरल रंग और लकड़ी का काम इस प्रॉपर्टी को एक देहाती और घर जैसा एहसास देते हैं। बताया जाता है कि इस प्रॉपर्टी की कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये है।
इस प्रॉपर्टी में एक बड़ा हरा-भरा इलाका भी है। ETimes की रिपोर्ट के मुताबिक, यामी ने इस प्रॉपर्टी पर एक ग्रीनहाउस और एक ऑर्गेनिक गार्डन बनाया है। कहा जाता है कि वह इस प्रॉपर्टी पर प्लम और नींबू जैसे फल उगाती हैं।
यामी और आदित्य की बात करें तो, इस कपल ने मई 2024 में अपने बेटे वेदाविद का स्वागत किया।
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